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गोशाला में ठंड से 9 गोवंश की गई जान
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। गांव कुमासपुर की गोशाला में गोवंश की मौत का मामला अभी थमा भी नहीं है कि गांव ठसका में संचालित गोशाला में सुविधाओं का अभाव में 9 गोवंश की मौत हो गई। शनिवार की रात को ठंड के चलते दो गायों व सात बछड़ों की मौत हो गई। रविवार को सूचना मिलने पर गोसेवक मौके पर पहुंचे और मृत पशुओं को दफनाया गया। गोसेवकों ने प्रशासन से यहां सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
गांव ठसका में करीब पांच माह पहले गोशाला शुरू की गई थी। गोहाना नगर परिषद द्वारा भी शहर के बेसहारा पशुओं को पकड़ कर इसी गोशाला में छोड़ा जाता है। गोशाला का संचालन गांव ठसका के ग्रामीणों के साथ मुख्य रूप से नगरपरिषद कर रही है। गो सेवा दल गोहाना के अध्यक्ष शुभम लोहिया के अनुसार इस गोशाला में एक ही शैड है। यहां चारे का भी उचित प्रबंध नहीं है। निखिल बंसल कहा कि गोशाला में पशुओं के सर्दी से बचाव के लिए कम से कम दो और शैडों की जरूरत है। सुविधा के अभाव में ठंड में यहां पशु लगातार दम तोड़ रहे हैं। रविवार रात को गोशाला में दो गायों व सात बछड़ों की मौत हो गई। नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने कहा कि गोशाला का निर्माण ग्राम पंचायत ठसका अपनी जमीन पर करवा रही है लेकिन संचालन नगरपरिषद गोहाना करेगी। गोशाला में फिलहाल एक शैड है जिसका निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा गरवाया गया था और दूसरे शैड का निर्माण भी ग्राम पंचायत द्वारा ही करवाया जाना है। नगर परिषद जितने पशु गोशाला में छोड़ती है उनकी देखभाल व चारे का प्रबंध किया जाना चाहिए।
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गोहाना। गांव कुमासपुर की गोशाला में गोवंश की मौत का मामला अभी थमा भी नहीं है कि गांव ठसका में संचालित गोशाला में सुविधाओं का अभाव में 9 गोवंश की मौत हो गई। शनिवार की रात को ठंड के चलते दो गायों व सात बछड़ों की मौत हो गई। रविवार को सूचना मिलने पर गोसेवक मौके पर पहुंचे और मृत पशुओं को दफनाया गया। गोसेवकों ने प्रशासन से यहां सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
गांव ठसका में करीब पांच माह पहले गोशाला शुरू की गई थी। गोहाना नगर परिषद द्वारा भी शहर के बेसहारा पशुओं को पकड़ कर इसी गोशाला में छोड़ा जाता है। गोशाला का संचालन गांव ठसका के ग्रामीणों के साथ मुख्य रूप से नगरपरिषद कर रही है। गो सेवा दल गोहाना के अध्यक्ष शुभम लोहिया के अनुसार इस गोशाला में एक ही शैड है। यहां चारे का भी उचित प्रबंध नहीं है। निखिल बंसल कहा कि गोशाला में पशुओं के सर्दी से बचाव के लिए कम से कम दो और शैडों की जरूरत है। सुविधा के अभाव में ठंड में यहां पशु लगातार दम तोड़ रहे हैं। रविवार रात को गोशाला में दो गायों व सात बछड़ों की मौत हो गई। नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने कहा कि गोशाला का निर्माण ग्राम पंचायत ठसका अपनी जमीन पर करवा रही है लेकिन संचालन नगरपरिषद गोहाना करेगी। गोशाला में फिलहाल एक शैड है जिसका निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा गरवाया गया था और दूसरे शैड का निर्माण भी ग्राम पंचायत द्वारा ही करवाया जाना है। नगर परिषद जितने पशु गोशाला में छोड़ती है उनकी देखभाल व चारे का प्रबंध किया जाना चाहिए।
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