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अनदेखी : यमुना में अवैध बांध, पुल और सड़क बनाकर रेत खनन
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सोनीपत। एनजीटी भले ही यमुना में अस्थाई बांध, पुल और सड़क बनाने को लेकर काफी सख्त हो, लेकिन यमुना में अवैध बांध बनाने के साथ ही पुल व सड़क भी बना दिए गए है। ठेकेदारों ने रेत खनन करने के लिए यह सभी अवैध काम किए है और प्रशासन व खनन विभाग के अफसरों से मिलकर यह पूरा खेल चल रहा है। यह खेल चंदौली, जैनपुर टिकौला, ग्यासपुर, असदपुर, बड़ौली में चल रहा है। जिनमें से चंदौली व बड़ौली में अवैध रूप से यमुना पर बांध बनाकर धार को बदल दिया गया है तो बड़ौली में यमुना में अवैध रूप से पुल भी बनाया गया है। जैनपुर टिकौला में खनन ठेकेदारों ने यमुना के अंदर तक सड़क बना डाली है। इसके अलावा पिछले माह तक बकाया 311 करोड़ रुपये में एक रुपया भी जमा नहीं कराया गया है और उसके बावजूद अफसरों की ओर से खनन करने की खुली छूट मिली हुई है। इस मामले में ग्रामीणों व पूर्व पार्षद ने जुलूस निकालकर डीसी कार्यालय पर हंगामा करने की चेतावनी दी।
बांध और पुलों का धड़ल्ले से हो रहा निर्माण
पहले केवल चंदौली में रेत खनन करने के लिए यमुना के अंदर बांध बनाया गया था लेकिन वहां प्रशासन व खनन विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर खनन ठेकेदारों के हौसले बढ़ गए है और अब बड़ौली में नया बांध बनाने के साथ ही वहां पुल भी बना दिया गया है। इस तरह से यमुना की धार बदलने के साथ ही पूरा स्वरूप बदल दिया गया है। इसके अलावा जैनपुर टिकौला में खनन ठेकेदारों ने यमुना के अंदर ही ईंट व पत्थर डालकर अस्थाई रास्ता बना डाला। यमुना में इस तरह से खेल होने के बावजूद प्रशासन व खनन विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है और सरकार की साख को बट्टा लग रहा है।
इन क्षेत्रों में नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
चंदौली, जैनपुर टिकौला, ग्यासपुर, असदपुर, बड़ौली में नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन करने के साथ ही रेत से भरे ओवरलोड ट्रकों को यमुना के बांध से निकाला जा रहा है, जबकि यमुना के बांध को इस्तेमाल करने की अनुमति दो ठेकेदारों के पास है।
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यमुना में पानी आते ही गांवों में बाढ़ का खतरा
जिस तरह से खनन ठेकेदारों ने अवैध रूप से यमुना में बांध, पुल व सड़क बना डाले है, उससे यमुना में पानी आने पर सबसे ज्यादा आसपास के गांवों का खतरा है। यमुना में पानी आने पर बांध बना होने से पानी गांवों की ओर बढ़ता है और पिछले साल भी पानी आने पर फसल डूबने के साथ ही गांवों में घुस गया था। उस समय किसी तरह से स्थिति को संभाला गया था।
खनन ठेकेदारों पर 311 करोड़ बकाया, अफसर दबाकर बैठे फाइल
खनन ठेकेदारों जहां यमुना में अवैध रूप से अस्थाई निर्माण करने में लगे है, वहीं सरकार के 311 करोड़ रुपये भी दबाकर बैठे हुए है। खनन ठेकेदारों पर यह राशि एक महीना पहले तक बकाया था, जिसमें से फूटी कौड़ी भी जमा नहीं कराई गई है। खनन विभाग के अधिकारियों की ठेकेदारों से मिलीभगत का इस बात से पता चलता है कि इन 311 करोड़ रुपये को दबाकर बैठने के बावजूद खनन कराया जा रहा है। जबकि नियमों के अनुसार इतनी मोटी राशि बकाया होने पर खनन नहीं करा सकते।
जुलूस निकालकर डीसी कार्यालय पर हंगामे की चेतावनी
यमुना में जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन किया जा रहा है, उसके खिलाफ पूर्व पार्षद संजय बड़वासनियां के साथ ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय पर हंगामा कर शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। संजय बड़वासनियां ने कहा कि इस मामले में अब शहर में जुलूस निकालकर प्रशासन की पोल खोली जाएगी और डीसी कार्यालय पर हंगामा किया जाएगा।
खनन विभाग के रिकॉर्ड में एक माह पहले तक बकाया रुपया
कंपनी बकाया
लेरोन कंसलटेंट चंदौली 15 करोड़ 10 लाख
जेलकोवा बिल्डन असदपुर 12 करोड़ 51 लाख
टेक्रो एक्सपोर्ट बड़ौली 41 करोड़ 92 लाख
संगम इंफ्रा बड़ौली 31 करोड़ 66 लाख
अल्टीमेट ग्रुप ग्यासपुर 117 करोड़ 99 लाख
मलिक बिल्डकोन मिमारपुर 23 करोड़ 89 लाख
डीएसपी एसोसिएट टिकौला 2 करोड़ 5 लाख
आनंद सिंह टिकौला 15 करोड़ 19 लाख
श्याम जैना जैनपुर 12 करोड़ 36 लाख
योद्धा माइंस जैनपुर 22 करोड़ एक लाख
चैरीटीज रिअल बड़ौली 16 करोड़ 27 लाख
यमुना में बांध, पुल व सड़क बनाने की जानकारी नहीं है। इस बारे में अब जानकारी मिली है तो वहां जांच करके कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार किश्त क्यों जमा नहीं कर रहे है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
-मंजीत कुमार, खनन निरीक्षक।
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बांध और पुलों का धड़ल्ले से हो रहा निर्माण
पहले केवल चंदौली में रेत खनन करने के लिए यमुना के अंदर बांध बनाया गया था लेकिन वहां प्रशासन व खनन विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर खनन ठेकेदारों के हौसले बढ़ गए है और अब बड़ौली में नया बांध बनाने के साथ ही वहां पुल भी बना दिया गया है। इस तरह से यमुना की धार बदलने के साथ ही पूरा स्वरूप बदल दिया गया है। इसके अलावा जैनपुर टिकौला में खनन ठेकेदारों ने यमुना के अंदर ही ईंट व पत्थर डालकर अस्थाई रास्ता बना डाला। यमुना में इस तरह से खेल होने के बावजूद प्रशासन व खनन विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है और सरकार की साख को बट्टा लग रहा है।
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इन क्षेत्रों में नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
चंदौली, जैनपुर टिकौला, ग्यासपुर, असदपुर, बड़ौली में नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन करने के साथ ही रेत से भरे ओवरलोड ट्रकों को यमुना के बांध से निकाला जा रहा है, जबकि यमुना के बांध को इस्तेमाल करने की अनुमति दो ठेकेदारों के पास है।
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यमुना में पानी आते ही गांवों में बाढ़ का खतरा
जिस तरह से खनन ठेकेदारों ने अवैध रूप से यमुना में बांध, पुल व सड़क बना डाले है, उससे यमुना में पानी आने पर सबसे ज्यादा आसपास के गांवों का खतरा है। यमुना में पानी आने पर बांध बना होने से पानी गांवों की ओर बढ़ता है और पिछले साल भी पानी आने पर फसल डूबने के साथ ही गांवों में घुस गया था। उस समय किसी तरह से स्थिति को संभाला गया था।
खनन ठेकेदारों पर 311 करोड़ बकाया, अफसर दबाकर बैठे फाइल
खनन ठेकेदारों जहां यमुना में अवैध रूप से अस्थाई निर्माण करने में लगे है, वहीं सरकार के 311 करोड़ रुपये भी दबाकर बैठे हुए है। खनन ठेकेदारों पर यह राशि एक महीना पहले तक बकाया था, जिसमें से फूटी कौड़ी भी जमा नहीं कराई गई है। खनन विभाग के अधिकारियों की ठेकेदारों से मिलीभगत का इस बात से पता चलता है कि इन 311 करोड़ रुपये को दबाकर बैठने के बावजूद खनन कराया जा रहा है। जबकि नियमों के अनुसार इतनी मोटी राशि बकाया होने पर खनन नहीं करा सकते।
जुलूस निकालकर डीसी कार्यालय पर हंगामे की चेतावनी
यमुना में जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन किया जा रहा है, उसके खिलाफ पूर्व पार्षद संजय बड़वासनियां के साथ ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय पर हंगामा कर शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। संजय बड़वासनियां ने कहा कि इस मामले में अब शहर में जुलूस निकालकर प्रशासन की पोल खोली जाएगी और डीसी कार्यालय पर हंगामा किया जाएगा।
खनन विभाग के रिकॉर्ड में एक माह पहले तक बकाया रुपया
कंपनी बकाया
लेरोन कंसलटेंट चंदौली 15 करोड़ 10 लाख
जेलकोवा बिल्डन असदपुर 12 करोड़ 51 लाख
टेक्रो एक्सपोर्ट बड़ौली 41 करोड़ 92 लाख
संगम इंफ्रा बड़ौली 31 करोड़ 66 लाख
अल्टीमेट ग्रुप ग्यासपुर 117 करोड़ 99 लाख
मलिक बिल्डकोन मिमारपुर 23 करोड़ 89 लाख
डीएसपी एसोसिएट टिकौला 2 करोड़ 5 लाख
आनंद सिंह टिकौला 15 करोड़ 19 लाख
श्याम जैना जैनपुर 12 करोड़ 36 लाख
योद्धा माइंस जैनपुर 22 करोड़ एक लाख
चैरीटीज रिअल बड़ौली 16 करोड़ 27 लाख
यमुना में बांध, पुल व सड़क बनाने की जानकारी नहीं है। इस बारे में अब जानकारी मिली है तो वहां जांच करके कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार किश्त क्यों जमा नहीं कर रहे है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
-मंजीत कुमार, खनन निरीक्षक।