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Sonipat: जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की गई थी जान, पकड़ी गई थी शराब बनाने की अवैध फैक्टरी
Wed, 23 Nov 2022 01:39 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 23 Nov 2022 01:39 AM IST
सार
जहरीली शराब बनाने की फैक्टरी सोनीपत के नैना ततारपुर में पकड़ी गई थी। अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई थी। एक के बाद एक 29 लोग काल का ग्रास बने थे। कई की आंखों की रोशनी चली गई थी। सस्ते के चक्कर में फैक्टरी में जहरीली शराब बना डाली थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना में शराब पीने से एक साथ चार लोगों की मौत होने व चार की हालत बिगड़ने से एक बार फिर से सोनीपत में दो साल पहले जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का घटनाक्रम लोगों के जहन में आ गया है। दो साल पहले सोनीपत में 29 लोगों को जहरीली शराब पीने से अपनी जान गंवानी पड़ी थी। शराब को अवैध रूप से बनाने, जिले में बिक्री करने और दूसरे राज्यों में तस्करी करने के मामले सोनीपत में सामने आते रहते हैं। सस्ते के चक्कर में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से होती है।
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नवंबर, 2020 में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक 29 लोगों की जान चली गई थी। यहां तक की कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई थ। जिसके बाद पुलिस ने जांच की थी तो पता लगा था कि अवैध शराब को बनाने में शराब जहरीली बन गई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच की थी तो 5 नवंबर, 2020 को गांव नैना-ततारपुर में अवैध शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी।
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इसका संचालन विजय कर रहा था। वह शहर के सेक्टर-23 में रहने लगा था और गांव में अपने घर में नकली शराब तैयार कराता था। इस शराब फैक्टरी से रात में आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई होती थी। पुलिस को उसके घर पर तलाशी लेने में दो ड्रम जहरीली शराब, 254 बोतल तैयार रसीला संतरा, एक थर्मामीटर, केमिकल, सील लगाने की मशीन, वाटर पंप, तीन कैन, तीन खाली ड्रम, चार हजार बोतल के ढक्कन, पांच सिरिंज व सफेद पाइप मिले थे।
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शराब को ज्यादा नशीली व सस्ती बनाने के चक्कर में सस्ता केमिकल खरीद लिया जाता है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में प्रयोग होने वाला मिथाइल अल्कोहल सप्लाई में आ गया। इसको उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र से लाया गया था। इसको मिलाने पर रासायनिक क्रिया हुई और मिथाइल अल्कोहल का मिथाइल पैराथियान बन गया।
मिथाइल पैराथियान एक तीव्र कीटनाशक होता है, जिसका प्रयोग बागवानी में कीटों के नियंत्रण के लिए किया जाता है। इसमें अल्कोहल जैसा स्वाद होता है। इसको पीने से दो से पांच दिन में व्यक्ति की मौत हो जाती है।
सोनीपत से दूसरे प्रदेशों में होती है अवैध शराब की सप्लाई
सोनीपत से अवैध शराब की सप्लाई बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और गुजरात तक की जाती है। शराब तस्कर भूपेंद्र गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई करने में नामजद रहा है। वहीं शराब माफिया के तार डिस्टिलरी तक से जुडे़ पाए गए थे। पुलिस ने शराब तस्करों को दूध के टैंकर और चैंबर बनाए गए ट्रकों में छिपाकर शराब ले जाते हुए भी पकड़ा है।
50 से ज्यादा स्थानों पर होती थी अवैध शराब की बिक्री
अवैध शराब की सप्लाई में 2020 में पकड़े गए सतपाल ने शहर में आठ युवक लगा रखे थे। वह दिन छिपते ही स्कूटी से शराब की सप्लाई शुरू कर देते थे। दूर-दराज के क्षेत्रों में सप्लाई कार से लड़के द्वारा की जाती थी। शहर में अवैध शराब की औसतन 50 पेटी रोजाना की सप्लाई होती थी। सतपाल और उसके साथ सप्लाई करने वाले बाघडू के रणवीर ने अवैध शराब की बिक्री वाले 50 स्थानों की जानकारी दी थी। साथ ही पता लगा था कि अवैध शराब की बिक्री ठेकों से भी होती थी। ठेकों पर शाम के समय अवैध शराब की बिक्री कराते थे। उसने पुलिस को ऐसे शराब ठेकों की जानकारी भी दी थी।