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कृषि मंत्रालय में कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच युवाओं से 26 लाख हड़पे

Sun, 17 Mar 2019 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:33 AM IST
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कृषि मंत्रालय में कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच युवाओं से 26 लाख हड़पे
कृषि मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 26 लाख हड़पे
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शहर के आईटीआई चौक स्थित प्रीत विहार के रहने वाले युवक ने अपने परिचित व एक अन्य पर पूसा संस्थान कृषि मंत्रालय में कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलवाने के नाम पर 26 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। आरोप है कि उसे व उसकी बहन समेत पांच युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे हड़पे गए। इतना ही नहीं युवक का फर्जी तरीके से मेडिकल कराने के बाद उसका फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र भी बनवा दिया। जब उसे मामले का पता लगा तो एसपी को शिकायत दी गई। एसपी के निर्देश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रीत विहार निवासी रवि ने पुलिस को बताया कि उसका रिश्ते में चाचा दिल्ली के बलजीत नगर का रहने वाला सज्जन उनके घर आया था। उसने कहा था कि उसकी दिल्ली में नेताओं से जान पहचान है। वह दिल्ली के पूसा स्थित कृषि मंत्रालय में कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलवा सकता है। जिस पर रवि, उसकी बहन रेनू, चचेरे भाई नवीन तथा दो अन्य को नौकरी दिलवाने की बात की थी। जिसकी एवज में सज्जन व उसके परिचित दिल्ली के गांव दसघरा निवासी सुभाष नागर को वर्ष 2017 में 26 लाख रुपये दिए थे। रवि का आरोप है कि उसका मेडिकल कराया गया। साथ ही उसे नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र भी दिया गया। बाद में जब वह नियुक्ति के लिए पहुंचा तो सच्चाई का पता लगा। उसने जब सज्जन सिंह को पैसे वापस देने को कहा तो वह बहकाता रहा। उसे जल्द पैसे लौटाने की बात कही गई। जब पैसे नहीं दिए तो वह बार-बार चक्कर लगाने लगा। इस पर सज्जन ने उसे धमकी दी कि वह उसे अपनी बेटी से अभद्रता के आरोप में फंसवा देगा।
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पुलिस ने समझौता कराया, चेक देकर मुकरा आरोपी
रवि ने 31 अगस्त, 2018 को एसपी सोनीपत को शिकायत दी थी। जिसकी जांच थाना सिविल लाइन में भेज दी गई। पुलिस के बुलवाने पर आरोपी सज्जन सिंह 14 सितंबर, 2018 को थाना सिविल लाइन में आया था। उसने कहा कि वह 14 लाख रुपये का चेक दे देगा। कहा कि बाकी 12 लाख रुपये सुभाष नागर से ले लेना। उन्होंने चेक लेने से मना कर दिया था। वह जानते थे चेक बाउंस हो जाएगा। उसके बाद भी आरोपी पुलिस को कह गया कि चेक बाउंस नहीं होने देगा। साथ ही कहा कि चेक 14 दिसंबर, 2018 को लगा देना। जब चेक लगाने का समय आया तो उन्होंने सज्जन को कहा कि वह चेक लगा रहे हैं। उसने पैसे देने से मना कर दिया। जिस पर फिर से एसपी को शिकायत दी गई। साथ ही सुभाष नागर से बात की तो उसने भी पैसे देने से मना कर दिया। बाद में मामला आर्थिक अपराध शाखा पुलिस को सौंप दिया गया। मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने एसपी से मुलाकात की। जिस पर अब पुलिस ने आरोपी सज्जन सिंह व सुभाष नागर के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
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नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने का आरोप लगाया है। मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद पूरे मामले का पटाक्षेप किया जाएगा।
जसबीर सिंह, जांच अधिकारी, थाना सिविल लाइन सोनीपत।
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