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बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के तैयार करते थे क्लोन
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बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के तैयार करते थे क्लोन कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर/सोनीपत। पुलिस ने गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर काम करने वाले कारिंदों व मास्टर माइंड को रविवार को अदालत में पेश किया। आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों ने एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर करीब 150 लोगों के खाते से 35 लाख से अधिक की राशि उड़ा रखी है। जिसमें गन्नौर के ही 25 मामले शामिल हैं। शुरुआती जांच में पता लगा कि आरोपी बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के ही क्लोन तैयार करते थे। आरोपियों के पास से मिली नकली एटीएम व डाटा स्वैप करने की मशीन चाइनीज है। मामले में आईटी एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा गया है। साथ ही इसकी जांच डीएसपी सुशीला व इंस्पेक्टर दलबीर दांगी को दी गई है।
थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि लगातार एटीएम कार्ड से पैसे निकाले जाने के मामले में गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर कार्यरत भिवानी के जुई खुर्द निवासी रवि व दिल्ली के नजफगढ़ स्थित श्याम विहार निवासी मनीष तथा मामले में मास्टर माइंड झज्जर के गांव झामरी निवासी सुरेंद्र को काबू किया गया था। आरोपी सुरेंद्र ने वारदात को अंजाम देने के लिए रवि व मनीष को लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर नौकरी के लिए भेजा था। वह कार्ड स्वैप करते हुए उसका क्लोन तैयार कर वारदात को अंजाम देते थे। अभी तक की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि मास्टर माइंड सुरेंद्र ने आधुनिक मशीन ऑनलाइन खरीदी है और वह सभी चीन की बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि उसने दो मशीन लडसौली पंप पर काम करने वाले रवि व मनीष को दे रखी थी। उन्होंने बताया कि जो भी उपभोक्ता पंप से गैस डलवाकर एटीएम कार्ड से पैसे देते थे पहले वह उसका डाटा कॉपी करने वाली मशीन से एटीएम स्वैप करते थे। बाद में दूसरी मशीन में लगाकर पैसे निकाले जाते थे। इसकी एवज में मास्टर माइंड सुरेंद्र सीएनजी स्टेशन पर नौकरी करने वाले दोनों कारिंदों को 15 से 20 प्रतिशत कमीशन देता था। कारिंदों का महीने में करीब एक-एक लाख रुपये का कमीशन मिलता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया है। जिससे मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाने के साथ ही सभी मामलों की जानकारी जुटाई जा सके।
सुरेंद्र ने एक ही एटीएम से पैसे निकालना बना मददगार
पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी एटीएम के क्लोन बनाकर नजफगढ़ स्थित एक ही एटीएम से ज्यादातर पैसे निकाले गए। जहां पर लगे सीसीटीवी में सुरेंद्र का चेहरा सामने आने के बाद उस पर शिकंजा कसा गया और गिरोह पुलिस की पकड़ में आ गया। पुलिस ने उनके पास से डाटा चोरी करने वाली मशीन एक स्वैप मशीन व एक पैन ड्राइव मिली है।
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बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के बनाए क्लोन
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उन्हीं एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार किया है जिनमें चिप नहीं लगी थी। उनके क्लोन तैयार करना आरोपियों के लिए आसान था। जिसके चलते वह लगातार उन्हीं एटीएम कार्ड को निशाना बनाता थे कि जिनमें चिप नहीं होती थी।
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मामले में गहनता से जांच के लिए आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में सीएनजी स्टेशन संचालक की भूमिका को लेकर भी जांच की जाएगी। अगर उसकी भूमिका संदिग्ध मिली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गहनता से जांच में लगी है।
कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी, गन्नौर।
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर/सोनीपत। पुलिस ने गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर काम करने वाले कारिंदों व मास्टर माइंड को रविवार को अदालत में पेश किया। आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों ने एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर करीब 150 लोगों के खाते से 35 लाख से अधिक की राशि उड़ा रखी है। जिसमें गन्नौर के ही 25 मामले शामिल हैं। शुरुआती जांच में पता लगा कि आरोपी बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के ही क्लोन तैयार करते थे। आरोपियों के पास से मिली नकली एटीएम व डाटा स्वैप करने की मशीन चाइनीज है। मामले में आईटी एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा गया है। साथ ही इसकी जांच डीएसपी सुशीला व इंस्पेक्टर दलबीर दांगी को दी गई है।
थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि लगातार एटीएम कार्ड से पैसे निकाले जाने के मामले में गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर कार्यरत भिवानी के जुई खुर्द निवासी रवि व दिल्ली के नजफगढ़ स्थित श्याम विहार निवासी मनीष तथा मामले में मास्टर माइंड झज्जर के गांव झामरी निवासी सुरेंद्र को काबू किया गया था। आरोपी सुरेंद्र ने वारदात को अंजाम देने के लिए रवि व मनीष को लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर नौकरी के लिए भेजा था। वह कार्ड स्वैप करते हुए उसका क्लोन तैयार कर वारदात को अंजाम देते थे। अभी तक की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि मास्टर माइंड सुरेंद्र ने आधुनिक मशीन ऑनलाइन खरीदी है और वह सभी चीन की बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि उसने दो मशीन लडसौली पंप पर काम करने वाले रवि व मनीष को दे रखी थी। उन्होंने बताया कि जो भी उपभोक्ता पंप से गैस डलवाकर एटीएम कार्ड से पैसे देते थे पहले वह उसका डाटा कॉपी करने वाली मशीन से एटीएम स्वैप करते थे। बाद में दूसरी मशीन में लगाकर पैसे निकाले जाते थे। इसकी एवज में मास्टर माइंड सुरेंद्र सीएनजी स्टेशन पर नौकरी करने वाले दोनों कारिंदों को 15 से 20 प्रतिशत कमीशन देता था। कारिंदों का महीने में करीब एक-एक लाख रुपये का कमीशन मिलता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया है। जिससे मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाने के साथ ही सभी मामलों की जानकारी जुटाई जा सके।
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सुरेंद्र ने एक ही एटीएम से पैसे निकालना बना मददगार
पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी एटीएम के क्लोन बनाकर नजफगढ़ स्थित एक ही एटीएम से ज्यादातर पैसे निकाले गए। जहां पर लगे सीसीटीवी में सुरेंद्र का चेहरा सामने आने के बाद उस पर शिकंजा कसा गया और गिरोह पुलिस की पकड़ में आ गया। पुलिस ने उनके पास से डाटा चोरी करने वाली मशीन एक स्वैप मशीन व एक पैन ड्राइव मिली है।
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बिना चिप वाले एटीएम कार्ड के बनाए क्लोन
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उन्हीं एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार किया है जिनमें चिप नहीं लगी थी। उनके क्लोन तैयार करना आरोपियों के लिए आसान था। जिसके चलते वह लगातार उन्हीं एटीएम कार्ड को निशाना बनाता थे कि जिनमें चिप नहीं होती थी।
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मामले में गहनता से जांच के लिए आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में सीएनजी स्टेशन संचालक की भूमिका को लेकर भी जांच की जाएगी। अगर उसकी भूमिका संदिग्ध मिली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गहनता से जांच में लगी है।
कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी, गन्नौर।