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फैक्टरी से निकलते हुए लाइन में लगने को लेकर पहले भी हुआ झगड़ा, गार्ड दे चुका था गोली मारने की धमकी-AMBALA

Sun, 17 Mar 2019 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 02:42 AM IST
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फैक्टरी से निकलते हुए लाइन में लगने को लेकर पहले भी हुआ झगड़ा, गार्ड दे चुका था गोली मारने की धमकी-AMBALA
‘मेरे बेटे को अक्सर धमकी देता था सुरक्षा गार्ड, अब ले ली जान’
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रोहतक/सोनीपत। बहालगढ़ के पास स्थित मारियो रस्क व बिस्कुट फैक्टरी में फोरमैन की हत्या से पहले भी कई बार सुरक्षा गार्ड व फोरमैन की कहासुनी हो चुकी थी। फैक्टरी से बाहर निकलते हुए लाइन में लगकर तलाशी देने को लेकर पहले भी दोनों अक्सर भिड़ चुके थे। सुरक्षा गार्ड ने फोरमैन को पहले भी गोली मारने की धमकी दी थी। इसे लेकर फोरमैन ने अपने पिता को भी अवगत कराया था। पिता का कहना है कि उन्होंने उसकी इस बात को मजाक समझकर भूलने को कहा था। मुझे क्या पता था सुरक्षा गार्ड बेटे की जान ले लेगा।
भिगान गांव में किराए पर कमरा लेकर रहने वाला मकड़ौली का रवि हुड्डा (25) मारियो फैक्टरी में फोरमैन था। रात को ड्यूटी खत्म होने के बाद वह बाहर जाने की जल्दी में गेट पर पहले अपनी तलाशी देेने की बात कहता था। सुरक्षा गार्ड रामकरण का इसी को लेकर कई बार उससे झगड़ा हो चुका था। यहां तक कि सिक्योरिटी गार्ड उसे जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। शुक्रवार रात को भी बाहर जाने की जल्दी में फिर कहासुनी हो गई। जब रवि ने मजबूरी बताकर पहले उसकी तलाशी लेने व उसे बाहर जाने देने को कहा तो रामकरण गुस्से में आ गया था। बताया गया है कि जब वह रवि बाहर जाने के लिए कहने लगा तो रामकरण ने उसे धक्का देकर लाइन में लगने को कहा। फैक्टरी में फोरमैन के पद पर होने के चलते रवि ने उसे बेहतर तरीके से पेश आने को कहा तो दोनों में गाली गलौज हो गया। इसी बीच रामकरण ने गोली मारने की धमकी दी। गार्ड रामकरण ने दो गोली चला दीं, जो रवि के हाथ और पेट में लगीं। बाद में रामकरण वहां से बंदूक लहराता हुआ फरार हो गया। रवि को अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। रवि के पिता जगबीर ने बताया कि उसका बेटा रवि अक्सर कहता था कि फैक्टरी का सुरक्षा गार्ड रामकरण उससे झगड़ा करता रहता है। वह उसे कई बार मारने की धमकी दे चुका है। तब मैंने उसे कहा था कि वह मजाक करता होगा। साथ ही अपने बेटे को ही शांत रहने को कहा था। उसे क्या पता था कि एक दिन सुरक्षा गार्ड उसके बेटे की जान ले लेगा।
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साथियों ने पहले बंदूक छीनी, फिर दोबारा बंदूक लेकर चलाई गोलियां
सुरक्षा गार्ड से फोरमैन रवि का विवाद हो रहा था इसी बीच एक साथी कर्मी ने उससे बंदूक छीन ली। इतना ही नहीं बंदूक छीनकर पास ही खड़े एक अन्य गार्ड को पकड़ा दी। इसके बाद रवि बाहर जाने लगा तो रामकरण ने अपनी बंदूक दूसरे गार्ड के हाथ से छीन ली और सीधा रवि पर फायर कर दिया। पहली गोली रवि के पेट में लगी और दूसरी गोली उसके दाहिने हाथ में लगी।
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वर्जन :::
फैक्टरी में कर्मी की हत्या के मामले में सभी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जाएगी। जिससे उसमें कुछ सबूत मिल सके। पुलिस आरोपी की तलाश को लगातार दबिश दे रही है।
-नरेश कुमार, चौकी प्रभारी बहालगढ़

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पांच साल की उम्र में लावारिस अवस्था में मिलने पर जगबीर ने मासूम को लिया था गोद
-व्हाट्सएप पर फोटो देखकर रवि के परिजन जम्मू से पहुंचे मकड़ौली
-परिजनों के साथ जाने से कर दिया था इनकार, किया था जिंदगीभर साथ रहने का वायदा
-जम्मू से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बहालगढ़ की फैक्टरी में तलाशी के लिए लाइन में लगने को लेकर हुए विवाद में मौत के घाट उतारा गया रवि रोहतक में मकड़ौली निवासी जगबीर को पांच साल की उम्र में सोनीपत स्थित फैक्टरी के बाहर लावारिस अवस्था में रोेता मिला था। जब उसकी उम्र 20 वर्ष हुई तो व्हॉट्सएप पर डाले गए एक फोटो को देखकर जम्मू निवासी उसके परिजन मकड़ौली पहुंचे थे। वे रवि को अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन उसने जाने से मना करते हुए जगबीर के साथ ही रहने का फैसला लिया। इसके बाद उसके परिजन जम्मू लौट गए थे।
रवि की मौत के बाद उसे पालने वाले पिता जगबीर का रो-रोकर बुरा हाल है, उसका कहना है कि वह सोनीपत की फैक्टरी में काम करता था। बीस साल पूर्व फैक्टरी के बाहर ही लावारिस अवस्था में मासूम पड़ा मिला था। उसने परिजनों को तलाश करने का प्रयास किया मगर उनका कोई पता नहीं लग सका था। जिस पर वह मासूम को घर ले आए। बाद में उसे गोद भी ले लिया। वर्ष 2014 में रवि का फोटो व्हाट्सएप पर किसी ने वायरल कर दिया। फोटो को जम्मू में रहने वाले रवि के परिजनों ने देखा तो वह रवि को लेने के लिए मकड़ौली आ पहुंचे। रवि की मां और अन्य परिजन मकड़ौली आए। तब उसने जाने से मना करते हुए कहा कि जगबीर ही उसका पिता है। उसने उसे पंद्रह साल तक पाला है। वह उसे जिंदगी भर उसे कहीं छोड़कर नहीं जाएगा।
जगबीर का बार-बार रो रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था कि रवि उसके साथ जिंदगी भर रहने का वादा कर रहा था। अब उससे जुदा हो गया। उसके पहले ही कोई बच्चा नहीं था। इसके लिए वह भगवान को माफ नहीं करेगा। मोहल्ले के लोग पीड़ित को सांत्वना देने में लगे हुए थे।

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दो मिनट पहले पहुंच जाता तो बच जाती जान
जगबीर का कहना था कि वह सोनीपत की फैक्टरी में नौकरी करता है। कॉल कर रवि ने बुलाया था और वह उसके पास जा रहे थे। जैसे ही वह फैक्टरी के पास पहुंचा तो पता चला कि दो मिनट पहले ही किसी ने गोली मारकर उसकी हत्या की है। जगबीर का कहना था कि यदि वह दो मिनट पहले पहुंच जाता तो रवि की जान बचा लेता।
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