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Sonipat News: आईएमटी के दूषित पानी का शोधन कर दोबारा होगा प्रयोग, 95 करोड़ में लगेगा सीईटीपी
Fri, 08 Mar 2024 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 08 Mar 2024 11:42 PM IST
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सोनीपत। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) खरखौदा में स्थापित हो रहे उद्योगों से निकलने वाला दूषित पानी भी बर्बाद नहीं होगा। उसे शोधित कर फिर से प्रयोग में लाया जाएगा। इसके लिए 95 करोड़ रुपये की लागत से सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) लगाया जाएगा। इसकी क्षमता 32.5 न्यूनतम तरल निर्वहन (एमएलडी) होगी। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) की तरफ से टेंडर लगाया गया है।
आईएमटी परिसर में उद्योगों को स्थापित किया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बड़ी समस्या बन सकता है। इसका निदान करने के लिए एचएसआईआईडीसी की तरफ से सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने सीईटीपी के निर्माण को लेकर टेंडर लगाया है। दूषित पानी को साफ करने की योजना के पहले चरण में प्रथम फेज के लिए यूनिट तैयार की जाएगी। आवश्यकता अनुसार इसका विस्तार किया जा सकेगा। इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को इस यूनिट में लाकर प्राथमिक स्तर पर साफ करने के बाद दूसरी और तीसरी फेज पर भी साफ किया जाएगा, ताकि इसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सके।
साढ़े 32 एमएलडी की होगी क्षमता
आईएमटी खरखौदा में स्थापित होने वाले सीईटीपी की क्षमता साढ़े 32 एमएलडी की होगी। एक पाइपलाइन पूरी आईएमटी में बिछाई जाएगी, जिससे इकाइयों को कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह इस शोधित पानी को इस्तेमाल में ला सकें। शोधित पानी निर्माण से लेकर अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही शोधित पानी से ही आईएमटी की ग्रीन बेल्ट में सिंचाई की जा सकेगी। बारिश के दौरान पानी ज्यादा होने पर थाना कलां स्थित ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इससे आईएमटी से निकलने वाले पानी की समस्या का निपटारा भी हो जाएगा।
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100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी
आईएमटी को विकसित करने के लिए करीब 100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही आवाजाही के लिए सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। क्षेत्र में 60, 45, 32, 24, 18, 9 मीटर की सड़कों का निर्माण किया जाएगा जिससे भारी व हल्के वाहन भी आसानी से उद्योगों तक आवागमन कर सकेंगे। आईएमटी में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट व सड़क निर्माण के लिए 776 करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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आईएमटी एक नजर में
- वर्ष 2013 में आईएमटी के लिए 3217 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।
- आईएमटी में गुरुग्राम माइनर से रोजाना 27 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- आईएमटी के 100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी।
- आईएमटी क्षेत्र में 60, 45, 32, 24, 18, 9 मीटर की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
आईएमटी में सीईटीपी के निर्माण को लेकर 95 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सीईटीपी 27 माह में तैयार होगा। इससे पानी को फिल्टर करने के बाद आईएमटी में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में इसे दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकेगा।-कुलबीर मलिक, अतिरिक्त महाप्रबंधक, एचएसआईआईडीसी।
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आईएमटी परिसर में उद्योगों को स्थापित किया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बड़ी समस्या बन सकता है। इसका निदान करने के लिए एचएसआईआईडीसी की तरफ से सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने सीईटीपी के निर्माण को लेकर टेंडर लगाया है। दूषित पानी को साफ करने की योजना के पहले चरण में प्रथम फेज के लिए यूनिट तैयार की जाएगी। आवश्यकता अनुसार इसका विस्तार किया जा सकेगा। इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को इस यूनिट में लाकर प्राथमिक स्तर पर साफ करने के बाद दूसरी और तीसरी फेज पर भी साफ किया जाएगा, ताकि इसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सके।
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साढ़े 32 एमएलडी की होगी क्षमता
आईएमटी खरखौदा में स्थापित होने वाले सीईटीपी की क्षमता साढ़े 32 एमएलडी की होगी। एक पाइपलाइन पूरी आईएमटी में बिछाई जाएगी, जिससे इकाइयों को कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह इस शोधित पानी को इस्तेमाल में ला सकें। शोधित पानी निर्माण से लेकर अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही शोधित पानी से ही आईएमटी की ग्रीन बेल्ट में सिंचाई की जा सकेगी। बारिश के दौरान पानी ज्यादा होने पर थाना कलां स्थित ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इससे आईएमटी से निकलने वाले पानी की समस्या का निपटारा भी हो जाएगा।
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100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी
आईएमटी को विकसित करने के लिए करीब 100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही आवाजाही के लिए सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। क्षेत्र में 60, 45, 32, 24, 18, 9 मीटर की सड़कों का निर्माण किया जाएगा जिससे भारी व हल्के वाहन भी आसानी से उद्योगों तक आवागमन कर सकेंगे। आईएमटी में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट व सड़क निर्माण के लिए 776 करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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आईएमटी एक नजर में
- वर्ष 2013 में आईएमटी के लिए 3217 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।
- आईएमटी में गुरुग्राम माइनर से रोजाना 27 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- आईएमटी के 100 किमी क्षेत्र में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जाएगी।
- आईएमटी क्षेत्र में 60, 45, 32, 24, 18, 9 मीटर की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
आईएमटी में सीईटीपी के निर्माण को लेकर 95 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सीईटीपी 27 माह में तैयार होगा। इससे पानी को फिल्टर करने के बाद आईएमटी में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में इसे दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकेगा।-कुलबीर मलिक, अतिरिक्त महाप्रबंधक, एचएसआईआईडीसी।