फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Computerized calls reaching farmers, benefits of agricultural law

किसानों के पास पहुंच रही कंप्यूटरीकृत कॉल, कृषि कानून के बताए जा रहे फायदे

Thu, 07 Jan 2021 12:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:11 AM IST
विज्ञापन
Computerized calls reaching farmers, benefits of agricultural law
धरनास्थल पर वाटरप्रूफ टेंट के नीचे बैठे किसान। संवाद - फोटो : Sonipat
सोनीपत। किसानों व सरकार के बीच जहां लगातार कृषि कानूनों व एमएसपी के संबंध में बातचीत हो रही है। वहीं किसान नेताओं का आरोप है कि आंदोलन में फूट डालने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। किसान संगठन के नेताओं को आगे आकर एकजुटता पर जोर देना पड़ रहा है। नेताओं का कहना है कि किसानों के पास कंप्यूटरीकृत कॉल पहुंच रही है, जिसमें कृषि कानूनों के फायदेमंद बताकर आंदोलन को गलत साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें किसान नेताओं को अब सरकार के साथ खड़ा बताकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी को इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं देना है और आंदोलन को ऐसे ही मजबूत बनाए रखना है।
विज्ञापन

कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे 44 के कुंडली बॉर्डर पर किसान सर्दी व बारिश के बीच भी डटे हुए हैं। सरकार व किसानों के बीच लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन उसके बावजूद कोई फैसला अभी तक नहीं हो सका है। वहीं अब जिस तरह से किसानों के मोबाइल पर कॉल आ रही है और किसान नेताओं को लेकर प्रचार किया जा रहा है। उससे किसान नेताओं को लगने लगा है कि सरकार अब किसानों को झुकता नहीं देखकर फूट डालकर आंदोलन को तोड़ने में लगी हुई है। बुधवार को किसान नेताओं ने पूरा दिन यह संशय दूर किया कि किसान नेता कोई भी सरकार के साथ नहीं खड़ा हुआ है और सभी किसान जत्थेबंदियां एकजुट होकर कानून रद्द कराने के लिए लड़ रही है।
विज्ञापन

कानूनों के खिलाफ व आंदोलन के समर्थन में अब तक करीब दो लाख ऑनलाइन हस्ताक्षर
किसान आंदोलन में आईटी सेल लगातार नया प्रयोग कर रही है, जिससे सरकार को यह दिखाया जा सके कि आंदोलन को कितने लोग समर्थन कर रहे है तो कानूनों के खिलाफ कितने किसान खड़े है। इसके लिए ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें किसानों के समर्थन में अभी तक एक लाख 80 हजार 871 लोग ऑनलाइन हस्ताक्षर कर चुके है तो कानून के विरोध में अभी तक 84917 लोग ऑनलाइन हस्ताक्षर कर चुके है। इस तरह से तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंदोलन से सरकार को घबराहट है और सरकार ने खुफिया एजेंसियां व किसान विरोधी लोगों को लगा दिया है। प्रचार किया जा रहा है कि किसान नेता गलत हैं, वह सरकार के साथ खड़े हो गए हैं। ऐसी बात पर विश्वास नहीं किया जाए और सभी किसान जत्थेबंदियां साथ है। ऐसा कोई नेता नहीं है जो अपने बच्चों का भविष्य खराब करेगा और खुद को गद्दार कहलवाएगा। इसके साथ ही कोई युवा गाने बजाकर नाचता है तो वह बहुत गलत है। यहां किसान हक की लड़ाई में शहीद हो रहे है और कुछ लोग आंदोलन को खराब करने का प्रयास कर रहे है। सरकार यह समझती है कि वह आंदोलन को तोड़ देगी तो यह उसकी गलतफहमी है। ऐसे लोगों की पहचान करके अब पुलिस के हवाले किया जाएगा।

बलबीर सिंह राजेवाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा
इस आंदोलन की आग पूरे देश में फैल चुकी है। इस आंदोलन के पक्ष में दुनियाभर में लोग खड़े हुए हैं और आंदोलन के दबाव में इंग्लैंड केे प्रधानमंत्री ने आने से इनकार किया है। सरकार एक साजिश कर रही है, जिसमें लोगों के पास एक कंप्यूटराइज्ड कॉल आ रही है। जिसमें कृषि कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है और आंदोलन को गलत कहा जा रहा है। इस तरह से भ्रांतियां फैलाई जा रहीं है, जबकि किसानों को सच्चाई पता है कि कृषि कानून किसान विरोधी है। इसलिए सभी को एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाना है, जिससे सरकार को कृषि कानून वापस लेने पड़े।
राजेंद्र सिंह दीप सिंहवाला, उपाध्यक्ष कीर्ति किसान यूनियन

सड़क से हटाकर पेट्रोल पंप पर रखे गए सोने के लिए वाटरप्रूफ टेंट। संवाद

सड़क से हटाकर पेट्रोल पंप पर रखे गए सोने के लिए वाटरप्रूफ टेंट। संवाद- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed