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Sonipat News: लोन एजेंट की प्रताड़ना से की थी आत्महत्या, दो साल बाद प्राथमिकी दर्ज
Wed, 29 Apr 2026 03:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 29 Apr 2026 03:16 AM IST
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गोहाना। गांव बिचपड़ी में आत्महत्या के मामले में पुलिस ने करीब दो साल बाद कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लोन एजेंट की धोखाधड़ी और लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर गांव बिचपड़ी निवासी कृष्ण ने 9 मई 2024 को यह कदम उठाया था।
कृष्ण ने अपने प्लॉट में बने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय ग्रामीणों के कहने पर परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब मृतक के बेटे जोगिंद्र को बाद में घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला था।
इस नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए लोन एजेंट प्रवीन को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने लिखा कि उनकी आत्महत्या के लिए परिवार या समाज का कोई दोष नहीं है बल्कि लोन एजेंट की धोखाधड़ी और दबाव ही कारण है।
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परिजनों के अनुसार आरोपी एजेंट ने बैंक से 1.72 लाख रुपये का लोन दिलवाने के नाम पर पूरी राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली और जब पैसे वापस मांगे गए तो धमकियां देने लगा। इससे कृष्ण मानसिक रूप से टूट गया और उन्होंने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब, मधुबन भेजा था, जहां हैंडराइटिंग मिलान में यह नोट मृतक की लिखावट का ही पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सदर थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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कृष्ण ने अपने प्लॉट में बने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय ग्रामीणों के कहने पर परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब मृतक के बेटे जोगिंद्र को बाद में घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला था।
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इस नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए लोन एजेंट प्रवीन को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने लिखा कि उनकी आत्महत्या के लिए परिवार या समाज का कोई दोष नहीं है बल्कि लोन एजेंट की धोखाधड़ी और दबाव ही कारण है।
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परिजनों के अनुसार आरोपी एजेंट ने बैंक से 1.72 लाख रुपये का लोन दिलवाने के नाम पर पूरी राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली और जब पैसे वापस मांगे गए तो धमकियां देने लगा। इससे कृष्ण मानसिक रूप से टूट गया और उन्होंने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब, मधुबन भेजा था, जहां हैंडराइटिंग मिलान में यह नोट मृतक की लिखावट का ही पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सदर थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।