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लघु सचिवालय गेट पर लगाई बच्चों की पाठशाला
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सोनीपत। नियम 134ए के तहत बच्चों को दाखिला न मिलने से गुस्साए अभिभावकों का आंदोलन लगातार जारी है। बुधवार सुबह लघु सचिवालय गेट के सामने बच्चों की पाठशाला लगाई। छात्र-अभिभावक संघ के नेतृत्व में लघु सचिवालय पर बच्चों संग पहुंचे अभिभावकों ने अंतिम तिथि तक भी दाखिला न मिलने पर सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
बच्चों ने भी अभिभावकों के साथ प्रदर्शन करते हुए शिक्षा का अधिकार मांगा। इस दौरान खुले आसमान के नीचे चल रही शीत लहर के बीच बच्चों को पढ़ाया गया। अभिभावकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से अलॉट स्कूलों में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की अपील की, ताकि उनका साल खराब होने से बचाया जा सके। नियम 134ए के तहत 5 दिसंबर को हुई मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित कर दिया गया था। परिणाम जारी करने के साथ ही पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। विद्यार्थियों को अलॉट स्कूल में 24 दिसंबर तक उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकतर निजी स्कूलों ने नियम 134ए के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया था। निजी स्कूलों द्वारा दाखिला प्रक्रिया में डाले गए अवरोध के बाद शिक्षा विभाग ने तीन बार दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाई। साथ ही नियमों की अवमानना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी किए गए। फिर भी निजी स्कूल संचालक दाखिला लेने को तैयार नहीं हुए। अंतिम तिथि तक 2544 विद्यार्थियों में से महज 1029 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया। जबकि जबकि 324 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। उसके बाद भी पहले ड्रा में 1191 विद्यार्थी ऐसे हैं, जो पुराने स्कूलों से एसएलसी निकलवा चुके हैं और नए स्कूल मेें दाखिला नहीं मिल पाया है। ये विद्यार्थी कड़ाके की सर्दी के बीच अभिभावकों के साथ सड़कों पर धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं।
एक माह से धक्के खा रहे बच्चे व अभिभावक
छात्र-अभिभावक संघ की उपाध्यक्ष प्रवेश कुमारी ने कहा कि मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। उसके बाद से अब तक सभी पात्र विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित नहीं हो पाया है। छात्र अभिभावक संघ के साथ बच्चे व अभिभावक एक महीने से बच्चों का दाखिला सुनिश्चत करवाने के लिए रोजाना धक्के खा रहे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग सख्त कदम नहीं उठा रहा, यही कारण है कि निजी स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद है।
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अभिभावकों में असमंजस की स्थिति
अभिभावकों ने कहा कि अंतिम तिथि तक भी निजी स्कूलों ने बच्चों का दाखिला करने को लेकर हामी नहीं भरी। उसके बावजूद भी शिक्षा विभाग ने अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है। अभिभावकों ने मांग की है कि अलॉट स्कूल में दाखिले नहीं होते तो पुराने स्कूल में दाखिले करवाएं। अभिभावकों ने कहा कि जब तक बच्चों के दाखिले नहीं होते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
वर्जन
मुख्यालय ने नियम 134ए के तहत पूरी रिपोर्ट मांगी है। प्राप्त निर्देशों के अनुसार रिकॉर्ड मुहैया करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि नियमों की अवमानना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अभिभावक कुछ दिन इंतजार करें। किसी भी विद्यार्थी का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
- मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत
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बच्चों ने भी अभिभावकों के साथ प्रदर्शन करते हुए शिक्षा का अधिकार मांगा। इस दौरान खुले आसमान के नीचे चल रही शीत लहर के बीच बच्चों को पढ़ाया गया। अभिभावकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से अलॉट स्कूलों में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की अपील की, ताकि उनका साल खराब होने से बचाया जा सके। नियम 134ए के तहत 5 दिसंबर को हुई मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित कर दिया गया था। परिणाम जारी करने के साथ ही पहले ड्रा में 2544 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। विद्यार्थियों को अलॉट स्कूल में 24 दिसंबर तक उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकतर निजी स्कूलों ने नियम 134ए के तहत दाखिला देने से इनकार कर दिया था। निजी स्कूलों द्वारा दाखिला प्रक्रिया में डाले गए अवरोध के बाद शिक्षा विभाग ने तीन बार दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाई। साथ ही नियमों की अवमानना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी किए गए। फिर भी निजी स्कूल संचालक दाखिला लेने को तैयार नहीं हुए। अंतिम तिथि तक 2544 विद्यार्थियों में से महज 1029 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया। जबकि जबकि 324 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। उसके बाद भी पहले ड्रा में 1191 विद्यार्थी ऐसे हैं, जो पुराने स्कूलों से एसएलसी निकलवा चुके हैं और नए स्कूल मेें दाखिला नहीं मिल पाया है। ये विद्यार्थी कड़ाके की सर्दी के बीच अभिभावकों के साथ सड़कों पर धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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एक माह से धक्के खा रहे बच्चे व अभिभावक
छात्र-अभिभावक संघ की उपाध्यक्ष प्रवेश कुमारी ने कहा कि मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। उसके बाद से अब तक सभी पात्र विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित नहीं हो पाया है। छात्र अभिभावक संघ के साथ बच्चे व अभिभावक एक महीने से बच्चों का दाखिला सुनिश्चत करवाने के लिए रोजाना धक्के खा रहे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग सख्त कदम नहीं उठा रहा, यही कारण है कि निजी स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद है।
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अभिभावकों में असमंजस की स्थिति
अभिभावकों ने कहा कि अंतिम तिथि तक भी निजी स्कूलों ने बच्चों का दाखिला करने को लेकर हामी नहीं भरी। उसके बावजूद भी शिक्षा विभाग ने अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है। अभिभावकों ने मांग की है कि अलॉट स्कूल में दाखिले नहीं होते तो पुराने स्कूल में दाखिले करवाएं। अभिभावकों ने कहा कि जब तक बच्चों के दाखिले नहीं होते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
वर्जन
मुख्यालय ने नियम 134ए के तहत पूरी रिपोर्ट मांगी है। प्राप्त निर्देशों के अनुसार रिकॉर्ड मुहैया करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि नियमों की अवमानना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अभिभावक कुछ दिन इंतजार करें। किसी भी विद्यार्थी का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
- मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत