फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Chhath Puja concluded by offering Arghya to rising sun in Sonipat

Haryana: उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुई छठ पूजा, श्रद्धालुओं ने यमुना नदी और रोहट नहर पर लगाई डुबकी

Fri, 08 Nov 2024 11:13 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 08 Nov 2024 11:13 AM IST
सार

सोनीपत में तड़के चार बजे से ही छठ घाटों पर श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे। घाट दीयों के प्रकाश से जगमगा रहा था। महिलाओं के साथ पुरुष फल की टोकरी सिर पर लिए दिखाई दिए, वही पानी में खड़े होकर सूर्य की आराधना की गई।

विज्ञापन
Chhath Puja concluded by offering Arghya to rising sun in Sonipat
छठ महापर्व - फोटो : संवाद

विस्तार

सूर्य उपासना का त्योहार छठ महापर्व शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। छठ महापर्व के चार दिन के अनुष्ठान के आखिरी दिन छठ व्रतियों ने छठ मैया की आराधना करके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मंगल कामना की।

विज्ञापन


सोनीपत में यमुना के मीमारपुर घाट, रोहट नहर, बड़वासनी नहर के साथ-साथ कबीरपुर, बाबा कॉलोनी, लक्ष्मण कॉलोनी, कालूपुर चुंगी, एटलस के राम मंदिर, सब्जी मंडी, श्रीनगर कॉलोनी, राई, बढ़मलिक, कुंडली सहित विभिन्न जगहों पर बनाए गए छठ घाटों पर सूर्य अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नहाय खाय से शुरू हुआ यह चार दिवसीय पर्व सुबह के अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हुआ। व्रतियों ने 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद पारण किया। पूर्वांचल जन कल्याण समिति की ओर से विभिन्न घाटों पर छठ पूजा को लेकर भव्य इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन


ऐसी है धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव के आशीर्वाद से व्यक्ति को निरोगी जीवन प्राप्त होता है और उसका घर धन-धान्य से भर जाता है। वहीं, छठी मैया की कृपा से निसंतान दंपत्तियों को संतान की प्राप्ति होती है। संतान के सुखी जीवन के लिए भी यह व्रत रखा जाता है। इसके रखने से मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




चार बजे ही घाटों पर लगी श्रद्धालुओं की लगी भीड़
शुक्रवार को तड़के चार बजे से ही छठ घाटों पर श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे। घाट दीयों के प्रकाश से जगमगा रहा था। महिलाओं के साथ पुरुष फल की टोकरी सिर पर लिए दिखाई दिए, वही पानी में खड़े होकर सूर्य की आराधना की गई। सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण दिखाई दी व्रतियों ने अर्घ्य देकर पूजा संपन्न की। इस दौरान घाटों पर युवाओं और बच्चों में भी गजब का उत्साह देखा गया। इस दौरान पारंपरिक छठ गीतों...मारबउ रे सुगवा धनुष से... कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए...से माहौल भक्तिमय बना रहा।

रोहतक में लगी श्रद्धालुओं की भीड़

रोहतक में पूर्वांचल समाज की आस्था का महापर्व छठ पूजा शुक्रवार सुबह उदीयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। पिछले 36 घंटे से निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं व अन्य श्रद्धालुओं ने अपना व्रत खोला। समाज के इस चार दिवसीय लोकप्रिय त्योहार का शुभारंभ नहाय खाय से हुआ था। वीरवार को श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी पूजा की।



शुक्रवार अल सुबह भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने घाट पर पहुंचे। शहर में दिल्ली बाईपास स्थित नहर पर बने घाट पर समाज का बड़ा कार्यक्रम हुआ। यही सबसे अधिक कई 50000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा गोकर्ण डेरा हिसार बाईपास, एकता कॉलोनी, सुनारिया चौक, सुनारिया रोड, बोहर नहर, कन्हेली हेड समेत 11 जगह छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। यहां पूजन की व्यवस्था की गई थी।

श्रद्धालुओं ने खोला 48 घंटे का निर्जला व्रत

कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का पावन समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने सूर्य उदय से पहले ब्रह्मसरोवर के जल में कई घंटों तक खड़े रहकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य अर्पित किया और छठी मैया का पूजन कर अपना 48 घंटे का निर्जला व्रत खोला।

श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है छठ पर्व: संतोष पाठक

जींद में शुक्रवार को छठ पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती ने हांसी ब्रांच नहर के घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर और पूजा अर्चना करके निर्जल व्रत का समापन किया। पूर्वांचल प्रकोष्ठ के संयोजक संतोष कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। हर साल कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह छठ का पर्व मनाया जाता है। इस छठ के व्रत को संतान की लंबी आयु, पति के स्वस्थ जीवन और घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। 

उन्होंने बताया कि नहर के घाट पर विभिन्न प्रदेशों से आए लोगों के साथ मिलजुल का यह महापर्व मनाया जाता है। इस व्रत को पूरी शुद्धता, पवित्रता और साफ-सच्चे मन से करता हैं, उसकी सभी मनोकामनाएं छठी मईया पूरी करती हैं। व्रती राजू पाठक, शंकर शाह, चमन शर्मा, राजकुमार ने बताया कि यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाने वाला ये पर्व हिन्दू लोक आस्था से जुड़ा एक बड़ा पर्व है। इसे महापर्व का दर्जा दिया गया है। छठ का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक है। इस दौरान व्रती 36 घंटे से भी ज्यादा समय के लिए निर्जला व्रत करके छठी मईया और भगवान सूर्य की उपासना करते हैं।

अंतिम दिन सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती अपना व्रत खोलते हैं। वहीं नरवाना में सिरसा ब्रांच नहर के घाट पर शुक्रवार अल सुबह बाहर से आए पूर्वांचल निवासियों की भीड़ होने लगी थी। वीरवार रात से ही श्रद्धालु और व्रती महिलाएं घाटों पर एकत्रित होना शुरू हो गई थी। इस दौरान श्रद्धालु व्रतियों ने परंपरागत गीतों और श्रद्धा से सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी की है। नहर के घाट पर महिला, बुजुर्ग, युवा व छोटे बच्चे बेहद खुश दिखाई दिए और घाट के पास बच्चों ने खूब आतिशबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की।

दादरी में शुक्रवार सुबह विभिन्न क्षेत्रों में की गई पूजा

पूर्वांचलवासियों ने शुक्रवार सुबह छठ पूजा के उपलक्ष्य में विभिन्न जगहों पर धार्मिक गतिविधियां आयोजित की। शुक्रवार को छठ व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर उपवास पूरा किया। अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं और पुरुषों ने पानी में खड़े रहकर सूर्योदय का इंतजार किया। सूर्योदय होने पर आस्था और श्रद्धा के साथ जल और दूध से सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। वहीं, महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए। 

स्थानीय चंपापुरी, रासीवासिया धर्मशाला, गांधी नगर व अग्रसेन धर्मशाला के समीप उत्तरांचल निवासी श्रद्धांलु लालबाबू, चंदन, रणजीत, मनोज, नीरज, विकेश, विक्की व गोलू ने बताया कि यह  ऐसा पर्व है जो वैदिक काल से ही चला आ रहा है। सूर्य देवता जो संपूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देते हैं उनकी उपासना का महापर्व है। पवित्रता और समरसता के भाव के साथ मानव कल्याण का एक अनूठा पर्व है। छठ मैय्या संतान की रक्षा करती हैं और उनकी पूजा कर सभी ने मिलकर अपने परिवार की खुशहाली की कामना की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed