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रिकॉर्ड गायब करने के आरोप में तत्कालीन प्राचार्य पर मुकदमा दर्ज
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंडली की तत्कालीन प्राचार्य के खिलाफ कुंडली थाना में रिकॉर्ड गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंडली के प्राचार्य तेजबीर सिंह ने कुंडली थाने में शिकायत दी है कि सत्र 2019-20 में शीला स्कूल में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थी। निदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा, पंचकूला के माध्यम से स्कूल को भवन एवं कमरों की रिपेयर के लिए 19 लाख 27 हजार रुपये की ग्रांट मिली थी। इस ग्रांट को तत्कालीन प्राचार्य द्वारा खर्च कर दिया गया था। इसके बाद 22 अगस्त, 2019 को शीला का तबादला हो गया। इस बीच शिकायतकर्ता संजीव दहिया ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग को शिकायत दी थी। जिसमें तत्कालीन प्राचार्य पर ग्रांट के गबन के आरोप लगाए गए थे। इस शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की थी। जब इस जांच के लिए स्कूल में रिकॉर्ड खंगाला गया तो 19 लाख 27 हजार रुपये की ग्रांट से संबंधित रिकॉर्ड गायब मिला। 16 दिसंबर, 2019 को तत्कालीन प्राचार्य को रिकॉर्ड मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा गया था। जिसमें तत्कालीन ने लिखित में जवाब दिया था कि समस्त रिकॉर्ड निदेशक माध्यमिक शिक्षा पंचकूला के कार्यालय में जमा करा दिया है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र लिखकर आदेश दिया कि निदेशालय में जमा कराए गए रिकॉर्ड की पावती रसीद कार्यालय में जमा कराए। तत्कालीन प्राचार्य ने न तो रिकॉर्ड जमा कराया और न ही पावती रसीद जमा कराई। जिस पर अब कुंडली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंडली के प्राचार्य तेजबीर सिंह ने कुंडली थाने में शिकायत दी है कि सत्र 2019-20 में शीला स्कूल में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थी। निदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा, पंचकूला के माध्यम से स्कूल को भवन एवं कमरों की रिपेयर के लिए 19 लाख 27 हजार रुपये की ग्रांट मिली थी। इस ग्रांट को तत्कालीन प्राचार्य द्वारा खर्च कर दिया गया था। इसके बाद 22 अगस्त, 2019 को शीला का तबादला हो गया। इस बीच शिकायतकर्ता संजीव दहिया ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग को शिकायत दी थी। जिसमें तत्कालीन प्राचार्य पर ग्रांट के गबन के आरोप लगाए गए थे। इस शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की थी। जब इस जांच के लिए स्कूल में रिकॉर्ड खंगाला गया तो 19 लाख 27 हजार रुपये की ग्रांट से संबंधित रिकॉर्ड गायब मिला। 16 दिसंबर, 2019 को तत्कालीन प्राचार्य को रिकॉर्ड मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा गया था। जिसमें तत्कालीन ने लिखित में जवाब दिया था कि समस्त रिकॉर्ड निदेशक माध्यमिक शिक्षा पंचकूला के कार्यालय में जमा करा दिया है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र लिखकर आदेश दिया कि निदेशालय में जमा कराए गए रिकॉर्ड की पावती रसीद कार्यालय में जमा कराए। तत्कालीन प्राचार्य ने न तो रिकॉर्ड जमा कराया और न ही पावती रसीद जमा कराई। जिस पर अब कुंडली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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