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Sonipat News: बॉयलर धमाका... चारों तरफ मलबा, धूल और धुआं फैला
Fri, 17 May 2024 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 17 May 2024 12:38 AM IST
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राई (सोनीपत)। प्याऊ मनियारी-नरेला रोड स्थित दहिया कॉलोनी की कत्था फैक्टरी में देर रात धमाके के बाद चारों तरफ मलबा फैल गया था।हादसे के बाद चारों तरफ धूल और धुएं का गुबार नजर आ रहा था।
कत्था फैक्टरी में देर रात करीब साढ़े 11 बजे जोरदार धमाके के साथ बॉयलर फटा था। घटना के समय फैक्टरी में 10-12 श्रमिक मौजूद थे। धमाके से फैक्टरी की छत ढह गई और चारों तरफ मलबा, धूल व धुआं फैल गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ श्रमिकों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसके बावजूद कुछ श्रमिक मलबे में दब गए, जिनमें से अहीरोलिया के गुलाबी कुर्मी (45) व गांव भीकमपुर निवासी ब्रजेश (27) का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं बिहार के जिला मोतिहारी के गांव मठ लोहिया निवासी सुखदेव का सुराग नहीं लग सका है। बेटे कन्हैया ने बताया कि उनके पिता रात को फैक्टरी में आए थे। उनके अंदर होने का अंदेशा है। दूसरी तरफ हादसे के बाद राहत-बचाव के लिए दमकलकर्मियों के साथ एनडीआरएफ व आसपास के लोग लगे रहे। पूरी बिल्डिंग ढह जाने के डर से एनडीआरएफ को बुलाया गया था। टीम सीमित संसाधनों के बीच मलबा हटाने में लगी रही।
200 मीटर में बने भवन क्षतिग्रस्त, छत गिरने के साथ दीवारों में आई दरारें
कत्था फैक्टरी में कत्था फैक्टरी में चार बॉयलर हैं। धमाके के साथ बॉयलर फटने से करीब 200 मीटर क्षेत्र में बने भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दो मकानों की छतें गिरी हैं, वहीं कई अन्य मकानों की दीवारों व छतों में दरारें आई हैं। इस घटना के बाद से प्रभावित लोगों ने न केवल मुआवजे की मांग की है, बल्कि रिहायशी क्षेत्र से ऐसी फैक्टरियों को शिफ्ट किए जाने की मांग उठाई है।
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धमका हुआ तो लगा भूकंप आया है...
कत्था फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि देर रात को जोरदार धमाका हुआ तो वह अपने घरों से बाहर दौड़ पड़े। उन्हें लगा कि भूकंप के कारण जोरदार कंपन हो रहा है। कुछ देर में पता चला कि फैक्टरी में बॉयलर फटने के कारण यह धमाका हुआ था। उनके मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कई मकानों की छत भी गिर गई। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को मलबे से निकालकर अस्पतालों में पहुंचाया गया।
फैक्टरी मालिक व मैनेजर लापता, लोगों में गुस्सा
फैक्टरी में धमाके के बाद वीरवार दोपहर बाद तक भी फैक्टरी मालिक या मैनेजर मौके पर नहीं पहुंचे थे। इससे श्रमिकों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई। उन्होंने मलबे को हटाने की मांग की। श्रमिकों को आशंका है कि उनके कुछ और साथी मलबे में दबे हो सकते हैं। कुंडली थाना पुलिस मौके पर तैनात रही और श्रमिकों को शांत करने का प्रयास किया।
नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना
हादसे की सूचना के बाद नेता भी घटनास्थल व अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और राहत कार्यों की जानकारी ली। वरिष्ठ भाजपा नेता माई राम ने राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही वह अस्पताल में पहुंचे और घायलों का हाल चाल जाना। वहीं पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद की मांग की।
वर्जन -
-फैक्टरी में बॉयलर फटने से हुए हादसे के दौरान मलबे में तीन लोगों के दबने का अंदेशा है। इनमें से विभाग की राहत व बचाव टीम ने दो शवों को निकाल लिया है। एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। मलबे सुरक्षित तरीके से हटाया जा रहा है।
-राजेंद्र सिंह दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी
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कत्था फैक्टरी में देर रात करीब साढ़े 11 बजे जोरदार धमाके के साथ बॉयलर फटा था। घटना के समय फैक्टरी में 10-12 श्रमिक मौजूद थे। धमाके से फैक्टरी की छत ढह गई और चारों तरफ मलबा, धूल व धुआं फैल गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ श्रमिकों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसके बावजूद कुछ श्रमिक मलबे में दब गए, जिनमें से अहीरोलिया के गुलाबी कुर्मी (45) व गांव भीकमपुर निवासी ब्रजेश (27) का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं बिहार के जिला मोतिहारी के गांव मठ लोहिया निवासी सुखदेव का सुराग नहीं लग सका है। बेटे कन्हैया ने बताया कि उनके पिता रात को फैक्टरी में आए थे। उनके अंदर होने का अंदेशा है। दूसरी तरफ हादसे के बाद राहत-बचाव के लिए दमकलकर्मियों के साथ एनडीआरएफ व आसपास के लोग लगे रहे। पूरी बिल्डिंग ढह जाने के डर से एनडीआरएफ को बुलाया गया था। टीम सीमित संसाधनों के बीच मलबा हटाने में लगी रही।
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200 मीटर में बने भवन क्षतिग्रस्त, छत गिरने के साथ दीवारों में आई दरारें
कत्था फैक्टरी में कत्था फैक्टरी में चार बॉयलर हैं। धमाके के साथ बॉयलर फटने से करीब 200 मीटर क्षेत्र में बने भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दो मकानों की छतें गिरी हैं, वहीं कई अन्य मकानों की दीवारों व छतों में दरारें आई हैं। इस घटना के बाद से प्रभावित लोगों ने न केवल मुआवजे की मांग की है, बल्कि रिहायशी क्षेत्र से ऐसी फैक्टरियों को शिफ्ट किए जाने की मांग उठाई है।
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धमका हुआ तो लगा भूकंप आया है...
कत्था फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि देर रात को जोरदार धमाका हुआ तो वह अपने घरों से बाहर दौड़ पड़े। उन्हें लगा कि भूकंप के कारण जोरदार कंपन हो रहा है। कुछ देर में पता चला कि फैक्टरी में बॉयलर फटने के कारण यह धमाका हुआ था। उनके मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कई मकानों की छत भी गिर गई। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को मलबे से निकालकर अस्पतालों में पहुंचाया गया।
फैक्टरी मालिक व मैनेजर लापता, लोगों में गुस्सा
फैक्टरी में धमाके के बाद वीरवार दोपहर बाद तक भी फैक्टरी मालिक या मैनेजर मौके पर नहीं पहुंचे थे। इससे श्रमिकों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई। उन्होंने मलबे को हटाने की मांग की। श्रमिकों को आशंका है कि उनके कुछ और साथी मलबे में दबे हो सकते हैं। कुंडली थाना पुलिस मौके पर तैनात रही और श्रमिकों को शांत करने का प्रयास किया।
नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना
हादसे की सूचना के बाद नेता भी घटनास्थल व अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और राहत कार्यों की जानकारी ली। वरिष्ठ भाजपा नेता माई राम ने राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही वह अस्पताल में पहुंचे और घायलों का हाल चाल जाना। वहीं पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद की मांग की।
वर्जन -
-फैक्टरी में बॉयलर फटने से हुए हादसे के दौरान मलबे में तीन लोगों के दबने का अंदेशा है। इनमें से विभाग की राहत व बचाव टीम ने दो शवों को निकाल लिया है। एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। मलबे सुरक्षित तरीके से हटाया जा रहा है।
-राजेंद्र सिंह दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी