{"_id":"693732a17b8e4641c2018931","slug":"blind-turn-on-sanpeda-road-three-lives-lost-in-two-years-sonipat-news-c-197-1-snp1008-146446-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सनपेड़ा रोड के ब्लाइंड मोड़, दो साल में तीन की जा चुकी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सनपेड़ा रोड के ब्लाइंड मोड़, दो साल में तीन की जा चुकी जान
Tue, 09 Dec 2025 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:48 AM IST
विज्ञापन
फोटो 29- सोनीपत के सनपेड़ा रोड पर ब्लाइंड मोड़ को लेकर रोष जताते ग्रामीण। संवाद
सोनीपत। गांव सनपेड़ा के पास ब्लाइंड मोड़ के कारण वाहन चालकों की जिंदगियां दांव पर है। सड़क पर चलते समय कई बार चालकों के वाहन खेताें में उतर चुके हैं। करीब 2 साल में 3 मौतें होने के अलावा 50 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने रोष जताकर प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का जल्द समाधान करवाया जाए। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में ज्यादा कोहरा पड़ने पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से जून में करीब 5.69 किलोमीटर लंबे जीटी रोड से रामनगर वाया सनपेड़ा रोड को करीब 4.1 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा बनवाया गया है। इस सड़क से दिनभर जीटी रोड बड़ी से गांव सनपेड़ा, रामनगर, उमेदगढ़, पबनेरा के ग्रामीणों व वाहन चालकों का आवागमन रहता है।
सड़क का पुनर्निर्माण होने से ग्रामीणों व वाहन चालकों को गड्ढों से निजात तो मिल गई है लेकिन ब्लाइंड मोड़ ग्रामीणों सहित वाहन चालकों की परेशानी को बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लाइंड मोड़ के चलते कई बार वाहन खेत में उतर चुके हैं। ज्यादा कोहरे में यह समस्या बढ़ सकती है।
विज्ञापन
ब्लाइंड मोड़ के कारण ग्रामीणों में अनहोनी घटना घटित होने का भय बना रहता है। इसको लेकर ग्रामीणों ने रोष जताकर प्रशासन से समाधान की गुहार लगाई है ताकि वाहन चालकों को सड़क से गुजरने में परेशानी न झेलनी पड़े।
ब्लाइंड मोड़ के दोनों ओर ब्रेकर और साइन बोर्ड लगवाने की मांग
ग्रामीण जसबीर, रणबीर, रविंद्र, अशोक, राहुल, इकबाल, पंडित राजेश, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य राजेश शास्त्री ने बताया कि सनपेड़ा रोड पर ब्लाइंड मोड़ के कारण 2 साल में 3 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। खेतों में वाहन उतरने से करीब 50 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। सड़क का पुनर्निर्माण होने के बाद न तो ब्रेकर बनाया गया और न साइन बोर्ड लगया गया है। पीली पट्टी भी बहुत कम दिखाई देती है। ग्रामीणों की मांग है कि दोनों तरफ ब्रेकर बनाने के साथ साइन बोर्ड लगवाए जाएं। टोल बनने के बाद सनपेड़ा रोड पर वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। जब वाहन तेज गति से आते हैं तो कई बार अचानक खेतों में उतर जाते हैं। कुछ दिन पहले यहां खंभे में गाड़ी टकराने से 2 लोगों की मौत होने के अलावा दो लोग घायल हो चुके हैं। मोड़ पर शुरू से ही ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं। इस बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्धारित जमीन पर ही सड़क का पुनर्निर्माण करवाया गया है। अगर ग्रामीणों को मोड़ से ज्यादा परेशानी है तो मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर जल्द समस्या का हल खोजा जा सकेगा। साथ ही ब्रेकर व साइन बोर्ड भी लगवाए जाएंगे। -पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की ओर से जून में करीब 5.69 किलोमीटर लंबे जीटी रोड से रामनगर वाया सनपेड़ा रोड को करीब 4.1 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा बनवाया गया है। इस सड़क से दिनभर जीटी रोड बड़ी से गांव सनपेड़ा, रामनगर, उमेदगढ़, पबनेरा के ग्रामीणों व वाहन चालकों का आवागमन रहता है।
विज्ञापन
सड़क का पुनर्निर्माण होने से ग्रामीणों व वाहन चालकों को गड्ढों से निजात तो मिल गई है लेकिन ब्लाइंड मोड़ ग्रामीणों सहित वाहन चालकों की परेशानी को बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लाइंड मोड़ के चलते कई बार वाहन खेत में उतर चुके हैं। ज्यादा कोहरे में यह समस्या बढ़ सकती है।
विज्ञापन
ब्लाइंड मोड़ के कारण ग्रामीणों में अनहोनी घटना घटित होने का भय बना रहता है। इसको लेकर ग्रामीणों ने रोष जताकर प्रशासन से समाधान की गुहार लगाई है ताकि वाहन चालकों को सड़क से गुजरने में परेशानी न झेलनी पड़े।
ब्लाइंड मोड़ के दोनों ओर ब्रेकर और साइन बोर्ड लगवाने की मांग
ग्रामीण जसबीर, रणबीर, रविंद्र, अशोक, राहुल, इकबाल, पंडित राजेश, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य राजेश शास्त्री ने बताया कि सनपेड़ा रोड पर ब्लाइंड मोड़ के कारण 2 साल में 3 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। खेतों में वाहन उतरने से करीब 50 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। सड़क का पुनर्निर्माण होने के बाद न तो ब्रेकर बनाया गया और न साइन बोर्ड लगया गया है। पीली पट्टी भी बहुत कम दिखाई देती है। ग्रामीणों की मांग है कि दोनों तरफ ब्रेकर बनाने के साथ साइन बोर्ड लगवाए जाएं। टोल बनने के बाद सनपेड़ा रोड पर वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। जब वाहन तेज गति से आते हैं तो कई बार अचानक खेतों में उतर जाते हैं। कुछ दिन पहले यहां खंभे में गाड़ी टकराने से 2 लोगों की मौत होने के अलावा दो लोग घायल हो चुके हैं। मोड़ पर शुरू से ही ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं। इस बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्धारित जमीन पर ही सड़क का पुनर्निर्माण करवाया गया है। अगर ग्रामीणों को मोड़ से ज्यादा परेशानी है तो मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर जल्द समस्या का हल खोजा जा सकेगा। साथ ही ब्रेकर व साइन बोर्ड भी लगवाए जाएंगे। -पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।