फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   aqi become 389 in sonipat

जहरीली हवा : एक्यूआई 389 पर पहुंचा, मास्क लगाकर ही घर से निकले

Wed, 02 Nov 2022 01:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
aqi become 389 in sonipat
सोनीपत। जिले में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वातावरण में सुबह-शाम हल्का स्मॉग छाने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रदूषण ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन की समस्या भी होने लगी है। जिले एक्यूआई मंगलवार को 389 तक पहुंच गया। साथ ही पीएम-10 का स्तर 462 और पीएम 2.5 का स्तर 349 दर्ज किया गया। जिससे अस्पताल में सांस, गले में खराश व आंखों में जलन के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के चलते चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। तापमान में गिरावट और हवा के ठहराव के चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। हवा में हानिकारक गैसों और कार्बन कणों की मात्रा मानक से कई गुना ज्यादा हो गई है।
विज्ञापन

वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन होने गली है। साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है। सामान्य अस्पताल के फिजीशियन डॉ. योगेश गोयल ने कई हिदायत दी हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए और घर से निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है। प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह हवा की धीमी गति बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवाओं की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी। सुबह तापमान कम होने पर प्रदूषण की परत घनी हो जाती है, जबकि दोपहर में इसका स्तर कुछ कम हो जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अलर्ट जारी किया है।
विज्ञापन

सांस के मरीजों की बढ़ रही परेशानी
प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना सांस के 80 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को लगातार एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। मरीजों को घर से नहीं निकलने की हिदायत दी जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि प्रदूषण फेफड़े संबंधित मरीजों के लिए खतरनाक है। ऐसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है। मरीजों को सुबह के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। सुबह के समय प्रदूषण की मात्रा ज्यादा होती है। अगर मरीजों को सैर करने के लिए बाहर निकलना हो तो वह धूप निकलने पर बाहर जाएं। छोटे बच्चों को धूल-मिट्टी में न खेलने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 मॉडरेट
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
प्रदूषण का स्तर ज्यादा खतरनाक बना हुआ है। इससे बचकर रहना हितकर है। खुली हवा में सांस लेने से कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। सांस लेने में परेशानी होने या आंखों से ज्यादा पानी आने पर चिकित्सक से संपर्क करें। - डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed