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बुखार से पीड़ित बेटे को उपचार मिलने में देरी का आरोप, पिता ने बुलाई पुलिस
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हंगामे की सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल परिसर में पहुंची डायल-112 की टीम। संवाद
- फोटो : Sonipat
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महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सरकारी अवकाश होने के कारण बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी बंद रही। ऐसे में अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में उपचार कराने के लिए काफी संख्या में मरीज पहुंच गए। वार्ड में एक ही मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी लगी थी। देवनगर से पहुंचे बुखार से पीड़ित किशोर को काफी देर तक उपचार नहीं मिला तो उसके पिता ने पुलिस बुला ली।
अवकाश होने के कारण जिला अस्पताल में ओपीडी बंद रही। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में एक ही मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी लगाई गई थी। उपचार के लिए पहुंचे मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सुबह से उपचार के लिए आए मरीजों व उसके तीमारदारों को चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा की घायलों का इलाज कराने के साथ एमएलआर काटने की भी ड्यूटी थी। इस बीच देवनगर के रहने वाला सुरेंद्र भी बुखार से पीड़ित बेटे के उपचार के लिए लाइन में लग गया। काफी देर बाद उसका नंबर आया तो उस दौरान मेडिकल ऑफिसर एमएलआर काट रही थीं। उस दौरान सुरेंद्र पहले बेटे का उपचार करने की मांग करने लगा और हंगामा शुरू कर दिया।
सुरेंद्र का आरोप था कि वह सुबह 9 बजे बुखार से पीड़ित बेटे का उपचार कराने अस्पताल में आया था। काफी देर बाद उनका नंबर आया तो चिकित्सक ने एमएलआर काटने में व्यस्त होने की बात कही। उसने डायल-112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली। वहीं हंगामे के कारण चिकित्सक ने ओपीडी बंद कर दी और हंगामे की सूचना सिविल सर्जन को दी। अन्य मरीज भी इलाज कराने के लिए भटकते रहे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस व आरएमओ डॉ. राजेश सिंघल पहुंचे। आरएमओ ने शिकायतकर्ता सुरेंद्र व मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा से मामले की जानकारी ली। इस पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा ने छुट्टी के दिन अतिरिक्त चिकित्सक की मांग की, जिसके बाद आरएमओ के समझाने पर व्यक्ति भी शांत हो गया। उसके बाद ओपीडी शुरू हो सकी।
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वर्जन
सरकारी अवकाश के चलते अस्पताल में ओपीडी बंद थी और आपातकालीन वार्ड में काफी संख्या में मरीज पहुंच गए थे। मेरे साथ किसी चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगा रखी थी। घायलों की एमएलआर काटने के साथ-साथ मरीजों की जांच भी कर रही थीं। अपने बेटे को साथ लेकर आए एक व्यक्ति ने अचानक हंगामा कर दिया और पुलिस बुला ली। इसके बारे में सिविल सर्जन को अवगत कराया गया था। बाद में ओपीडी शुरू कर दी गई। मैंने छुट्टी के दिन आपातकालीन वार्ड में एक अन्य चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के लिए कहा है।
- डॉ. एकता शर्मा, मेडिकल ऑफिसर जिला अस्पताल
वर्जन
आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. एकता ने हंगामे की सूचना फोन कर दी थी। उसके बाद वहां पर आरएमओ को भेजा गया। साथ ही आरएमओ को भविष्य में छुट्टी के दिन आपातकालीन वार्ड में दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, जिससे चिकित्सक व मरीजों को कोई परेशानी न हो सके।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत
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अवकाश होने के कारण जिला अस्पताल में ओपीडी बंद रही। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में एक ही मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी लगाई गई थी। उपचार के लिए पहुंचे मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सुबह से उपचार के लिए आए मरीजों व उसके तीमारदारों को चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा की घायलों का इलाज कराने के साथ एमएलआर काटने की भी ड्यूटी थी। इस बीच देवनगर के रहने वाला सुरेंद्र भी बुखार से पीड़ित बेटे के उपचार के लिए लाइन में लग गया। काफी देर बाद उसका नंबर आया तो उस दौरान मेडिकल ऑफिसर एमएलआर काट रही थीं। उस दौरान सुरेंद्र पहले बेटे का उपचार करने की मांग करने लगा और हंगामा शुरू कर दिया।
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सुरेंद्र का आरोप था कि वह सुबह 9 बजे बुखार से पीड़ित बेटे का उपचार कराने अस्पताल में आया था। काफी देर बाद उनका नंबर आया तो चिकित्सक ने एमएलआर काटने में व्यस्त होने की बात कही। उसने डायल-112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली। वहीं हंगामे के कारण चिकित्सक ने ओपीडी बंद कर दी और हंगामे की सूचना सिविल सर्जन को दी। अन्य मरीज भी इलाज कराने के लिए भटकते रहे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस व आरएमओ डॉ. राजेश सिंघल पहुंचे। आरएमओ ने शिकायतकर्ता सुरेंद्र व मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा से मामले की जानकारी ली। इस पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. एकता शर्मा ने छुट्टी के दिन अतिरिक्त चिकित्सक की मांग की, जिसके बाद आरएमओ के समझाने पर व्यक्ति भी शांत हो गया। उसके बाद ओपीडी शुरू हो सकी।
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सरकारी अवकाश के चलते अस्पताल में ओपीडी बंद थी और आपातकालीन वार्ड में काफी संख्या में मरीज पहुंच गए थे। मेरे साथ किसी चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगा रखी थी। घायलों की एमएलआर काटने के साथ-साथ मरीजों की जांच भी कर रही थीं। अपने बेटे को साथ लेकर आए एक व्यक्ति ने अचानक हंगामा कर दिया और पुलिस बुला ली। इसके बारे में सिविल सर्जन को अवगत कराया गया था। बाद में ओपीडी शुरू कर दी गई। मैंने छुट्टी के दिन आपातकालीन वार्ड में एक अन्य चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के लिए कहा है।
- डॉ. एकता शर्मा, मेडिकल ऑफिसर जिला अस्पताल
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आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. एकता ने हंगामे की सूचना फोन कर दी थी। उसके बाद वहां पर आरएमओ को भेजा गया। साथ ही आरएमओ को भविष्य में छुट्टी के दिन आपातकालीन वार्ड में दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, जिससे चिकित्सक व मरीजों को कोई परेशानी न हो सके।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत

बुखार से पीड़ित बेटे के इलाज के लिए आपातकालीन वार्ड के गेट पर खड़ा सुरेंद्र। संवाद- फोटो : Sonipat