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आंदोलनकारी पहलवानों को ट्रायल में छूट: योगेश्वर और विनेश फोगाट आमने-सामने, सोशल मीडिया पर जुबानी जंग

Fri, 23 Jun 2023 03:17 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 23 Jun 2023 03:17 PM IST
सार

बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट समेत 6 पहलवानों को ट्रायल में छूट दी गई है। जिसको लेकर ओलंपियन और भाजपा नेता योगेश्वर दत्त ने सवाल उठाया है। वीडियो शेयर कर उन्होंने इसे कुश्ती के लिए काला दिन करार दिया।

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Agitating wrestlers exempted from trial: Yogeshwar and Vinesh face to face, war of words on social media
खिलाड़ी योगेश्वर दत्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुश्ती में शुरू हुए विवाद पर पहलवानों की जुबानी जंग लगातार जारी है। अब धरने में शामिल छह पहलवानों को ट्रायल में छूट देने के फैसले पर ओलंपियन और भाजपा नेता योगेश्वर दत्त ने सवाल उठाया है। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने इसे कुश्ती के लिए काला दिन करार दिया। योगेश्वर दत्त ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करने का मकसद क्या यही था।

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योगेश्वर दत्त ने इसे कुश्ती इतिहास का काला दिन करार दिया
दूसरी ओर पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया से योगेश्वर दत्त पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भी दिमाग में योगेश्वर दत्त की घटिया हंसी छपी हुई है। विनेश ने लिखा कि जांच के दौरान भी योगेश्वर दत्त ने नाबालिग पहलवान हो स्पष्ट कहा था की बृजभूषण शरण का कुछ नहीं बिगड़ने वाला जाकर अपनी प्रेक्टिस कर लो।
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दूसरी ओर विनेश का हमला, कहा, योगेश्वर की घटिया हंसी दिमाग में अटकी
बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट समेत 6 पहलवानों को ट्रायल में छूट दी गई है। भारतीय ओलंपिक संघ की तदर्थ समिति ने छह आंदोलनकारी पहलवानों के लिए एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप की चयन प्रक्रिया को सिर्फ एक मुकाबले में जीत के बाद चयन करने की बात कही है। इन पहलवानों को दोनों प्रतियोगिताओं की भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए सिर्फ ट्रायल के विजेताओं को हराने की जरूरत होगी। छह पहलवानों में विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा शामिल हैं। यह पहलवान 5 से 15 अगस्त के बीच ट्रायल के विजेताओं से भिड़ेंगे।

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सोशल मीडिया पर यह बोले योगेश्वर दत्त

योगेश्वर दत्त ने कहा कि छूट देनी है तो रवि दहिया को भी दो दीपक पूनिया को भी देनी चाहिए। तदर्थ समिति ने ऐसे ट्रायल लेने के क्या मापदंड अपनाए हैं। अगर आपको ऐसे ही ट्रायल लेने हैं, तो रवि दहिया है जो ओलंपिक का मेडलिस्ट है, दीपक पूनिया है वो भी गोल्ड मेडलिस्ट है व ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहा था। अंशु मलिक है, वर्ल्ड की सिल्वर मेडलिस्ट व ओलंपियन है। सोनम मलिक है। इनके अलावा और भी बहुत से पहलवान हैं, जो इस देश में नंबर वन है। लेकिन इन छह ही पहलवानों को ट्रायल में छूट देना, मेरी समझ से बाहर है। यह सरासर गलत है, ऐसा तो आज तक जो पहले पैनल थे, उसने भी नहीं किया है।

बृजभूषण का कुछ ना बिगड़े

योगेश्वर दत्त ने कहा कि हमारे जितने भी पहलवान हैं, उनसे अपील है कि आप अपनी आवाज जरूर उठाइए। मैं यह नहीं कह रहा कि आप धरना दीजिए, प्रदर्शन कीजिए। आप खूब मेहनत कीजिए, पर आप अपनी आवाज जरूर उठाइए। आप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, खेल मंत्री, ओलंपिक एसोसिएशन को पत्र लिखिए और एडहॉक कमेटी के इस फैसले से उन्हें अवगत कराइए।

बिना ट्रायल के भी टीम भेजी
इतिहास में कभी भी किसी फेडरेशन ने ऐसे फैसले नहीं किए हैं। हां, उन्होंने बिना ट्रायल के भी टीम भेजी हैं, लेकिन नंबर वन टीम भेजी है। ट्रायल में छूट भी दी गई है, लेकिन वह सभी के लिए नहीं दी गई है। छूट उसी को दी गई जो आउटस्टैंडिंग पहलवान था और वर्तमान में जिसने अच्छा प्रदर्शन किया हो। यह पहलवान तो एक साल से भी ज्यादा समय से मैट से दूर हैं।

मैं गलत के खिलाफ जरूर बोलूंगा

साथ ही योगेश्वर दत्त ने कहा कि सभी खाप पंचायतें, किसान संगठन इस फैसले को जरूर देखिए। क्योंकि आपने इन पहलवानों का साथ दिया था। इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आपका बहुत बड़ा योगदान रखा है। यह जो फैसला है या किसके लिए अच्छा और किसके लिए बुरा है। अब आप उस प्रदर्शन की हकीकत को जानिए कि वह यौन शोषण के खिलाफ हुआ था या ट्रायल में छूट के लिए किया गया था। यह फैसला तानाशाही वाला है, मैं गलत के खिलाफ जरूर बोलूंगा।

मेरा कोई भी निजी स्वार्थ नहीं
हरियाणा में कुश्ती की कष्ट निवारण समिति बनी थी, जिसके मुखिया कोच रणबीर ढाका और ज्ञान कोच हैं, जोकि एडहॉक कमेटी का भी हिस्सा हैं। उनके रहते हुए इस तरह का फैसला लिया गया है, वह भी इस पर विचार करें। यह फैसला बिल्कुल तानाशाही वाला लिया गया है। मैंने कुश्ती के लिए यह सब बातें बोली है, जहां भी कुश्ती के साथ कुछ गलत होगा, मैं जरूर बोलूंगा। इसमें मेरा कोई भी निजी स्वार्थ नहीं है।

विनेश ने सोशल मीडिया पर दिया जवाब

विनेश फोगाट ने लिखा है कि योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उसकी वह घटिया हंसी दिमाग़ में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा था। जब कमेटी के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगता। जब दो महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आई तो बाहर आकर उनको कहने लगा कि कुछ ना हो बृजभूषण का, जाके अपनी प्रेक्टिस कर लयो।

इतना बड़ा इस्यू मत बनाओ- विनेश
एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीक़े से बोला कि यह सब तो चलता रहता है इसको इतना बड़ा इस्यू मत बनाओ। कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। कमेटी की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया को लीक कर दिए। उसने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन करके यह भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के ख़िलाफ़ बयान दे रहा था, उसके बावजूद उसे दोनों कमेटियों में रखा गया।

वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकता रहा। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहा है। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में विनेश फोगाट ने लिखा कि समाज में कोई भी अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है तो योगेश्वर ज़रूर उल्टियां करता है। पहले किसानों, जवानों, छात्रों, मुसलमानों, सिखों पर घटिया टिप्पणिया की और अब महिला पहलवानों को बदनाम करने में लगा हुआ है। समाज से ग़द्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुंह गिरे हो तुम। 

समाज जहरीले नाग से हमेशा सावधान रहता
मैं चैलेंज करती हूँ कि कभी ज़िंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे, क्योंकि समाज जहरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसके कभी पैर नहीं लगने देता। कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना ज़ोर मत लगाओ, बहुत पक्के इरादे हैं इनके। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। ज़ालिम के हक़ में खड़े हो उसकी चापलूसी कर रहे हो। जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौंसले बुलंद रहेंगे। ..... जैसा कि विनेश फौगाट की फेसबुक आईडी पर पोस्ट किया गया है।

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