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Sonipat News: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर दो युवकों से 18 लाख ऐंठने का आरोप
Fri, 19 Dec 2025 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 19 Dec 2025 01:57 AM IST
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गोहाना। गांव कथूरा के दो युवकों को विदेश भेजने और वहां रोजगार दिलाने के नाम पर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। गांव के रवि शंकर और राहुल ने पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर जींद जिले के गांव बढ़ाना निवासी चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में रवि शंकर व राहुल ने बताया कि बढ़ाना गांव निवासी परमजीत लुहाच, कुलदीप लुहाच, सुनीता और मोहित लुहाच ने स्वयं को ऑस्ट्रेलिया की एक इमिग्रेशन एजेंसी से जुड़ा हुआ बताया था। आरोपियों ने दोनों युवकों को ऑस्ट्रेलिया भेजने, वीजा, फ्लाइट टिकट और वहां नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
प्रति व्यक्ति 24 लाख रुपये मांगे थे। मार्च से जून 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में कुल 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से वीजा और फ्लाइट टिकट की पीडीएफ फाइलें भेज दीं। जब वीजा की जांच कराई गई तो वह विजिटर कैटेगरी का निकला जिसमें काम करने की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा वीजा दस्तावेजों में वीजा ग्रांट नंबर और आवेदन आईडी भी मिटाई हुई पाई गई।
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आरोपियों की तरफ से भेजे गए फ्लाइट टिकट भी यात्रा से पहले ही रद्द कर दिए गए। जब पीड़ितों ने सवाल उठाए तो आरोपियों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नई नीति का हवाला देकर प्रक्रिया में देरी की बात कहकर उन्हें गुमराह करते रहे।
दिसंबर 2024 में पीड़ितों को यह जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी परमजीत लुहाच ऑस्ट्रेलिया में नहीं बल्कि भारत में ही रह रहा है। इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसे लेकर जनवरी और जून में पंचायतें भी हुईं जिनमें आरोपियों ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की। इस पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में रवि शंकर व राहुल ने बताया कि बढ़ाना गांव निवासी परमजीत लुहाच, कुलदीप लुहाच, सुनीता और मोहित लुहाच ने स्वयं को ऑस्ट्रेलिया की एक इमिग्रेशन एजेंसी से जुड़ा हुआ बताया था। आरोपियों ने दोनों युवकों को ऑस्ट्रेलिया भेजने, वीजा, फ्लाइट टिकट और वहां नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
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प्रति व्यक्ति 24 लाख रुपये मांगे थे। मार्च से जून 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में कुल 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से वीजा और फ्लाइट टिकट की पीडीएफ फाइलें भेज दीं। जब वीजा की जांच कराई गई तो वह विजिटर कैटेगरी का निकला जिसमें काम करने की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा वीजा दस्तावेजों में वीजा ग्रांट नंबर और आवेदन आईडी भी मिटाई हुई पाई गई।
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आरोपियों की तरफ से भेजे गए फ्लाइट टिकट भी यात्रा से पहले ही रद्द कर दिए गए। जब पीड़ितों ने सवाल उठाए तो आरोपियों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नई नीति का हवाला देकर प्रक्रिया में देरी की बात कहकर उन्हें गुमराह करते रहे।
दिसंबर 2024 में पीड़ितों को यह जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी परमजीत लुहाच ऑस्ट्रेलिया में नहीं बल्कि भारत में ही रह रहा है। इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसे लेकर जनवरी और जून में पंचायतें भी हुईं जिनमें आरोपियों ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की। इस पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।