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Sonipat News: प्लॉट बेचने के नाम पर 34.25 लाख रुपये हड़पने का आरोप
Fri, 28 Mar 2025 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:47 AM IST
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सोनीपत। कुंडली में प्लॉट बेचने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कुंडली थाना में शिकायत देकर धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया है। कुंडली थाना पुलिस मामले में जांच कर रही है।
दिल्ली के सरस्वती विहार निवासी अमित ने पुलिस को बताया कि वह हाई-पैक फिल्म्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में एक कंपनी से 350 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने को सौदा किया था। इस कंपनी के निवेशक एचके खान, नादिरा फराज हामिद और ओमर इमाम ने उन्हें यह प्लॉट बेचने का अनुबंध किया था। फरवरी 2006 को बुकिंग राशि के रूप में 9,35,375 रुपये चेक दिए गए थे। इसके बाद वह किस्तों में कुल 34,25,250 का भुगतान कर चुके हैं। उन्हें प्लॉट पर कब्जा दिलाने का आश्वासन ही मिलता रहा। कोरोना संकट के दौरान भी भरोसा दिलाया गया कि जल्द कब्जा दिला देंगे। 15 जनवरी को जब अमित ने टीडीआई कंपनी से संपर्क किया तो पता लगा कि उनका प्लॉट बिक चुका है। प्लॉट को पहले पहले सुनीत कुमार और फिर अनंत गर्ग को बेच दिया गया था। पीड़ित का आरोप है कि शेरवुड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उनके प्लॉट को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दिल्ली के सरस्वती विहार निवासी अमित ने पुलिस को बताया कि वह हाई-पैक फिल्म्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में एक कंपनी से 350 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने को सौदा किया था। इस कंपनी के निवेशक एचके खान, नादिरा फराज हामिद और ओमर इमाम ने उन्हें यह प्लॉट बेचने का अनुबंध किया था। फरवरी 2006 को बुकिंग राशि के रूप में 9,35,375 रुपये चेक दिए गए थे। इसके बाद वह किस्तों में कुल 34,25,250 का भुगतान कर चुके हैं। उन्हें प्लॉट पर कब्जा दिलाने का आश्वासन ही मिलता रहा। कोरोना संकट के दौरान भी भरोसा दिलाया गया कि जल्द कब्जा दिला देंगे। 15 जनवरी को जब अमित ने टीडीआई कंपनी से संपर्क किया तो पता लगा कि उनका प्लॉट बिक चुका है। प्लॉट को पहले पहले सुनीत कुमार और फिर अनंत गर्ग को बेच दिया गया था। पीड़ित का आरोप है कि शेरवुड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उनके प्लॉट को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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