{"_id":"635d7f509501970be627fc69","slug":"abhimanyu-son-of-former-principal-of-sports-school-rai-becomes-lieutenant-sonipat-news-rtk6620837119","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल स्कूल राई के पूर्व प्राचार्य का बेटा अभिमन्यू बना लेफ्टिनेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल स्कूल राई के पूर्व प्राचार्य का बेटा अभिमन्यू बना लेफ्टिनेंट
विज्ञापन
खेल स्कूल राई के पूर्व प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर का बेटा अभिमन्यु मोर सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। अभिमन्यू लेफ्टिनेंट बनने वाले अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी है। इससे पहले उनके दादा व पिता भी सेना में उच्च पदों पर रहे हैं। शनिवार को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई में अभिमन्यु मोर ने पासिंग परेड में हिस्सा लिया। अब वह सेना की तोपखाना शाखा में बतौर लेफ्टिनेंट चयनित हो गए हैं।
पिता कर्नल अशोक मोर व मां सोनिया मोर ने बेटे के लेफ्टिनेंट बनने पर खुशी जताई है। खेल स्कूल राई के पूर्व प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर खेल स्कूल राई के 1989 बैच के छात्र रहे हैं। वह 1993 में भारतीय थल सेना में शामिल हुए थे। सेना में उन्होंने आपरेशन रक्षक, ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम में हिस्सा लिया था। इसी तरह से कर्नल अशोक मोर के पिता सूबेदार धर्मपाल मोर भी 1969 में सेना में भर्ती हुए थे। वह 1987 में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
कर्नल अशोक मोर ने बताया कि उनके पिता सूबेदार धर्मपाल मोर के बाद उन्होंने 1993 में सेना ज्वाइन की थी। वह 2021 में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने खेल स्कूल राई में प्राचार्य एवं निदेशक का कार्यभार संभाला था। कर्नल अशोक मोर ने कहा कि उनका सपना था परिवार की तीसरी पीढ़ी भी सेना ज्वाइन करें। उनके बेटे अभिमन्यु मोर ने यह सपना पूरा कर दिया है। शनिवार को ओटीए चेन्नई में बेटे अभिमन्यु मोर ने लेफ्टिनेंट की पासिंग परेड में हिस्सा लिया। अब उनका बेटा भी सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। कर्नल अशोक मोर ने कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती। बेटे ने उनके सपने को पूरा कर गौरवान्वित होने के क्षण दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिता कर्नल अशोक मोर व मां सोनिया मोर ने बेटे के लेफ्टिनेंट बनने पर खुशी जताई है। खेल स्कूल राई के पूर्व प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर खेल स्कूल राई के 1989 बैच के छात्र रहे हैं। वह 1993 में भारतीय थल सेना में शामिल हुए थे। सेना में उन्होंने आपरेशन रक्षक, ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम में हिस्सा लिया था। इसी तरह से कर्नल अशोक मोर के पिता सूबेदार धर्मपाल मोर भी 1969 में सेना में भर्ती हुए थे। वह 1987 में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
कर्नल अशोक मोर ने बताया कि उनके पिता सूबेदार धर्मपाल मोर के बाद उन्होंने 1993 में सेना ज्वाइन की थी। वह 2021 में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने खेल स्कूल राई में प्राचार्य एवं निदेशक का कार्यभार संभाला था। कर्नल अशोक मोर ने कहा कि उनका सपना था परिवार की तीसरी पीढ़ी भी सेना ज्वाइन करें। उनके बेटे अभिमन्यु मोर ने यह सपना पूरा कर दिया है। शनिवार को ओटीए चेन्नई में बेटे अभिमन्यु मोर ने लेफ्टिनेंट की पासिंग परेड में हिस्सा लिया। अब उनका बेटा भी सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। कर्नल अशोक मोर ने कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती। बेटे ने उनके सपने को पूरा कर गौरवान्वित होने के क्षण दिए हैं।
विज्ञापन