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अब किलोहड़द से आईआईआईटी को शिफ्ट न करने की डिमांड
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
किलोहड़द में बनने वाली आईआईआईटी को खरखौदा की ओर शिफ्ट करने की योजना बनाए जाने का पता चलने पर दर्जन भर गांवों के लोग सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि आईआईआईटी के प्रोजेक्ट को काफी प्रयास के बाद गांव किलोहड़द में लाया गया था। किलोहड़द के सरपंच की ओर से इसका प्रस्ताव नहीं देने पर जगह को बदलना गलत है। इस योजना को गांव में ही सिरे चढ़ाने के लिए ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और किलोहड़द के सरपंच को मनाकर प्रस्ताव जल्द दिलाने की बात कही।
जिला परिषद के वाइस चेयरमैन बिजेंद्र मलिक के नेतृत्व में दर्जनभर गांवों से ग्रामीण आईआईआईटी के मामले में लघु सचिवालय पर पहुंचे। आईआईआईटी को पहले किलोहड़द में बनाने की तैयारी की गई थी, लेकिन उसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव नहीं दिया गया। जिससे प्रशासन ने इसे खरखौदा की ओर शिफ्ट करने का फैसला किया है, जिसके लिए योजना तैयार की जा रही है। इसका पता चलने पर गांव किलोहड़द के अलावा जाजी, भठगांव, हुल्लाहेड़ी, बड़वासनी, शहजादपुर, महलाना, चटिया औलिया, मोहाना, सांदलकलां, मोई, जुआं, उल्देपुर, तिहाड़ कलां, तिहाड़ खुर्द, नैना ततारपुर, छतेहरा बहादुरपुर, सिटावली व रतनगढ़ के ग्रामीण सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम निशांत यादव को मांगपत्र सौंपकर आईआईआईटी के लिए प्रस्ताव देने के लिए सरपंच को मनाने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि सभी ग्रामीण सरपंच के पास जाकर उसको समझाएंगे और वहां से नया प्रस्ताव पास कर प्रशासन को जल्द दिया जाएगा।
आईआईआईटी शिफ्ट होने से रोजगार बढ़ेगा
गांव किलोहड़द में आईआईआईटी का निर्माण होने से आसपास के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होगा। क्षेत्र में फैली बेरोजगारी खत्म हो जाएगी। खरखौदा की तरफ आईआईआईटी को शिफ्ट किए जाने से यहां के लोगों परेशानी होगी।
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- भीमसिंह, सरपंच, गांव जाजी
आसपास के गांवों का भी होगा विकास
आईआईआईटी का निर्माण होने से आस पास के क्षेत्र का भी विकास होगा। इस क्षेत्र के गांव विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं। वर्षों की मेहनत के बाद क्षेत्र के लोगों को गांव किलोहड़द में आईआईआईटी के विकास होने की आस जगी है।
-कर्मबीर, सरपंच, गांव भठगांव
गांव में लाए थे प्रोजेक्ट
गांव में आईआईआईटी के प्रोजेक्ट को काफी प्रयास के बाद लेकर आए थे। उम्मीद थी कि यहां पर आईआईआईटी बनने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लेकिन सरपंच की ओर से प्रस्ताव देने में आनाकानी की जा रही है जो सरासर गलत है।
-नीरज, ग्रामीण, किलोहड़द
तकनीकी शिक्षा के लिए नहीं जाना होगा दूर
आईआईआईटी का निर्माण होने पर आस पास के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सोनीपत के छात्रों को खरखौदा की तरफ भागना नहीं पड़ेगा। सरपंच के मनाने के बाद ही यहीं पर निर्माण कार्य शुरू करवाने का प्रयास करेंगे।
- बिजेंद्र मलिक, वाइस चेयरमैन, जिला परिषद
अब किलोहड़द से आईआईआईटी को शिफ्ट न करने की डिमांड
लघु सचिवालय पर एसडीएम से मिलने पहुंचे एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग
आईआईआईटी को प्रशासन ने किलोहड़द से खरखौदा शिफ्ट करने का लिया है निर्णय
किलोहड़द में बनने वाली आईआईआईटी का नया प्रस्ताव नहीं दे रही थी ग्राम पंचायत
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सोनीपत।
किलोहड़द में बनने वाली आईआईआईटी को खरखौदा की ओर शिफ्ट करने की योजना बनाए जाने का पता चलने पर दर्जन भर गांवों के लोग सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि आईआईआईटी के प्रोजेक्ट को काफी प्रयास के बाद गांव किलोहड़द में लाया गया था। किलोहड़द के सरपंच की ओर से इसका प्रस्ताव नहीं देने पर जगह को बदलना गलत है। इस योजना को गांव में ही सिरे चढ़ाने के लिए ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और किलोहड़द के सरपंच को मनाकर प्रस्ताव जल्द दिलाने की बात कही।
जिला परिषद के वाइस चेयरमैन बिजेंद्र मलिक के नेतृत्व में दर्जनभर गांवों से ग्रामीण आईआईआईटी के मामले में लघु सचिवालय पर पहुंचे। आईआईआईटी को पहले किलोहड़द में बनाने की तैयारी की गई थी, लेकिन उसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव नहीं दिया गया। जिससे प्रशासन ने इसे खरखौदा की ओर शिफ्ट करने का फैसला किया है, जिसके लिए योजना तैयार की जा रही है। इसका पता चलने पर गांव किलोहड़द के अलावा जाजी, भठगांव, हुल्लाहेड़ी, बड़वासनी, शहजादपुर, महलाना, चटिया औलिया, मोहाना, सांदलकलां, मोई, जुआं, उल्देपुर, तिहाड़ कलां, तिहाड़ खुर्द, नैना ततारपुर, छतेहरा बहादुरपुर, सिटावली व रतनगढ़ के ग्रामीण सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम निशांत यादव को मांगपत्र सौंपकर आईआईआईटी के लिए प्रस्ताव देने के लिए सरपंच को मनाने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि सभी ग्रामीण सरपंच के पास जाकर उसको समझाएंगे और वहां से नया प्रस्ताव पास कर प्रशासन को जल्द दिया जाएगा।
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आईआईआईटी शिफ्ट होने से रोजगार बढ़ेगा
गांव किलोहड़द में आईआईआईटी का निर्माण होने से आसपास के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होगा। क्षेत्र में फैली बेरोजगारी खत्म हो जाएगी। खरखौदा की तरफ आईआईआईटी को शिफ्ट किए जाने से यहां के लोगों परेशानी होगी।
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- भीमसिंह, सरपंच, गांव जाजी
आसपास के गांवों का भी होगा विकास
आईआईआईटी का निर्माण होने से आस पास के क्षेत्र का भी विकास होगा। इस क्षेत्र के गांव विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं। वर्षों की मेहनत के बाद क्षेत्र के लोगों को गांव किलोहड़द में आईआईआईटी के विकास होने की आस जगी है।
-कर्मबीर, सरपंच, गांव भठगांव
गांव में लाए थे प्रोजेक्ट
गांव में आईआईआईटी के प्रोजेक्ट को काफी प्रयास के बाद लेकर आए थे। उम्मीद थी कि यहां पर आईआईआईटी बनने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लेकिन सरपंच की ओर से प्रस्ताव देने में आनाकानी की जा रही है जो सरासर गलत है।
-नीरज, ग्रामीण, किलोहड़द
तकनीकी शिक्षा के लिए नहीं जाना होगा दूर
आईआईआईटी का निर्माण होने पर आस पास के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सोनीपत के छात्रों को खरखौदा की तरफ भागना नहीं पड़ेगा। सरपंच के मनाने के बाद ही यहीं पर निर्माण कार्य शुरू करवाने का प्रयास करेंगे।
- बिजेंद्र मलिक, वाइस चेयरमैन, जिला परिषद
अब किलोहड़द से आईआईआईटी को शिफ्ट न करने की डिमांड
लघु सचिवालय पर एसडीएम से मिलने पहुंचे एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग
आईआईआईटी को प्रशासन ने किलोहड़द से खरखौदा शिफ्ट करने का लिया है निर्णय
किलोहड़द में बनने वाली आईआईआईटी का नया प्रस्ताव नहीं दे रही थी ग्राम पंचायत