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Sonipat News: नागरिक अस्पताल में हर माह 700 मरीज लगवा रहे एंटी रेबीज इंजेक्शन

Fri, 27 Sep 2024 10:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 27 Sep 2024 10:37 PM IST
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700 patients are getting anti-rabies injection every month in the civil hospital
सोनीपत। शहर व आसपास के क्षेत्रों के लोग कुत्तों व बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। कुत्तों व बंदरों के काटे मरीज जिला नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में हर माह करीब 700 मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जाते हैं। साथ ही मरीजों को चार बार इंजेक्शन लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से 28 दिन के अंदर मरीजों को चार बाद इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
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सोनीपत व आसपास ग्रामीण क्षेत्र से रोजाना 25 मरीज कुत्तों व बंदरों के काटने के बाद जिला अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में हर महीने 700 मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जाते हैं। अस्पताल में इंजेक्शन की एक डोज 100 रुपये में लगाई जाती है, जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए 300 से 350 रुपये लिए जाते हैं। बीपीएल कार्डधारक को यह इंजेक्शन मुफ्त में लगाया जाता है। चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि कुत्ता काटे तो लापरवाही न करें। बच्चों को विशेष तौर पर बताएं कि कभी भी कुत्ता, बिल्ली, बंदर या अन्य काट ले तो तुरंत बताएं। कई बार इसे हल्का मानकर छोड़ देते हैं और रेबीज फैल जाता है। ऐसे मामलों में मरीज की मौत तक हो सकती है।
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रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेबीज एक विषाणु जनित रोग है। इसके कारण मस्तिष्क में सूजन हो सकती है। इसके बाद बुखार के साथ काटने के स्थान पर झुनझुनी (सुई चुभने जैसा प्रभाव) जैसे प्रारंभिक लक्षण दिखते हैं। रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है, क्योंकि एक बार रेबीज होने के बाद मौत सुनिश्चित हो जाती है। कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, चूहा, चमगादड़ के काटने पर रेबीज होता है, इसलिए कोई भी जानवर काटे तो तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
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कुत्ता या बंदर काटे तो क्या करें
- घाव को सबसे पहले पानी में धो लें।
- पांच से 10 मिनट के लिए नल के बहते पानी में रखें।
- एक साफ कपड़े से रक्तस्राव को धीमा करें।
- पट्टी न बांधे और तुरंत अस्पताल लेकर जाए।
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जिला नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन की काफी मात्रा में उपलब्ध हैं। बंदरों व कुत्तों के काटे जाने पर 700 मरीज हर माह इंजेक्शन लगवाने अस्पताल में पहुंच रहे है। लोगों को रेबीज से बचाव के लिए विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत
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