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Sonipat News: सड़क हादसों में मरने वाले 66 फीसदी 18 से 45 वर्ष के लोग
Thu, 27 Nov 2025 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:16 AM IST
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फोटो 09- सोनीपत के राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई स्थित दिल्ली के एआईसी आईआईटी की जिला शाखा में
- फोटो : 1
सोनीपत। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई स्थित दिल्ली के अटल इनक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की जिला शाखा में भारत सुरक्षा : सड़क सुरक्षा एवं गतिशीलता नवाचार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला नवाचार फाउंडेशन ने होंडा इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे डीप टेक समाधान व स्टार्टअप को बढ़ावा देना रहा जो देश में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम कर सकें। साथ ही देश में वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी कमी लाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली आईआईटी से डीन (प्लानिंग) प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय, होंडा इंडिया फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय ढींगड़ा, आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बिपिन कुमार, ऋषिहुड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शोभित माथुर, स्टार्टअप हरियाणा से नीति विशेषज्ञ विशाल शर्मा, रियल टाइम एंजेल फंड के सामान्य पार्टनर डॉ. विभूति अग्रवाल, दिल्ली सीआरएफ आईआईटी से परियोजना सलाहकार डॉ. अतुल कुमार सिंह ने शिरकत की।
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वक्ताओं ने बताया कि देश में दोपहिया वाहन सवार सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं इसलिए अब समय है कि सड़क सुरक्षा में अत्याधुनिक तकनीक, सस्ती तकनीक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान अपनाए जाएं। सड़क सुरक्षा में बड़े बदलाव केवल तभी संभव है जब देश के स्टार्टअप, शोध संस्थान, उद्योग मिलकर काम करें।
सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2023 में 1,68,491 लोगों की गई जान
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला एआईसी आईआईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक पांडेय ने कहा कि वर्ष 2023 में 1,68,491 लोगों की जान गई थी। इनमें 66 फीसदी मौत 18 से 45 वर्ष आयु समूह की हुई। दोपहिया वाहन सवार सबसे अधिक प्रभावित रहे जो कुल मौतों का 45 फीसदी है जबकि 20 फीसदी मौत पैदल चलने वालों की हुईं। 71.8 फीसदी दोपहिया वाहन चालकों की मौत बिना हेलमेट, 52.7 फीसदी कार सवार की मौत बिना सीट बेल्ट के कारण हुईं। इन चिंताजनक आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए एआईसी आईआईटी दिल्ली व होंडा इंडिया फाउंडेशन ने भारत सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम देश में सड़क सुरक्षा को तकनीक आधारित समाधान देकर मजबूत बनाने का लक्ष्य रखता है। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौत में 50 फीसदी की कमी लाना है।
यह कार्यक्रम विभिन्न स्टार्टअप को निम्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करेगा। इनमें पहला टक्कर रोकथाम एवं सवार-सहायता प्रौद्योगिकी, दूसरा हेलमेट अनुपालन एवं स्मार्ट सुरक्षा उपकरण, तीसरा व्यवहार विश्लेषण, गति प्रबंधन एवं एआई आधारित निगरानी, चौथा रात में दृश्यता बढ़ाने एवं कम लागत वाले सेफ्टी समाधान शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में दिल्ली एआईसी आईआईटी से प्रबंधन टीम सदस्य डॉ. हिमांशु अग्रवाल, अक्षय कुमार, कृष्ण टेकाले मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे डीप टेक समाधान व स्टार्टअप को बढ़ावा देना रहा जो देश में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम कर सकें। साथ ही देश में वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी कमी लाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली आईआईटी से डीन (प्लानिंग) प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय, होंडा इंडिया फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय ढींगड़ा, आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बिपिन कुमार, ऋषिहुड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शोभित माथुर, स्टार्टअप हरियाणा से नीति विशेषज्ञ विशाल शर्मा, रियल टाइम एंजेल फंड के सामान्य पार्टनर डॉ. विभूति अग्रवाल, दिल्ली सीआरएफ आईआईटी से परियोजना सलाहकार डॉ. अतुल कुमार सिंह ने शिरकत की।
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वक्ताओं ने बताया कि देश में दोपहिया वाहन सवार सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं इसलिए अब समय है कि सड़क सुरक्षा में अत्याधुनिक तकनीक, सस्ती तकनीक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान अपनाए जाएं। सड़क सुरक्षा में बड़े बदलाव केवल तभी संभव है जब देश के स्टार्टअप, शोध संस्थान, उद्योग मिलकर काम करें।
सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2023 में 1,68,491 लोगों की गई जान
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला एआईसी आईआईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक पांडेय ने कहा कि वर्ष 2023 में 1,68,491 लोगों की जान गई थी। इनमें 66 फीसदी मौत 18 से 45 वर्ष आयु समूह की हुई। दोपहिया वाहन सवार सबसे अधिक प्रभावित रहे जो कुल मौतों का 45 फीसदी है जबकि 20 फीसदी मौत पैदल चलने वालों की हुईं। 71.8 फीसदी दोपहिया वाहन चालकों की मौत बिना हेलमेट, 52.7 फीसदी कार सवार की मौत बिना सीट बेल्ट के कारण हुईं। इन चिंताजनक आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए एआईसी आईआईटी दिल्ली व होंडा इंडिया फाउंडेशन ने भारत सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम देश में सड़क सुरक्षा को तकनीक आधारित समाधान देकर मजबूत बनाने का लक्ष्य रखता है। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौत में 50 फीसदी की कमी लाना है।
यह कार्यक्रम विभिन्न स्टार्टअप को निम्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करेगा। इनमें पहला टक्कर रोकथाम एवं सवार-सहायता प्रौद्योगिकी, दूसरा हेलमेट अनुपालन एवं स्मार्ट सुरक्षा उपकरण, तीसरा व्यवहार विश्लेषण, गति प्रबंधन एवं एआई आधारित निगरानी, चौथा रात में दृश्यता बढ़ाने एवं कम लागत वाले सेफ्टी समाधान शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में दिल्ली एआईसी आईआईटी से प्रबंधन टीम सदस्य डॉ. हिमांशु अग्रवाल, अक्षय कुमार, कृष्ण टेकाले मौजूद रहे।