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Sonipat News: राई-लिवान के 50 हजार लोगों को जल्द मिलेगा यमुना का पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राई और लिवान गांव के 50 हजार से अधिक लोगों को जल्द ही खारे और दूषित भूजल से राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में टीडीएस का स्तर 1800 तक पहुंचने के कारण ग्रामीणों को पेयजल खरीदकर पीना पड़ रहा है। अब सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने दोनों गांवों में यमुना का स्वच्छ पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। बूस्टिंग स्टेशन और 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए 10.19 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है।
यह स्वीकृति 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिली थी। यमुना किनारे लगे रेनीवेल का पानी फिलहाल राजीव गांधी एजुकेशन सिटी तक पहुंच रहा है। अब एजुकेशन सिटी से राई और लिवान तक करीब छह किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। जीटी रोड के नीचे से पाइपलाइन डालने के लिए एनएचएआई की मंजूरी भी मिल चुकी है।
एसएमडीए की ओर से दोनों गांवों में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टोरेज टैंक का निर्माण कराया जा चुका है। इसके बाद गांव की प्रत्येक गली में पेयजल लाइन बिछाने की योजना है। राई और लिवान में यमुना जल के लिए एक-एक बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यहां पानी एकत्रित कर पाइपलाइन के जरिये घर-घर पहुंचाया जाएगा।
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15 से 40 मीटर नीचे जा चुका भूजल स्तर
औद्योगिक विस्तार के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर 15 से 40 मीटर तक नीचे जा चुका है। वहीं, भूजल में टीडीएस की मात्रा 1800 तक पहुंच गई है। इससे ग्रामीणों के सामने स्वच्छ पेयजल का संकट बना हुआ है। यमुना जल की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों को न केवल दूषित भूजल से राहत मिलेगी, बल्कि पेयजल के लिए रोजाना होने वाले खर्च से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
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राजीव गांधी एजुकेशन सिटी से राई तक पानी पहुंचाने के लिए जीटी रोड पर खुदाई करने के लिए एनएचएआई से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फरवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
आलोक कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसएमडीए
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सोनीपत। राई और लिवान गांव के 50 हजार से अधिक लोगों को जल्द ही खारे और दूषित भूजल से राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में टीडीएस का स्तर 1800 तक पहुंचने के कारण ग्रामीणों को पेयजल खरीदकर पीना पड़ रहा है। अब सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने दोनों गांवों में यमुना का स्वच्छ पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। बूस्टिंग स्टेशन और 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए 10.19 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है।
यह स्वीकृति 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिली थी। यमुना किनारे लगे रेनीवेल का पानी फिलहाल राजीव गांधी एजुकेशन सिटी तक पहुंच रहा है। अब एजुकेशन सिटी से राई और लिवान तक करीब छह किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। जीटी रोड के नीचे से पाइपलाइन डालने के लिए एनएचएआई की मंजूरी भी मिल चुकी है।
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एसएमडीए की ओर से दोनों गांवों में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टोरेज टैंक का निर्माण कराया जा चुका है। इसके बाद गांव की प्रत्येक गली में पेयजल लाइन बिछाने की योजना है। राई और लिवान में यमुना जल के लिए एक-एक बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यहां पानी एकत्रित कर पाइपलाइन के जरिये घर-घर पहुंचाया जाएगा।
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15 से 40 मीटर नीचे जा चुका भूजल स्तर
औद्योगिक विस्तार के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर 15 से 40 मीटर तक नीचे जा चुका है। वहीं, भूजल में टीडीएस की मात्रा 1800 तक पहुंच गई है। इससे ग्रामीणों के सामने स्वच्छ पेयजल का संकट बना हुआ है। यमुना जल की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों को न केवल दूषित भूजल से राहत मिलेगी, बल्कि पेयजल के लिए रोजाना होने वाले खर्च से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी से राई तक पानी पहुंचाने के लिए जीटी रोड पर खुदाई करने के लिए एनएचएआई से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फरवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
आलोक कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसएमडीए