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अक्तूबर तक मिलेगी 25 नई बसों की सौगात
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सोनीपत बस अड्डे पर खड़ी बसें। संवाद
- फोटो : Sonipat
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विष्णु कुमार
सोनीपत। बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज के सोनीपत डिपो केे बेड़े में जल्द ही 25 नई बसें शामिल होंगी। वैसे तो डिपो में 197 बसें स्वीकृत हैं, लेकिन डिपो में महज 108 बसें ही हैं। 25 नई बसें आने के बाद बसों की संख्या बढ़कर 133 हो जाएगी, लेकिन यह भी स्वीकृत संख्या से 64 कम ही रहेंगी। रोडवेज अधिकारियों ने इस संबंध में 40 बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी थी, जिसमें फिलहाल 25 बसों की ही मंजूरी मिली है। अक्टूबर तक इन बसों के पहुंचने की उम्मीद है।
नई बसें आने से मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा
रोडवेज डिपो में नई बसें आने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। जिले के कई ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जहां एक भी बस नहीं जाती है। इन रूटों पर प्रतिदिन सैंकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए शहर आते हैं। बावजूद इसके इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया। जिससे विद्यार्थियों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई बसें आने से इन रूटों पर बस सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
108 से बढ़कर 133 हो जाएगी संख्या
सोनीपत डिपो में अभी 108 बसें हैं। इसमें रोडवेज की 65 बसें, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत 43 बसें चल रही हैं। इनमें से भी कुछ बसें खराब ही रहती हैं। सोनीपत डिपो की 108 बसों में से 90 बसें ही रोजाना फेरे लगाती हैं। रोडवेज डिपो में 25 नई बसें पहुंचने के बाद बसों की संख्या बढ़कर 133 हो जाएगी। जिसके बाद बंद पड़े रूटों को भी शुरू किया जा सकेगा। वहीं लंबे रूटों पर भी बसों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। (संवाद)
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साल दर साल घटती गईं बसें
कुछ वर्ष पहले सोनीपत व गोहाना बस डिपो में करीब 260 बसें थी, जो हर साल कम होती चली गई। वर्तमान समय में सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में कुल 104 रोडवेज बसें हैं। जबकि यहां 63 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जहां बसें बढ़ाई जानी थी, वहां हर साल बसें कम होती चली गई। 25 नई बसें आने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
दस साल बाद कंडम हो जाती हैं बसें
नियमानुसार रोडवेज बस को 10 साल पूरे होने या 8 लाख किलोमीटर का सफर तय करने के बाद कंडम घोषित कर दिया जाता है। हालांकि 2 साल पहले यह समय सीमा 8 साल थी, दो साल पहले इस समय सीमा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया था। उस समय रोडवेज बस अड्डे पर 148 बसें 7 लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी। उच्चाधिकारियों ने इन बसों को दो साल ओर चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद ही अधिकतर रोडवेेज बसें बीच रास्ते में खराब होने लगी। डिपो की अधिकतर बसें तय समय-सीमा पूरी कर चुकी हैं।
जिले के रोडवेज डिपो की वर्तमान स्थिति
सोनीपत डिपो में रोडवेज बसें 65
किलोमीटर स्कीम के तहत बसें 43
रोडवेज डिपो में चालक 325
रोडवेज डिपो में परिचालक 275
वर्जन
रोडवेज डिपो में यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों की संख्या बेहद कम है। कई साल से नई बसें नहीं आई हैं। जिस कारण बसों की कमी बनी हुई है। मुख्यालय को 40 बसों की डिमांड भेजी गई थी। इसमें 25 बसों की स्वीकृत मिली है। इन बसों के डिपो में आने में करीब एक महीना ओर लग जाएगी।
-राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत
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सोनीपत। बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज के सोनीपत डिपो केे बेड़े में जल्द ही 25 नई बसें शामिल होंगी। वैसे तो डिपो में 197 बसें स्वीकृत हैं, लेकिन डिपो में महज 108 बसें ही हैं। 25 नई बसें आने के बाद बसों की संख्या बढ़कर 133 हो जाएगी, लेकिन यह भी स्वीकृत संख्या से 64 कम ही रहेंगी। रोडवेज अधिकारियों ने इस संबंध में 40 बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी थी, जिसमें फिलहाल 25 बसों की ही मंजूरी मिली है। अक्टूबर तक इन बसों के पहुंचने की उम्मीद है।
नई बसें आने से मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा
रोडवेज डिपो में नई बसें आने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। जिले के कई ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जहां एक भी बस नहीं जाती है। इन रूटों पर प्रतिदिन सैंकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए शहर आते हैं। बावजूद इसके इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया। जिससे विद्यार्थियों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई बसें आने से इन रूटों पर बस सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
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108 से बढ़कर 133 हो जाएगी संख्या
सोनीपत डिपो में अभी 108 बसें हैं। इसमें रोडवेज की 65 बसें, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत 43 बसें चल रही हैं। इनमें से भी कुछ बसें खराब ही रहती हैं। सोनीपत डिपो की 108 बसों में से 90 बसें ही रोजाना फेरे लगाती हैं। रोडवेज डिपो में 25 नई बसें पहुंचने के बाद बसों की संख्या बढ़कर 133 हो जाएगी। जिसके बाद बंद पड़े रूटों को भी शुरू किया जा सकेगा। वहीं लंबे रूटों पर भी बसों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। (संवाद)
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साल दर साल घटती गईं बसें
कुछ वर्ष पहले सोनीपत व गोहाना बस डिपो में करीब 260 बसें थी, जो हर साल कम होती चली गई। वर्तमान समय में सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में कुल 104 रोडवेज बसें हैं। जबकि यहां 63 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जहां बसें बढ़ाई जानी थी, वहां हर साल बसें कम होती चली गई। 25 नई बसें आने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
दस साल बाद कंडम हो जाती हैं बसें
नियमानुसार रोडवेज बस को 10 साल पूरे होने या 8 लाख किलोमीटर का सफर तय करने के बाद कंडम घोषित कर दिया जाता है। हालांकि 2 साल पहले यह समय सीमा 8 साल थी, दो साल पहले इस समय सीमा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया था। उस समय रोडवेज बस अड्डे पर 148 बसें 7 लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी। उच्चाधिकारियों ने इन बसों को दो साल ओर चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद ही अधिकतर रोडवेेज बसें बीच रास्ते में खराब होने लगी। डिपो की अधिकतर बसें तय समय-सीमा पूरी कर चुकी हैं।
जिले के रोडवेज डिपो की वर्तमान स्थिति
सोनीपत डिपो में रोडवेज बसें 65
किलोमीटर स्कीम के तहत बसें 43
रोडवेज डिपो में चालक 325
रोडवेज डिपो में परिचालक 275
वर्जन
रोडवेज डिपो में यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों की संख्या बेहद कम है। कई साल से नई बसें नहीं आई हैं। जिस कारण बसों की कमी बनी हुई है। मुख्यालय को 40 बसों की डिमांड भेजी गई थी। इसमें 25 बसों की स्वीकृत मिली है। इन बसों के डिपो में आने में करीब एक महीना ओर लग जाएगी।
-राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत