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Sonipat News: जिले में एक साल में बढ़ गए उच्च रक्तचाप के 2270 मरीज

Sat, 16 May 2026 05:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 16 May 2026 05:48 PM IST
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2270 patients of high blood pressure increased in the district in one year
फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। 40 साल की उम्र में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मरीजों में इजाफा हो रहा है। जीवन शैली में आए बदलाव व अनियमित खानपान के कारण लोग उच्च रक्तचाप के शिकार हो रहे हैं। एक साल में 2,270 नए हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीज मिल चुके हैं जबकि 15,752 मरीज जिला नागरिक अस्पताल से इलाज ले रहे हैं।
उच्च रक्तचाप की मुख्य वजह से स्ट्रोक, किडनी खराब होना, मधुमेह व हृदयाघात का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की एनसीडी क्लीनिक की ओर से 30 साल से ज्यादा लोगों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है।
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डॉक्टरों की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की सलाह दी जा रही है। विभाग की ओर से लगातार की जा रही स्क्रीनिंग के दौरान सामने आया है कि 30 साल या इससे ज्यादा उम्र के युवा भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
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मुस्कान खत्म होने से बढ़ी बीमारियां

चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा का कहना है कि मुस्कान खत्म होने से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तनाव में जीने से ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग और डिप्रेशन जैसी कई बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रक्तचाप से पीड़ित आते हैं।
हृदय रोग से संबंधित 20 से 25 लोग रोजाना उपचार कराने पहुंच रहे हैं। साथ ही मनोरोगियों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में लोगों को तनाव मुक्तजीवन के लिए हंसना जरूरी है।

उच्च रक्तचाप होने का सबसे बड़ा कारण दिनचर्या बदलने के साथ रोजाना व्यायाम न करना है। अधिक नमक युक्त भोजन करने से रक्तचाप अधिक रहता है। अगर हम स्वस्थ जीवन शैली अपनाते हैं तो उच्च रक्तचाप से बच सकते हैं। साथ ही लोगों में शुगर की भी समस्या आ रही है।
उच्च रक्तचाप से हृदयाघात, गुर्दे की बीमारी और उसका फेल होना, गर्भावस्था के दौरान दिक्कत, आंख की क्षति हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को तनावमुक्त करने के लिए विभाग की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे है। लोगों को एनसीडी क्लीनिक पर जाकर रक्तचाप व मधुमेह की जांच करना चाहिए।


जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से कैसे बचें



चिकित्सक डॉ. वृंदा ने बताया कि खराब खानपान की आदतें शरीर को बीमारियों के जाल में फंसा रही हैं। ठंड में तले-भुने, नमकीन और ज्यादा फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है। ज्यादा नमक ज्यादा घी-तेल ये सभी हाई बीपी को और खतरनाक बना देते हैं। इसके अलावा कम शारीरिक क्रियाएं, ज्यादा तनाव लेना, स्ट्रेस कम करने के लिए शराब और सिगरेट ज्यादा पीना, गलत समय पर खाना खाना और नींद की कमी के कारण जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बाहर का पैक्ड फूड, ड्रिंक्स और जंक फूड शरीर को खोखला बना रहे हैं। इससे बचने के लिए कम खाने और हेल्दी खाने की आदत बना लें। सप्ताह में 2-3 बार बीपी जरूर चेक करें। नियमित व्यायाम करें। नमक का सेवन सीमित रखें। एक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक न लें।
उच्च रक्तचाप के यह हैं कारण

तनाव, धूम्रपान, शराब पीना, अनियमित दिनचर्या, अनियमित खानपान



बचाव

दिन में नमक 5 ग्राम से कम खाना चाहिए, प्रतिदिन 30 मिनट योग व शारीरिक अभ्यास करना चाहिए, शराब, धूम्रपान नहीं करना चाहिए, चटनी का प्रयोग नहीं करना चाहिए, तले व भुने हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए






वर्जन
जिले में उच्च रक्तचाप के 18 हजार से ज्यादा मरीज हैं। लोगों को समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर दवा लेते रहने से लोग बीमारियों से दूर रह सकते हैं। सही खानपान, नियमित जांच और सावधानी अपनाकर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। -डॉ. वृंदा, इंचार्ज, एनसीडी क्लीनिक, जिला नागरिक अस्पताल।
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