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पहलवान बजरंग पूनिया को मिला पद्मश्री, हरियाणवी में बताई उपलब्धि
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पहलवान बजरंग पूनिया को मिला पद्मश्री, हरियाणवी में बताई गईं उपलब्धियां
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को दुनिया के नंबर वन पहलवान बजरंग पूनिया को पद्मश्री से नवाजा। इस दौरान पहलवान बजरंग की उपलब्धियों को हरियाणवी में बताया गया। बजरंग पूनिया को पद्मश्री मिलने से जहां घर में खुशी का माहौल है, वहीं उनको गुरु योगेश्वर दत्त समेत हर किसी ने बधाई दी है। बजरंग पूनिया मानते हैं कि इस पद्मश्री से ओलंपिक मेडल लाने के लिए हौसला बढ़ेगा।
झज्जर के गांव खुड्डन के रहने वाले बजरंग पूनिया का परिवार काफी समय से सोनीपत में रहता है। बजरंग पूनिया ऐसे पहलवान हैं, जिन्होंने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ ही एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। इन दोनों मेडल की खुशी के बाद बजरंग को उस समय मायूसी हुई थी, जब खेल रत्न का सबसे बड़ा दावेदार होने के बावजूद उनका इस सूची में नाम शामिल नहीं किया गया था। लेकिन उस मायूसी से उबरकर बजरंग ने अपने खेल पर ध्यान दिया और वह दुनिया के नंबर वन पहलवान बन गए। बजरंग पूनिया को खेल रत्न नहीं मिलने की मायूसी भी 25 जनवरी को खुशी में बदल गई थी, जब उनको पद्मश्री दिए जाने की घोषणा की गई। बजरंग पूनिया को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री देकर सम्मानित किया। बजरंग पूनिया कहते हैं कि यह पद्मश्री टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में मेडल की राह आसान करेगा, क्योंकि इस पद्मश्री से उनका हौसला बढ़ा है। बजरंग ने कहा कि इस सम्मान ने उनकी जिम्मेदारियों को ओर बढ़ा दिया है। यह सम्मान कुश्ती के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरणा देगा और खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाएगा। बजरंग को पद्मश्री मिलने के बाद परिवार के लोग खुशी मना रहे हैं तो उनको हर कोई बधाई दे रहा है। वहीं बजरंग को ओलंपिक मेडल का सबसे बड़ा दावेदार भी बताते हुए लोग बधाई दे रहे हैं।
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राष्ट्रपति नै हरियाणै कै पहलवान बजरंग पूनिया का पद्मश्री पुरस्कार तै सम्मान करा सै
जिस समय बजरंग पूनिया को पद्मश्री दिया गया, उस समय उनकी उपलब्धि हरियाणवी में बताई र्गइं। कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नै हरियाणै कै पहलवान बजरंग पूनिया का पद्मश्री पुरस्कार तै सम्मान करा सै। बजरंग पूनिया 65 किलोग्राम भार श्रेणी में भारत की ओर तै खेल्या करै। बजरंग पूनिया एशियाई खेलां अर राष्ट्रमंडल खेलां में आपणी पहलवानी के लिए जाणा जावै सै।
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किसान कंवल सिंह को 16 को राष्ट्रपति देंगे पद्मश्री
खेती को उद्योग से जोड़कर आय को कई गुना तक बढ़ाने वाले मनौली गांव के किसान कंवल सिंह चौहान को कृषि क्षेत्र में पद्मश्री देने की घोषणा की गई थी। कंवल सिंह चौहान को पद्मश्री के लिए 16 मार्च का बुलावा है, जिनको राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यह सम्मान देंगे। कंवल सिंह चौहान ने केवल खेती को उद्योग से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि अन्य किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर औद्योगिक खेती की तरफ लेकर आए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को दुनिया के नंबर वन पहलवान बजरंग पूनिया को पद्मश्री से नवाजा। इस दौरान पहलवान बजरंग की उपलब्धियों को हरियाणवी में बताया गया। बजरंग पूनिया को पद्मश्री मिलने से जहां घर में खुशी का माहौल है, वहीं उनको गुरु योगेश्वर दत्त समेत हर किसी ने बधाई दी है। बजरंग पूनिया मानते हैं कि इस पद्मश्री से ओलंपिक मेडल लाने के लिए हौसला बढ़ेगा।
झज्जर के गांव खुड्डन के रहने वाले बजरंग पूनिया का परिवार काफी समय से सोनीपत में रहता है। बजरंग पूनिया ऐसे पहलवान हैं, जिन्होंने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ ही एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। इन दोनों मेडल की खुशी के बाद बजरंग को उस समय मायूसी हुई थी, जब खेल रत्न का सबसे बड़ा दावेदार होने के बावजूद उनका इस सूची में नाम शामिल नहीं किया गया था। लेकिन उस मायूसी से उबरकर बजरंग ने अपने खेल पर ध्यान दिया और वह दुनिया के नंबर वन पहलवान बन गए। बजरंग पूनिया को खेल रत्न नहीं मिलने की मायूसी भी 25 जनवरी को खुशी में बदल गई थी, जब उनको पद्मश्री दिए जाने की घोषणा की गई। बजरंग पूनिया को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री देकर सम्मानित किया। बजरंग पूनिया कहते हैं कि यह पद्मश्री टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में मेडल की राह आसान करेगा, क्योंकि इस पद्मश्री से उनका हौसला बढ़ा है। बजरंग ने कहा कि इस सम्मान ने उनकी जिम्मेदारियों को ओर बढ़ा दिया है। यह सम्मान कुश्ती के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरणा देगा और खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाएगा। बजरंग को पद्मश्री मिलने के बाद परिवार के लोग खुशी मना रहे हैं तो उनको हर कोई बधाई दे रहा है। वहीं बजरंग को ओलंपिक मेडल का सबसे बड़ा दावेदार भी बताते हुए लोग बधाई दे रहे हैं।
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राष्ट्रपति नै हरियाणै कै पहलवान बजरंग पूनिया का पद्मश्री पुरस्कार तै सम्मान करा सै
जिस समय बजरंग पूनिया को पद्मश्री दिया गया, उस समय उनकी उपलब्धि हरियाणवी में बताई र्गइं। कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नै हरियाणै कै पहलवान बजरंग पूनिया का पद्मश्री पुरस्कार तै सम्मान करा सै। बजरंग पूनिया 65 किलोग्राम भार श्रेणी में भारत की ओर तै खेल्या करै। बजरंग पूनिया एशियाई खेलां अर राष्ट्रमंडल खेलां में आपणी पहलवानी के लिए जाणा जावै सै।
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किसान कंवल सिंह को 16 को राष्ट्रपति देंगे पद्मश्री
खेती को उद्योग से जोड़कर आय को कई गुना तक बढ़ाने वाले मनौली गांव के किसान कंवल सिंह चौहान को कृषि क्षेत्र में पद्मश्री देने की घोषणा की गई थी। कंवल सिंह चौहान को पद्मश्री के लिए 16 मार्च का बुलावा है, जिनको राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यह सम्मान देंगे। कंवल सिंह चौहान ने केवल खेती को उद्योग से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि अन्य किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर औद्योगिक खेती की तरफ लेकर आए हैं।