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बेटे की मौत के मामले में पैरवी करने पर बुजुर्ग को मिल रही धमकी
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:08 AM IST
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बेटे की मौत के मामले में पैरवी करने पर बुजुर्ग को मिल रही धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। सिसाना गांव के बुजुर्ग ने खरखौदा न्यायालय के नाम पत्र भेजकर न्याय दिलवाने की मांग की। उसने पत्र में लिखा कि बेटे की मौत के मामले में पैरवी करने पर उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में जज डॉ. कविता कंबोज ने संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता बुजुर्ग को कोर्ट में बुलवाकर उसके बयान दर्ज करवाए हैं।
सिसाना के उस बुजुर्ग ने सुरक्षा के मद्देनजर नाम सार्वजनिक नहीं करने का कोर्ट से भी आग्रह किया है। हालांकि कोर्ट में अपने बयान में उसने कहा कि 26 अगस्त को उसके बेटे को गांव के युवक बुलाकर ले गए और उसी रात घर से थोड़ी दूर उसके बेटे को गंभीर रूप से घायलावस्था में छोड़ दिया। उसके बारे में पता चलते ही वह उसे तुरंत रोहतक पीजीआई लेकर गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग ने उन युवकों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है जो उसे बुलाकर ले गए थे। वहीं पुलिस ने यह कहानी बना दी कि किसी बैल ने उसके बेटे को टक्कर मारकर घायल कर दिया और उस फाइल को बंद कर दिया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भी चक्कर कटवाए गए और चिकित्सकों ने पांच दिन बाद बताया कि रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। उसने जज को बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में स्पष्ट आया हुआ है कि सिर में कई स्थानों पर गहरी चोट लगने के कारण मौत हुई है। जबकि बैल लगभग पेट व अन्य स्थानों पर टक्कर मारता है। इस मामले को कोर्ट ने संज्ञान लेने के लिए दाखिल कर लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। सिसाना गांव के बुजुर्ग ने खरखौदा न्यायालय के नाम पत्र भेजकर न्याय दिलवाने की मांग की। उसने पत्र में लिखा कि बेटे की मौत के मामले में पैरवी करने पर उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में जज डॉ. कविता कंबोज ने संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता बुजुर्ग को कोर्ट में बुलवाकर उसके बयान दर्ज करवाए हैं।
सिसाना के उस बुजुर्ग ने सुरक्षा के मद्देनजर नाम सार्वजनिक नहीं करने का कोर्ट से भी आग्रह किया है। हालांकि कोर्ट में अपने बयान में उसने कहा कि 26 अगस्त को उसके बेटे को गांव के युवक बुलाकर ले गए और उसी रात घर से थोड़ी दूर उसके बेटे को गंभीर रूप से घायलावस्था में छोड़ दिया। उसके बारे में पता चलते ही वह उसे तुरंत रोहतक पीजीआई लेकर गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग ने उन युवकों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है जो उसे बुलाकर ले गए थे। वहीं पुलिस ने यह कहानी बना दी कि किसी बैल ने उसके बेटे को टक्कर मारकर घायल कर दिया और उस फाइल को बंद कर दिया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भी चक्कर कटवाए गए और चिकित्सकों ने पांच दिन बाद बताया कि रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। उसने जज को बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में स्पष्ट आया हुआ है कि सिर में कई स्थानों पर गहरी चोट लगने के कारण मौत हुई है। जबकि बैल लगभग पेट व अन्य स्थानों पर टक्कर मारता है। इस मामले को कोर्ट ने संज्ञान लेने के लिए दाखिल कर लिया है।
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