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Sonipat News: रेलवे स्टेशन पर पहुंचा 1480 मीट्रिक टन खाद का रैक
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फोटो 17- रेलवे स्टेशन पर लगे खाद के रैक से ट्रैक्टर-ट्राली में खाद लोड करते हुए। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। खरीफ सीजन में जिले के किसानों को खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए कृषि विभाग पर्याप्त मात्रा में खाद मंगवा रहा है। बुधवार को रेलवे स्टेशन पर 1480 मीट्रिक टन यूरिया खाद का रैक लगा, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन दिन में यह खाद जिले के विक्रेताओं तक पहुंच जाएगा।
खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इस सीजन में यूरिया के साथ डीएपी खाद की डिमांड में भी बढ़ जाती है। कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन पर डीएपी खाद का रैक लगा था, अब यूरिया खाद का रैक लगने से किसानों को राहत मिली है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि किसानों के सामने खाद की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मुहैया करवाया जाएगा। कोई भी किसान खाद का स्टॉक ना करें।
धान की सीधी बिजाई प्रक्रिया शुरू
जिले में अधिकतर किसान धान की खेती करते हैं। इस खरीफ सीजन में भी जिले में करीब 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती किए जाने का अनुमान है। इसमें से धान की सीधी बिजाई प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। अब तक करीब 10 हजार एकड़ भूमि के लिए किसानों ने आवेदन किए है। धान की रोपाई की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो जाएगी।
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किसानों को दिया नैनाे यूरिया का विकल्प
कृषि विभाग किसानों को जैविक खादों के इस्तेमाल के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। विभाग का लक्ष्य रासायनिक खाद की मांग को कम करना है। इसके लिए कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट शुरू किया है। किसानों को रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ती। दूसरी तरफ अधिकारी खाद की गुणवत्ता के लिए छापा मार अभियान चला रहे हैं। कृषि विभाग ने यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित करने का निर्णय लिया है।
खरीफ सीजन में किसानों को यूरिया व डीएपी खाद की किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को रेलवे स्टेशन पर यूरिया खाद का रैक लगा है। इससे पहले डीएपी खाद भी मंगवाया गया था। किसान आवश्यकता से अधिक खाद न खरीदें। जहां से भी खाद खरीदें, पक्का बिल अवश्य लें। किसानों से आह्वान है कि खाद का स्टॉक न करें। -
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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सोनीपत। खरीफ सीजन में जिले के किसानों को खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए कृषि विभाग पर्याप्त मात्रा में खाद मंगवा रहा है। बुधवार को रेलवे स्टेशन पर 1480 मीट्रिक टन यूरिया खाद का रैक लगा, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन दिन में यह खाद जिले के विक्रेताओं तक पहुंच जाएगा।
खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इस सीजन में यूरिया के साथ डीएपी खाद की डिमांड में भी बढ़ जाती है। कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन पर डीएपी खाद का रैक लगा था, अब यूरिया खाद का रैक लगने से किसानों को राहत मिली है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि किसानों के सामने खाद की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मुहैया करवाया जाएगा। कोई भी किसान खाद का स्टॉक ना करें।
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धान की सीधी बिजाई प्रक्रिया शुरू
जिले में अधिकतर किसान धान की खेती करते हैं। इस खरीफ सीजन में भी जिले में करीब 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती किए जाने का अनुमान है। इसमें से धान की सीधी बिजाई प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। अब तक करीब 10 हजार एकड़ भूमि के लिए किसानों ने आवेदन किए है। धान की रोपाई की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो जाएगी।
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किसानों को दिया नैनाे यूरिया का विकल्प
कृषि विभाग किसानों को जैविक खादों के इस्तेमाल के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। विभाग का लक्ष्य रासायनिक खाद की मांग को कम करना है। इसके लिए कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट शुरू किया है। किसानों को रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ती। दूसरी तरफ अधिकारी खाद की गुणवत्ता के लिए छापा मार अभियान चला रहे हैं। कृषि विभाग ने यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित करने का निर्णय लिया है।
खरीफ सीजन में किसानों को यूरिया व डीएपी खाद की किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को रेलवे स्टेशन पर यूरिया खाद का रैक लगा है। इससे पहले डीएपी खाद भी मंगवाया गया था। किसान आवश्यकता से अधिक खाद न खरीदें। जहां से भी खाद खरीदें, पक्का बिल अवश्य लें। किसानों से आह्वान है कि खाद का स्टॉक न करें। -
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।