{"_id":"5c082db7bdec224160711b8c","slug":"141544039863-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलमंत्री ने बदलवाई खेल नीति तो कोच कुलदीप को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलमंत्री ने बदलवाई खेल नीति तो कोच कुलदीप को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलमंत्री ने बदलवाई खेल नीति तो कोच कुलदीप को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। प्रदेश में भले ही सम्मान पाने के लिए कोच व खिलाड़ियों को जद्दोजहद करनी पड़ रही हो। लेकिन केंद्र में नौकरी करने वालों को खेल के लिए अच्छा करने पर नीतियां तक बदलवाई जा रही हैं। केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ऐसा ही कुछ भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच कुलदीप मलिक के लिए कराया है। जिनको आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने के लिए रेलवे की खेल नीति को बदला गया और उन बदली हुई नीतियों के तहत सबसे पहला प्रमोशन कुलदीप मलिक को दिया गया। कोच कुलदीप मलिक को ग्रुप सी से प्रमोशन देकर ग्रुप बी में पहुंचा दिया गया, जिसका पत्र भी उनको वीरवार को रेलवे के अधिकारियों ने सौंप दिया है।
देश में महिला कुश्ती को ऊंचाईयों पर पहुंचाने में रेलवे के कोच कुलदीप मलिक का अहम योगदान है। वह पिछले चार साल से ज्यादा समय से भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच है और उनके सिखाए दांवपेंच के कारण ही महिला पहलवान लगातार मेडल जीत रही हैं। ओलंपिक में साक्षी मलिक ने मेडल जीतकर जिस तरह से इतिहास रचा है, उस समय भी कुलदीप मलिक ही साक्षी के कोच थे। उसके बाद भी एशियन चैंपियनशिप 2018 में नवजौत कौर का गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स दोनों में विनेश फौगाट के गोल्ड मेडल, एशियन चैंपियनशिप (चार साल) में पूजा ढांडा का ब्रांज मेडल है। इनके अलावा भारतीय महिला पहलवानों ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2017 में 20 मेडल जीते थे जो एक रिकार्ड बन गया है। इसके साथ ही एशियन चैंपियनशिप 2017 में तीन सिल्वर व तीन ब्रांज मेडल जीते, एशियन चैंपियनशिप 2018 में एक गोल्ड, एक सिल्वर व एक ब्रांज जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में एक गोल्ड, दो सिल्वर, तीन ब्रांज मेडल तो एशियन गेम्स में एक गोल्ड व एक ब्रांज मेडल जीता। महिला पहलवानों के इन मेडल जीतने में कुलदीप मलिक की अहम भूमिका मानी गई है। इसके बाद भी रेलवे की नीतियों में केवल खिलाड़ियों को प्रमोशन दिया जा सकता था और कोच को प्रमोशन देने का कोई नियम नहीं था। यह देखकर ही केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे की नीतियों को बदलवाया और उसके बाद सबसे पहला प्रमोशन कोच कुलदीप मलिक को दिया गया है।
--
केंद्रीय रेलमंत्री ने रेलवे में प्रमोशन की नीतियों को बदलवाया है, जिससे मेरे रियो ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स के प्रदर्शन को देखते हुए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया। इसके लिए दिल्ली में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने पत्र सौंपा है और यह काफी खुशी की बात है कि रेलवे ने मेरी उपलब्धियों को देखते हुए सम्मान दिया। इसमें महिला पहलवानों से लेकर रेलमंत्री व अधिकारियों का सहयोग है। कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। प्रदेश में भले ही सम्मान पाने के लिए कोच व खिलाड़ियों को जद्दोजहद करनी पड़ रही हो। लेकिन केंद्र में नौकरी करने वालों को खेल के लिए अच्छा करने पर नीतियां तक बदलवाई जा रही हैं। केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ऐसा ही कुछ भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच कुलदीप मलिक के लिए कराया है। जिनको आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने के लिए रेलवे की खेल नीति को बदला गया और उन बदली हुई नीतियों के तहत सबसे पहला प्रमोशन कुलदीप मलिक को दिया गया। कोच कुलदीप मलिक को ग्रुप सी से प्रमोशन देकर ग्रुप बी में पहुंचा दिया गया, जिसका पत्र भी उनको वीरवार को रेलवे के अधिकारियों ने सौंप दिया है।
देश में महिला कुश्ती को ऊंचाईयों पर पहुंचाने में रेलवे के कोच कुलदीप मलिक का अहम योगदान है। वह पिछले चार साल से ज्यादा समय से भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच है और उनके सिखाए दांवपेंच के कारण ही महिला पहलवान लगातार मेडल जीत रही हैं। ओलंपिक में साक्षी मलिक ने मेडल जीतकर जिस तरह से इतिहास रचा है, उस समय भी कुलदीप मलिक ही साक्षी के कोच थे। उसके बाद भी एशियन चैंपियनशिप 2018 में नवजौत कौर का गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स दोनों में विनेश फौगाट के गोल्ड मेडल, एशियन चैंपियनशिप (चार साल) में पूजा ढांडा का ब्रांज मेडल है। इनके अलावा भारतीय महिला पहलवानों ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2017 में 20 मेडल जीते थे जो एक रिकार्ड बन गया है। इसके साथ ही एशियन चैंपियनशिप 2017 में तीन सिल्वर व तीन ब्रांज मेडल जीते, एशियन चैंपियनशिप 2018 में एक गोल्ड, एक सिल्वर व एक ब्रांज जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में एक गोल्ड, दो सिल्वर, तीन ब्रांज मेडल तो एशियन गेम्स में एक गोल्ड व एक ब्रांज मेडल जीता। महिला पहलवानों के इन मेडल जीतने में कुलदीप मलिक की अहम भूमिका मानी गई है। इसके बाद भी रेलवे की नीतियों में केवल खिलाड़ियों को प्रमोशन दिया जा सकता था और कोच को प्रमोशन देने का कोई नियम नहीं था। यह देखकर ही केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे की नीतियों को बदलवाया और उसके बाद सबसे पहला प्रमोशन कोच कुलदीप मलिक को दिया गया है।
विज्ञापन
--
केंद्रीय रेलमंत्री ने रेलवे में प्रमोशन की नीतियों को बदलवाया है, जिससे मेरे रियो ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स के प्रदर्शन को देखते हुए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया। इसके लिए दिल्ली में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने पत्र सौंपा है और यह काफी खुशी की बात है कि रेलवे ने मेरी उपलब्धियों को देखते हुए सम्मान दिया। इसमें महिला पहलवानों से लेकर रेलमंत्री व अधिकारियों का सहयोग है। कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती
विज्ञापन