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शिक्षण संस्थानों से सामने से हटनी चाहिए जंकफूड की दुकानें
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:22 AM IST
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शिक्षण संस्थानों से सामने से हटनी चाहिए जंकफूड की दुकानें: आचार्य देवव्रत
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वर्तमान खान-पान और दिनचर्या का जो तरीका बदला है वही शारीरिक व मानसिक रोगों का कारण बन गया है। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वे जंक फूड और कोल्ड ड्रिक्स से बचें और स्वस्थ समाज की रचना में अपना योगदान दें। राज्यपाल आचार्य देवव्रत शनिवार को हिंदू कन्या महाविद्यालय में आजादी बचाओ आंदोलन की ओर से आयोजित युवा स्वास्थ्य सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि मानव शरीर के रक्त में 80 प्रतिशत क्षारीय और 20 प्रतिशत अमलीय तत्व होते हैं और यह अनुपात कभी शरीर को रोगी नहीं होने देता है। लेकिन, जंक फूड में करीब 80 प्रतिशत अमलीय तत्व होते हैं, जिसके उपयोग से व्यक्ति स्वस्थ कैसे रह सकता है। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष पूर्व लोग कैंसर, डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसे असाध्य रोगों को नहीं जानते थे। लेकिन, अब ये सभी रोग सामान्य हो गए हैं, जिसका सभी को मिलकर कारण ढूंढना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों के सामने खोले गए जंक फूड सेंटर बंद किए जाने चाहिए, क्योंकि इसके उपयोग से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक कृषि को अपनाने का आह्वान किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आजादी बचाओ आंदोलन के सभी सदस्यों को ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य को संवारना सभी का सामूहिक दायित्व है, जिसके लिए हमें अधिक संजीदा होना पड़ेगा। देश को विश्व गुरू का दर्जा प्राप्त था, क्योंकि हम आर्थिक रूप से संपन्न थे और सभ्यता व सांस्कृतिक रूप से भी देशवासी विश्व का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने स्कूली बच्चों से जंक फूड से दूर रहने का आग्रह किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वर्तमान खान-पान और दिनचर्या का जो तरीका बदला है वही शारीरिक व मानसिक रोगों का कारण बन गया है। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वे जंक फूड और कोल्ड ड्रिक्स से बचें और स्वस्थ समाज की रचना में अपना योगदान दें। राज्यपाल आचार्य देवव्रत शनिवार को हिंदू कन्या महाविद्यालय में आजादी बचाओ आंदोलन की ओर से आयोजित युवा स्वास्थ्य सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि मानव शरीर के रक्त में 80 प्रतिशत क्षारीय और 20 प्रतिशत अमलीय तत्व होते हैं और यह अनुपात कभी शरीर को रोगी नहीं होने देता है। लेकिन, जंक फूड में करीब 80 प्रतिशत अमलीय तत्व होते हैं, जिसके उपयोग से व्यक्ति स्वस्थ कैसे रह सकता है। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष पूर्व लोग कैंसर, डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसे असाध्य रोगों को नहीं जानते थे। लेकिन, अब ये सभी रोग सामान्य हो गए हैं, जिसका सभी को मिलकर कारण ढूंढना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों के सामने खोले गए जंक फूड सेंटर बंद किए जाने चाहिए, क्योंकि इसके उपयोग से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक कृषि को अपनाने का आह्वान किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आजादी बचाओ आंदोलन के सभी सदस्यों को ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
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कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य को संवारना सभी का सामूहिक दायित्व है, जिसके लिए हमें अधिक संजीदा होना पड़ेगा। देश को विश्व गुरू का दर्जा प्राप्त था, क्योंकि हम आर्थिक रूप से संपन्न थे और सभ्यता व सांस्कृतिक रूप से भी देशवासी विश्व का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने स्कूली बच्चों से जंक फूड से दूर रहने का आग्रह किया।
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