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इनके साथ रियायत बरती गई तो समाज में जाएगा गलत संदेश, मां-बाप व मामा को उम्रकैद

Tue, 27 Feb 2018 01:40 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 01:40 AM IST
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इनके साथ रियायत बरती गई तो समाज में जाएगा गलत संदेश, मां-बाप व मामा को उम्रकैद
ऑनर किलिंग
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इनके साथ रियायत बरती गई तो समाज में जाएगा गलत संदेश, मां-बाप व मामा को उम्रकैद
किलोहड़द गांव में जहर देकर मारने के बाद शव का कर दिया था अंतिम संस्कार, दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। केस के तथ्य ऐसे नहीं है कि इनको मृत्युदंड दिया जाए। लेकिन इन्होंने अपनी मासूम बेटी का कत्ल किया है। इसलिए इनके साथ यदि कोई रियायत बरती गई तो समाज में गलत संदेश जाएगा। इसलिए दोषियों के चरित्र व केस को ध्यान में रखते हुए इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जाती है। यह टिप्पणी करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने प्रेम-प्रसंग के कारण बेटी की जहर खिलाकर हत्या करने के दोषी मां-बाप व मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियो पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।

किलोहड़द गांव के चौकीदार ने 12 जुलाई 2016 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि गांव की युवती जो डीएड की छात्रा थी, उसका डबरपुर के एक युवक से प्रेम प्रसंग था। युवती के परिजनों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने लडक़ी से झगड़ा किया था। उसने यह भी बताया था कि उसे जानकारी मिली है कि 8 जुलाई 2016 को उसके मां सुनीता, पिता मनोज और मामा जितेंद्र ने जहर देकर उसे मौत के घाट उतार दिया हेै। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जिन्होंने अपना जुर्म भी कबूल किया था। जिसके बाद पूछताछ में युवती के मामा जितेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने लड़की को जहर देकर कमरे में बंद कर दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। युवती की हत्या कर शव को जलाए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शमशान घाट से एफएसएल की टीम को बुलाकर सबूत जुटाए थे। एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद बुधवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस मामले में सोमवार को एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये व भादसं की धारा 201 में सात-सात वर्ष कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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