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हरियाणा व यूपी सीमा विवाद : निशानदेही के बाद भी नहीं मिला कब्जा
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हरियाणा-यूपी सीमा विवाद : निशानदेही के बाद भी नहीं मिला कब्जा
-दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अमले ने 20 दिसंबर को कराई थी निशानदेही
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए यमुना के पास निशानदेही कराने के बाद भी अभी तक कब्जा नहीं मिला है। दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अमले ने 20 दिसंबर को निशानदेही की थी। उसके बाद भी गांव मनौली के ग्रामीणों को कब्जा नहीं मिल पाया है। जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष है।
यूपी व हरियाणा सीमा पर जमीन को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें कई लोगों को चोट लगी थी। मनौली टौंकी के ग्रामीणों का आरोप था कि यूपी के बागपत से कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए है, इसको लेकर कई दिन तक मामला उलझा रहा। बाद में सोनीपत प्रशासन ने ग्रामीणों को कब्जा दिलवाया था। इसके बाद भी जमीन बंटवारे को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। इस विवाद को सुलझाने के लिए वीरवार को राई से गिरदावर अजीत सिंह व पटवारी राजमल अपनी टीम के साथ हरियाणा सीमा पर बसे मनौली टौंकी गांव के पास पहुंचे थे। यहां पर यूपी से भी टीम को बुलाया गया था। यूपी की तरफ से भी पटवारी व गिरदावर आए थे। दोनों टीमों ने अपनी-अपनी जमीन की निशानदेही की थी। हरियाणा की तरफ से गए गिरदावर व पटवारी ने अपने सीजरे के अनुसार अपनी जमीन की पैमाइश की, लेकिन असमंजस की स्थिति उस वक्त उत्पन्न हो गई थी जब यूपी की तरफ से आए पटवारी ने भी अपने सीजरे में हरियाणा की जमीन को अपना बताया था। उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में फैसला करने का निर्णय हुआ था। जिसके बाद से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। न ही किसानों को अब तक जमीन पर कब्जा मिल सका है।
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-दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अमले ने 20 दिसंबर को कराई थी निशानदेही
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए यमुना के पास निशानदेही कराने के बाद भी अभी तक कब्जा नहीं मिला है। दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अमले ने 20 दिसंबर को निशानदेही की थी। उसके बाद भी गांव मनौली के ग्रामीणों को कब्जा नहीं मिल पाया है। जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष है।
यूपी व हरियाणा सीमा पर जमीन को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें कई लोगों को चोट लगी थी। मनौली टौंकी के ग्रामीणों का आरोप था कि यूपी के बागपत से कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए है, इसको लेकर कई दिन तक मामला उलझा रहा। बाद में सोनीपत प्रशासन ने ग्रामीणों को कब्जा दिलवाया था। इसके बाद भी जमीन बंटवारे को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। इस विवाद को सुलझाने के लिए वीरवार को राई से गिरदावर अजीत सिंह व पटवारी राजमल अपनी टीम के साथ हरियाणा सीमा पर बसे मनौली टौंकी गांव के पास पहुंचे थे। यहां पर यूपी से भी टीम को बुलाया गया था। यूपी की तरफ से भी पटवारी व गिरदावर आए थे। दोनों टीमों ने अपनी-अपनी जमीन की निशानदेही की थी। हरियाणा की तरफ से गए गिरदावर व पटवारी ने अपने सीजरे के अनुसार अपनी जमीन की पैमाइश की, लेकिन असमंजस की स्थिति उस वक्त उत्पन्न हो गई थी जब यूपी की तरफ से आए पटवारी ने भी अपने सीजरे में हरियाणा की जमीन को अपना बताया था। उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में फैसला करने का निर्णय हुआ था। जिसके बाद से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। न ही किसानों को अब तक जमीन पर कब्जा मिल सका है।
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