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पुलिस टीम पर जानेलवा हमला करने वाले दस साल की कैद
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा की अदालत ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी मोनू को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 90 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
तत्कालीन सीआईए प्रभारी इंदीवर ने 11 अप्रैल, 2015 को थाना बरोदा पुलिस को बताया था कि उनकी टीम गोहाना के पास गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो बदमाश भंडेरी के पास से गुजरने वाले हैं। टीम ने तुरंत तत्कालीन एसआईटी गोहाना प्रभारी सत्यवान से संपर्क किया। इस पर दोनों टीमों ने गांव भंडेरी से कैहल्पा रोड पर नाकाबंदी कर दी। इसी बीच सड़क पर गुजर रही एक स्विफ्ट कार को देखकर पुलिस ने जब उसे रुकवाने का प्रयास किया था तो कार सवार युवकों ने पुलिस पर गोली चला दी थी। इसके बाद बदमाश भागने लगे थे तो पुलिस ने उनका पीछा किया था। पुलिस ने हवाई फायर करते हुए कुछ दूरी पर बदमाशों को धर दबोचा था। गिरफ्तार किए आरोपियों ने अपनी पहचान गांव प्रहलादपुर किडौली निवासी मुनेश और एक अन्य के रूप में दी थी। मुनेश लूटपाट के मामलों में वांछित था। पुलिस ने मुनेश के पास से अवैध हथियार बरामद किए थे।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे राजेश मल्होत्रा की अदालत ने मुनेश उर्फ मोनू को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 307 में दस साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, 353 में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और आर्म्स एक्ट में सात साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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तत्कालीन सीआईए प्रभारी इंदीवर ने 11 अप्रैल, 2015 को थाना बरोदा पुलिस को बताया था कि उनकी टीम गोहाना के पास गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो बदमाश भंडेरी के पास से गुजरने वाले हैं। टीम ने तुरंत तत्कालीन एसआईटी गोहाना प्रभारी सत्यवान से संपर्क किया। इस पर दोनों टीमों ने गांव भंडेरी से कैहल्पा रोड पर नाकाबंदी कर दी। इसी बीच सड़क पर गुजर रही एक स्विफ्ट कार को देखकर पुलिस ने जब उसे रुकवाने का प्रयास किया था तो कार सवार युवकों ने पुलिस पर गोली चला दी थी। इसके बाद बदमाश भागने लगे थे तो पुलिस ने उनका पीछा किया था। पुलिस ने हवाई फायर करते हुए कुछ दूरी पर बदमाशों को धर दबोचा था। गिरफ्तार किए आरोपियों ने अपनी पहचान गांव प्रहलादपुर किडौली निवासी मुनेश और एक अन्य के रूप में दी थी। मुनेश लूटपाट के मामलों में वांछित था। पुलिस ने मुनेश के पास से अवैध हथियार बरामद किए थे।
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मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे राजेश मल्होत्रा की अदालत ने मुनेश उर्फ मोनू को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 307 में दस साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, 353 में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और आर्म्स एक्ट में सात साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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