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एसआईटी की जांच से असंतुष्ट परिवार जाएगा हाईकोर्ट
जींद/ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2013 09:11 PM IST
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हरियाणा के जिला जींद के गांव बनियाखेड़ा की दलित युवती की 24 अगस्त को मौत के मामले की एसआईटी जांच से पीड़ित परिवार कतई सहमत नहीं है।
जांच रिपोर्ट के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए बनियाखेड़ा की पंचायत पीड़ित परिवार को साथ लेकर 17 अक्तूबर को जींद के डीसी और एसपी से मिलेगी।
परिवार ने साफ कहा है कि एसआईटी जांच के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। मामले की जांच दोबारा से हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से करवाने की मांग की जाएगी।
24 अगस्त को गांव बनियाखेड़ा की जेबीटी छात्रा अपनी पूरक परीक्षा देने के लिए जींद आई थी, लेकिन 25 अगस्त की सुबह जींद पुलिस ने गांव अमरहेड़ी के खेतों से छात्रा का शव बरामद किया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या व दुराचार का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन दलितों ने छात्रा का शव यह कहकर लेने से साफ इंकार कर दिया कि वे जींद सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम से सहमत नहीं है।
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27 अगस्त को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम हुआ। शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में 28 अगस्त को पोस्टमार्टम करवाया गया।
युवती के शव का अंतिम संस्कार करने की बजाय दलित संगठन ने धरना स्थल पर शव 30 अगस्त तक रखा रहा, लेकिन 30 अगस्त की देर रात एफएसएल मधुबन से रिपोर्ट आई कि युवती के साथ न तो दुराचार हुआ और न ही उसकी हत्या की गई है।
युवती की मौत जहर के सेवन से हुई है। 31 अगस्त को देर रात प्रशासन ने शव को गांव बनियाखेड़ा जैसे तैसे करके भिजवाया।
बताया जा रहा है कि गत सोमवार (14 अक्तूबर) को एसआईटी जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा के साथ न तो दुराचार हुआ और नहीं उसकी हत्या की गई है बल्कि छात्रा की मौत जहर के सेवन से हुई है। जांच रिपोर्ट में आत्महत्या की आशंका जताई गई है।
जींद के एसपी बलवान सिंह राणा ने कहा कि पूरे मामले की जांच एसआईटी ने ही की है। युवती ने किस हालात में जहर का सेवन किया है।
यह तो एसआईटी ही बता सकती है। अभी तक उनके कार्यालय में एसआईटी की रिपोर्ट में नहीं आई है।
लड़की के पिता सूरत सिंह ने कहा कि वे एसआईटी की जांच सहमत नहीं है। अपना पक्ष रखने के लिए 17 अक्तूबर को जींद के डीसी व एसपी से गांव की पंचायत को साथ लेकर मिला जाएगा।
अगर उसकी बेटी ने आत्महत्या की तो पुलिस को यह जांच भी तो करनी चाहिए कि आत्महत्या के पीछे कौन है।
मामले के पैरवीकार वकील रजत कल्सन ने कहा कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती है। एक सदस्यीय एसआईटी का गठन करके जांच की केवल खानापूर्ति करवा दी गई है।
इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गुजारिश की जाएगी कि सीबीआई से जांच करवाए।
मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं एडीसी
छात्रा की मौत, पुलिस लाठीचार्ज और रोडवेज बसों को क्षतिग्रस्त करने के मामले की जांच दलित संगठनों व पीड़ित परिवार की मांग पर जींद के अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर आर्य कर रहे हैं।
जांच में अतिरिक्त उपायुक्त रोडवेजकर्मियों व पीड़ित परिवार के बयान कलमबद्ध कर चुके हैं, जबकि पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के ब्यान अभी तक कलमबद्ध नहीं जा सके हैं।
आगामी 17 अक्तूबर को इसको लेकर तीन पक्षों को फिर बुलाया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर आर्य ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच अभी जारी है।
पीड़ित परिवार एम्स की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट की मांग कर रहा है
युवती का तीसरा पोस्टमार्टम एम्म दिल्ली में करवाया गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक परिजनाें को नहीं मिली है।
रिपोर्ट लेने को लेकर परिवार कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुका है, लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
यह रिपोर्ट लेने और एसआईटी जांच पूरी होने के बाद अपना पक्ष जींद के डीसी और एसपी के समक्ष रखने के लिए 17 अक्तूबर को पंचायत जींद आएगी।
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जांच रिपोर्ट के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए बनियाखेड़ा की पंचायत पीड़ित परिवार को साथ लेकर 17 अक्तूबर को जींद के डीसी और एसपी से मिलेगी।
परिवार ने साफ कहा है कि एसआईटी जांच के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। मामले की जांच दोबारा से हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से करवाने की मांग की जाएगी।
24 अगस्त को गांव बनियाखेड़ा की जेबीटी छात्रा अपनी पूरक परीक्षा देने के लिए जींद आई थी, लेकिन 25 अगस्त की सुबह जींद पुलिस ने गांव अमरहेड़ी के खेतों से छात्रा का शव बरामद किया था।
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पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या व दुराचार का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन दलितों ने छात्रा का शव यह कहकर लेने से साफ इंकार कर दिया कि वे जींद सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम से सहमत नहीं है।
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27 अगस्त को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम हुआ। शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में 28 अगस्त को पोस्टमार्टम करवाया गया।
युवती के शव का अंतिम संस्कार करने की बजाय दलित संगठन ने धरना स्थल पर शव 30 अगस्त तक रखा रहा, लेकिन 30 अगस्त की देर रात एफएसएल मधुबन से रिपोर्ट आई कि युवती के साथ न तो दुराचार हुआ और न ही उसकी हत्या की गई है।
युवती की मौत जहर के सेवन से हुई है। 31 अगस्त को देर रात प्रशासन ने शव को गांव बनियाखेड़ा जैसे तैसे करके भिजवाया।
बताया जा रहा है कि गत सोमवार (14 अक्तूबर) को एसआईटी जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा के साथ न तो दुराचार हुआ और नहीं उसकी हत्या की गई है बल्कि छात्रा की मौत जहर के सेवन से हुई है। जांच रिपोर्ट में आत्महत्या की आशंका जताई गई है।
जींद के एसपी बलवान सिंह राणा ने कहा कि पूरे मामले की जांच एसआईटी ने ही की है। युवती ने किस हालात में जहर का सेवन किया है।
यह तो एसआईटी ही बता सकती है। अभी तक उनके कार्यालय में एसआईटी की रिपोर्ट में नहीं आई है।
लड़की के पिता सूरत सिंह ने कहा कि वे एसआईटी की जांच सहमत नहीं है। अपना पक्ष रखने के लिए 17 अक्तूबर को जींद के डीसी व एसपी से गांव की पंचायत को साथ लेकर मिला जाएगा।
अगर उसकी बेटी ने आत्महत्या की तो पुलिस को यह जांच भी तो करनी चाहिए कि आत्महत्या के पीछे कौन है।
मामले के पैरवीकार वकील रजत कल्सन ने कहा कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती है। एक सदस्यीय एसआईटी का गठन करके जांच की केवल खानापूर्ति करवा दी गई है।
इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गुजारिश की जाएगी कि सीबीआई से जांच करवाए।
मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं एडीसी
छात्रा की मौत, पुलिस लाठीचार्ज और रोडवेज बसों को क्षतिग्रस्त करने के मामले की जांच दलित संगठनों व पीड़ित परिवार की मांग पर जींद के अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर आर्य कर रहे हैं।
जांच में अतिरिक्त उपायुक्त रोडवेजकर्मियों व पीड़ित परिवार के बयान कलमबद्ध कर चुके हैं, जबकि पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के ब्यान अभी तक कलमबद्ध नहीं जा सके हैं।
आगामी 17 अक्तूबर को इसको लेकर तीन पक्षों को फिर बुलाया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त जयबीर आर्य ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच अभी जारी है।
पीड़ित परिवार एम्स की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट की मांग कर रहा है
युवती का तीसरा पोस्टमार्टम एम्म दिल्ली में करवाया गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक परिजनाें को नहीं मिली है।
रिपोर्ट लेने को लेकर परिवार कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुका है, लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
यह रिपोर्ट लेने और एसआईटी जांच पूरी होने के बाद अपना पक्ष जींद के डीसी और एसपी के समक्ष रखने के लिए 17 अक्तूबर को पंचायत जींद आएगी।