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Sirsa News: वाल्मीकि समाज ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चौक पर लगाया जाम
Thu, 18 Jan 2024 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 18 Jan 2024 10:27 PM IST
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वाल्मीकि चौक पर किया गया रोड़ ब्लॉक
सिरसा। बुधवार देर शाम मंगलामुखी के दो गुटों में हुए झगड़े के बाद वीरवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने रोष प्रदर्शन किया और उसके बाद वाल्मीकि चौक पर जाम लगा दिया। चौक पर जाम लगे होने की सूचना मिलने के बाद शहर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
वहीं करीब एक घंटे तक चौक पर जाम लगा रहने से आसपास के बाजारों में विकट परिस्थितियां पैदा हो गईं। पुलिस ने किसी तरह से व्यवस्था को सुचारू करवाया। बता दें कि वाल्मीकि चौक क्षेत्र में बुधवार देर शाम को मंगलामुखी के दो गुटों में लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इस दौरान एक घर में तोड़-फोड़ और कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई थी। जिसमें एक युवक घायल हो गया था। घायल का नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसी से नाराज होकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने वीरवार को रोष प्रदर्शन किया और वाल्मीकि चौक पर जाम लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले में गंभीरता से जांच की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
घायलों ने सुनाई अलग-अलग कहानी
1: घायल युवक सन्नी ने बताया कि वह चौक पर खड़ा था। इस दौरान मंगलामुखी समुदाय के संजू महंत, कोमल महंत, बंटी महंत अपने 20 से 25 लोग के साथ गाड़ियों में बैठकर आए और वहां पर मंगलामुखी अनिल महंत के साथ मारपीट करने लगे। जब वह अनिल महंत को बचाने लगा तो उन्होंने उस पर भी हमला कर दिया।
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2 घायल इशिता के साथी अनिल कुमार ने बताया कि मंगलामुखी इशिता के पास बुधवार शाम को मंगलामुखी समाज के संजू महंत का फोन आया था। संजू ने उसे बातचीत के लिए वाल्मीकि चौक के पास स्थित मंदिर के पास बुलाया था। जब इशिता मंदिर के पास पहुंची तो वहां पर पहले से खड़े 20 से 25 लोगों ने लाठी डंडों से उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने इशिता को नागरिक अस्पताल पहुंचा।
दोनों पक्षों में ग्रीन बेल्ट से शुरू हुआ विवाद
इशिता के साथी अनिल कुमार ने बताया कि रानियां बाईपास पर ग्रीन बेल्ट पर हमारी देवी का मंदिर बनाने का कार्य चल रहा है। अपना कार्य जारी रखने को लेकर जब वे मंगलामुखी संजू महंत से बातचीत करने गए तो उसने कहा कि सिरसा मेरा एरिया है। इस पर मंदिर किससे पूछकर बनाया है। इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई थी। इसी बहस का परिणाम बुधवार देर शाम को किया गया हमला था।
नहीं हुई कार्रवाई तो शहर करेंगे बंद
वाल्मीकि चौक पर प्रदर्शन कर रहे विनोद कुमार, राकेश कुमार, नोरंग, सांगन, अनिल कुमार, आकाश आदि ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती पर बुधवार रात को मंगलामुखी संजू महंत व उसके लोगों ने हमला कर दिया। मंगलामुखी अनिल महंत वाल्मीकि समुदाय से है। ऐसे में मंगलामुखियों ने आपसी लड़ाई में वाल्मीकि बस्ती को निशाना बनाया गया है। जबकि दूसरे महंत अपने आप को सामान्य समुदाय से मानते हैं। बस्ती के लोगों ने पुलिस ने मांग की है कि हमला करने वाले मंगलामुखी संजू महंत व उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे पूरा शहर बंद कर देंगे।
बुधवार शाम को वाल्मीकि चौक पर बने पाथरी माता के मंदिर में माथा टेकने के लिए आए थे। उस दौरान सन्नी व उसका दोस्त अनिल बाबा जो अपने आप को मंगलामुखी बताता है उन्होंने हम पर ईंटें बरसानी शुरू कर दी। जिसमें किसी तरह हमने अपना बचाव किया। इसके बाद उन्होंने हमारे ऊपर हमला कर दिया। जब बीचबचाव करने लगे तो हाथापाई हो गई। मेरे ऊपर जो आरोप लगा रहे हैं वह सब झूठे हैं।
-संजू महंत, मंगलामुखी सिरसा
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वहीं करीब एक घंटे तक चौक पर जाम लगा रहने से आसपास के बाजारों में विकट परिस्थितियां पैदा हो गईं। पुलिस ने किसी तरह से व्यवस्था को सुचारू करवाया। बता दें कि वाल्मीकि चौक क्षेत्र में बुधवार देर शाम को मंगलामुखी के दो गुटों में लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इस दौरान एक घर में तोड़-फोड़ और कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई थी। जिसमें एक युवक घायल हो गया था। घायल का नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसी से नाराज होकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने वीरवार को रोष प्रदर्शन किया और वाल्मीकि चौक पर जाम लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले में गंभीरता से जांच की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
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घायलों ने सुनाई अलग-अलग कहानी
1: घायल युवक सन्नी ने बताया कि वह चौक पर खड़ा था। इस दौरान मंगलामुखी समुदाय के संजू महंत, कोमल महंत, बंटी महंत अपने 20 से 25 लोग के साथ गाड़ियों में बैठकर आए और वहां पर मंगलामुखी अनिल महंत के साथ मारपीट करने लगे। जब वह अनिल महंत को बचाने लगा तो उन्होंने उस पर भी हमला कर दिया।
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2 घायल इशिता के साथी अनिल कुमार ने बताया कि मंगलामुखी इशिता के पास बुधवार शाम को मंगलामुखी समाज के संजू महंत का फोन आया था। संजू ने उसे बातचीत के लिए वाल्मीकि चौक के पास स्थित मंदिर के पास बुलाया था। जब इशिता मंदिर के पास पहुंची तो वहां पर पहले से खड़े 20 से 25 लोगों ने लाठी डंडों से उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने इशिता को नागरिक अस्पताल पहुंचा।
दोनों पक्षों में ग्रीन बेल्ट से शुरू हुआ विवाद
इशिता के साथी अनिल कुमार ने बताया कि रानियां बाईपास पर ग्रीन बेल्ट पर हमारी देवी का मंदिर बनाने का कार्य चल रहा है। अपना कार्य जारी रखने को लेकर जब वे मंगलामुखी संजू महंत से बातचीत करने गए तो उसने कहा कि सिरसा मेरा एरिया है। इस पर मंदिर किससे पूछकर बनाया है। इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई थी। इसी बहस का परिणाम बुधवार देर शाम को किया गया हमला था।
नहीं हुई कार्रवाई तो शहर करेंगे बंद
वाल्मीकि चौक पर प्रदर्शन कर रहे विनोद कुमार, राकेश कुमार, नोरंग, सांगन, अनिल कुमार, आकाश आदि ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती पर बुधवार रात को मंगलामुखी संजू महंत व उसके लोगों ने हमला कर दिया। मंगलामुखी अनिल महंत वाल्मीकि समुदाय से है। ऐसे में मंगलामुखियों ने आपसी लड़ाई में वाल्मीकि बस्ती को निशाना बनाया गया है। जबकि दूसरे महंत अपने आप को सामान्य समुदाय से मानते हैं। बस्ती के लोगों ने पुलिस ने मांग की है कि हमला करने वाले मंगलामुखी संजू महंत व उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे पूरा शहर बंद कर देंगे।
बुधवार शाम को वाल्मीकि चौक पर बने पाथरी माता के मंदिर में माथा टेकने के लिए आए थे। उस दौरान सन्नी व उसका दोस्त अनिल बाबा जो अपने आप को मंगलामुखी बताता है उन्होंने हम पर ईंटें बरसानी शुरू कर दी। जिसमें किसी तरह हमने अपना बचाव किया। इसके बाद उन्होंने हमारे ऊपर हमला कर दिया। जब बीचबचाव करने लगे तो हाथापाई हो गई। मेरे ऊपर जो आरोप लगा रहे हैं वह सब झूठे हैं।
-संजू महंत, मंगलामुखी सिरसा