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Sirsa News: गांव वेदवाला में किसानों का धरना स्थगित, अधिकारियों और किसानों के बीच बनी सहमति
Wed, 19 Aug 2026 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:30 PM IST
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सिरसा धरने पर मौजूद किसान नेता गुरनाम सिंह चंढूनी व डीसी शांतनु शर्मा।
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10 दिन में किसान और अधिकारियों की टीम करेगी जमीन की रिवैल्यू, उसी आधार पर होगा आगामी निर्णय
जिलाधिकारी ने धरने पर बैठकर की घोषणा, किसानों ने किया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव वेदवाला में छह दिनों से चल रहा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के टावर गिराने की बात कहने के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया।
दोपहर दो बजे का समय किसानों ने प्रशासन को दिया था जिसके बाद दोपहर 3 बजे धरने पर उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण व अपर जिलाधिकारी अर्पित संगल पहुंचे। उन्होंने धरने पर किसानों को बनाई गई समिति के संबंध में अवगत करवाया।
इसके साथ ही अधिकारियों ने दस दिनों के अंदर पुन: जमीन की रिवैल्यूएशन कर रिपोर्ट सौंपने की बात कही। इस पर किसानों ने अपना धरना रिपोर्ट आने तक स्थगित कर दिया। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आगामी निर्णय लेने की बात कही। वहीं, टंकी पर चढ़े दोनों खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश भी नीचे उतर गए।
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बुधवार को टावर गिराने की सूचना मंगलवार रात को पुलिस व जिला प्रशासन को मिल गई थी। ऐसे में रात के तीन बजे तक किसानों को मनाने का प्रयास प्रशासन की ओर से किया गया। मगर कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
सुबह 200 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को गांव में तैनात कर दिया गया। टावरों के आसपास खेतों में बने कमरों और मोटरों में पुलिस कर्मचारी बैठे नजर आए। टावरों की ओर खेतों में जाने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात रही। जलघर के आसपास भी पुलिस मुस्तैद नजर आई।
टावर हटाने के लिए किसानों संगठनों से पहुंचने की अपील की गई थी। ऐसे में बड़े स्तर पर किसान संगठनों के नेता मौके पर पहुंचे। दोपहर दो बजे तक 250 से 300 के आसपास किसान, महिलाएं जमा हो गईं।
दोपहर दो बजे बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस संबंध में बातचीत हुई थी और अपर मुख्य सचिव भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के मुआवजे के लिए खड़ी हुई परेशानी एक नीति मैटर है।
इसको लेकर पुन: विचार किया जाएगा और उसमें सुधार करवाए जाएंगे। तब तक किसानों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा और स्थानीय प्रशासन को आदेश जारी किए गए हैं।
चढ़ूनी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें तीन किसान भी शामिल होंगे। पुन: किसानों की जमीनों की रिवैल्यूएशन करवाई जाएगी। 10 दिनों के अंदर यह समिति अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में किसानों की जमीन की वैल्यू लगाई गई थी। इसमें किसानों की ओर से वैल्यूअर ने 98 लाख रुपये प्रति एकड़ की कीमत लगाई थी जबकि बिजली बोर्ड के वैल्यूअर ने 1 करोड़ 78 लाख रुपये लगाई थी।
सरकार के नियमानुसार सबसे कम दर को अंतिम किया जाता है। इसी नियम से सब गड़बड़ हुई है। इसी में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धरनारत सभी लोगों की मांग थी कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस बारे में सभी को अवगत करवाएं।
इसलिए जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर आए और उन्होंने आश्वासन दिया है। ऐसे में अब धरना स्थगित किया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगामी प्रदर्शन या धरने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। इसमें तीन किसानों को शामिल किया जाएगा ताकि निष्पक्ष तौर पर जमीन की वैल्यू लगाई जा सके। 10 दिनों के अंदर-अंदर समिति अपनी रिपोर्ट देगी। उस रिपोर्ट से सभी को अवगत करवाया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने धरने पर बैठकर की घोषणा, किसानों ने किया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव वेदवाला में छह दिनों से चल रहा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के टावर गिराने की बात कहने के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया।
दोपहर दो बजे का समय किसानों ने प्रशासन को दिया था जिसके बाद दोपहर 3 बजे धरने पर उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण व अपर जिलाधिकारी अर्पित संगल पहुंचे। उन्होंने धरने पर किसानों को बनाई गई समिति के संबंध में अवगत करवाया।
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इसके साथ ही अधिकारियों ने दस दिनों के अंदर पुन: जमीन की रिवैल्यूएशन कर रिपोर्ट सौंपने की बात कही। इस पर किसानों ने अपना धरना रिपोर्ट आने तक स्थगित कर दिया। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आगामी निर्णय लेने की बात कही। वहीं, टंकी पर चढ़े दोनों खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश भी नीचे उतर गए।
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बुधवार को टावर गिराने की सूचना मंगलवार रात को पुलिस व जिला प्रशासन को मिल गई थी। ऐसे में रात के तीन बजे तक किसानों को मनाने का प्रयास प्रशासन की ओर से किया गया। मगर कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
सुबह 200 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को गांव में तैनात कर दिया गया। टावरों के आसपास खेतों में बने कमरों और मोटरों में पुलिस कर्मचारी बैठे नजर आए। टावरों की ओर खेतों में जाने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात रही। जलघर के आसपास भी पुलिस मुस्तैद नजर आई।
टावर हटाने के लिए किसानों संगठनों से पहुंचने की अपील की गई थी। ऐसे में बड़े स्तर पर किसान संगठनों के नेता मौके पर पहुंचे। दोपहर दो बजे तक 250 से 300 के आसपास किसान, महिलाएं जमा हो गईं।
दोपहर दो बजे बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस संबंध में बातचीत हुई थी और अपर मुख्य सचिव भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के मुआवजे के लिए खड़ी हुई परेशानी एक नीति मैटर है।
इसको लेकर पुन: विचार किया जाएगा और उसमें सुधार करवाए जाएंगे। तब तक किसानों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा और स्थानीय प्रशासन को आदेश जारी किए गए हैं।
चढ़ूनी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें तीन किसान भी शामिल होंगे। पुन: किसानों की जमीनों की रिवैल्यूएशन करवाई जाएगी। 10 दिनों के अंदर यह समिति अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में किसानों की जमीन की वैल्यू लगाई गई थी। इसमें किसानों की ओर से वैल्यूअर ने 98 लाख रुपये प्रति एकड़ की कीमत लगाई थी जबकि बिजली बोर्ड के वैल्यूअर ने 1 करोड़ 78 लाख रुपये लगाई थी।
सरकार के नियमानुसार सबसे कम दर को अंतिम किया जाता है। इसी नियम से सब गड़बड़ हुई है। इसी में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धरनारत सभी लोगों की मांग थी कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस बारे में सभी को अवगत करवाएं।
इसलिए जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर आए और उन्होंने आश्वासन दिया है। ऐसे में अब धरना स्थगित किया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगामी प्रदर्शन या धरने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। इसमें तीन किसानों को शामिल किया जाएगा ताकि निष्पक्ष तौर पर जमीन की वैल्यू लगाई जा सके। 10 दिनों के अंदर-अंदर समिति अपनी रिपोर्ट देगी। उस रिपोर्ट से सभी को अवगत करवाया जाएगा।