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सिविल अस्पताल में डेढ़ माह से खराब पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन, निजी केंद्रों पर जांच करवाने को मजबूर हैं मरीज
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सिरसा। नागरिक अस्पताल की एक मात्र अल्ट्रासाउंड मशीन बीते डेढ़ माह से खराब पड़ी है। इंजीनियर मशीन की जांच करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने अस्पताल के मशीन के ठीक होने तक अन्य स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन को पहुंचाने की जानकारी दी थी। लेकिन डेढ़ माह से न तो दूसरी मशीन पहुंच पाई है और न ही अस्पताल की मशीन को ठीक किया जा सका। ऐसे में मरीजों को निजी केंद्रों पर अधिक रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
अस्पताल के सेंटर में रोजाना करीब 250 गर्भवती महिलाएं इलाज और जांच के लिए पहुंचती है। इनमें से करीब 60 को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। जिले में एक मात्र सरकारी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीज परेशान हैं। सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जांच करवानी पड़ रही है। यहां उन्हें जांच के लिए अधिक राशि का भी भुगतान करना पड़ रहा है। हालांकि नागरिक अस्पताल में वहीं मरीज जांच के लिए पहुंचते है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
चक्कर काटने के मजबूर
गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब डॉक्टर उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहते हैं। लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने से उन्हें बाहर स्थित केंद्र पर जाना पड़ता है। उसके बाद फिर से वे अस्पताल में पहुंचती हैं। इस पूरी कवायद में रुपयों व समय के साथ-साथ चक्कर काटने पड़ते हैं। जो कार्य उनका एक घंटे में हो जाना चाहिए, उसके लिए काफी समय खराब हो जाता है।
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अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए सोमवार को इंजीनियरों के आने की संभावना है। दूसरे स्वास्थ्य केंद्र से मशीन भेजने की जानकारी दी थी लेकिन अभी तक नहीं आई है। इंजीनियरों द्वारा मशीन की जांच कर उसे ठीक किया जाएगा।
-डॉ. हरिंद्र कुमार, रेडियोलॉजिस्ट, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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अस्पताल के सेंटर में रोजाना करीब 250 गर्भवती महिलाएं इलाज और जांच के लिए पहुंचती है। इनमें से करीब 60 को अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। जिले में एक मात्र सरकारी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीज परेशान हैं। सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जांच करवानी पड़ रही है। यहां उन्हें जांच के लिए अधिक राशि का भी भुगतान करना पड़ रहा है। हालांकि नागरिक अस्पताल में वहीं मरीज जांच के लिए पहुंचते है जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
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चक्कर काटने के मजबूर
गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब डॉक्टर उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहते हैं। लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने से उन्हें बाहर स्थित केंद्र पर जाना पड़ता है। उसके बाद फिर से वे अस्पताल में पहुंचती हैं। इस पूरी कवायद में रुपयों व समय के साथ-साथ चक्कर काटने पड़ते हैं। जो कार्य उनका एक घंटे में हो जाना चाहिए, उसके लिए काफी समय खराब हो जाता है।
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अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए सोमवार को इंजीनियरों के आने की संभावना है। दूसरे स्वास्थ्य केंद्र से मशीन भेजने की जानकारी दी थी लेकिन अभी तक नहीं आई है। इंजीनियरों द्वारा मशीन की जांच कर उसे ठीक किया जाएगा।
-डॉ. हरिंद्र कुमार, रेडियोलॉजिस्ट, नागरिक अस्पताल सिरसा।