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Sirsa News: मेरी फसल मेरा ब्योरा के लिए आवेदन करने का समय खत्म
Sun, 27 Sep 2026 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:37 PM IST
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जिले के सभी सात ब्लॉकों में लिए गए आवेदन, किसान शाम पांच बजे तक आवेदन जमा करवाने पहुंचे
फोटो - 28
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के लिए आवेदन करने का समय समाप्त हो गया है। सात दिनों के लिए खुले पोर्टल के माध्यम से एसडीएम कार्यालय में आवेदन लिए गए थे। जिले के सभी सात ब्लॉकों में किसानों ने अपनी फसल का ब्योरा दर्ज करवाया।
जिले भर में 7 हजार से ज्यादा किसानों ने आवेदन जमा करवाए। रविवार देर शाम तक कर्मचारी इन आवेदनों के सत्यापन में लगे रहे। एसडीएम कार्यालय के अनुसार, सिरसा ब्लॉक में करीब 2000 किसानों ने आवेदन किया।
ई-दिशा केंद्र के कर्मचारी प्रतिदिन आने वाले आवेदनों का निपटान कर रहे हैं। आवेदन जमा होने के बाद फसल का सत्यापन तहसील कार्यालय को भेजा जाता है। रकबे की जांच के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होती है। इसके लिए आवेदनकर्ता से ओटीपी भी लिया जाता है।
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किसानों की नाराजगी
किसानों ने इस प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। किसान मुकेश कुमार और रामसिंह ने कहा कि सीएचसी से ब्योरा दर्ज करवाना आसान होता है। उन्होंने धान की बोआई तक ऑनलाइन पोर्टल खुला रखने की मांग की। किसानों का आरोप है कि सरकार सुविधा देने के बजाय उन्हें तंग कर रही है। इससे धांधली नहीं रुकती है।
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फोटो - 28
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के लिए आवेदन करने का समय समाप्त हो गया है। सात दिनों के लिए खुले पोर्टल के माध्यम से एसडीएम कार्यालय में आवेदन लिए गए थे। जिले के सभी सात ब्लॉकों में किसानों ने अपनी फसल का ब्योरा दर्ज करवाया।
जिले भर में 7 हजार से ज्यादा किसानों ने आवेदन जमा करवाए। रविवार देर शाम तक कर्मचारी इन आवेदनों के सत्यापन में लगे रहे। एसडीएम कार्यालय के अनुसार, सिरसा ब्लॉक में करीब 2000 किसानों ने आवेदन किया।
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ई-दिशा केंद्र के कर्मचारी प्रतिदिन आने वाले आवेदनों का निपटान कर रहे हैं। आवेदन जमा होने के बाद फसल का सत्यापन तहसील कार्यालय को भेजा जाता है। रकबे की जांच के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होती है। इसके लिए आवेदनकर्ता से ओटीपी भी लिया जाता है।
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किसानों की नाराजगी
किसानों ने इस प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। किसान मुकेश कुमार और रामसिंह ने कहा कि सीएचसी से ब्योरा दर्ज करवाना आसान होता है। उन्होंने धान की बोआई तक ऑनलाइन पोर्टल खुला रखने की मांग की। किसानों का आरोप है कि सरकार सुविधा देने के बजाय उन्हें तंग कर रही है। इससे धांधली नहीं रुकती है।