फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   The path to self-reliance emerged from the shine of shoes, Kamlesh of Ding grew in business by taking loan

Sirsa News: जूतियों की चमक से निकली स्वावलंबन की राह, कर्ज लेकर कारोबार में बढ़ीं डिंग की कमलेश

Tue, 26 Dec 2023 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 26 Dec 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
The path to self-reliance emerged from the shine of shoes, Kamlesh of Ding grew in business by taking loan
अनुपमा जाखड़
विज्ञापन

सिरसा। जीवन में कभी-कभी ऐसे पल आते हैं, जब हमें आत्मनिर्भरता की राह पर चलने का अवसर मिलता है। ऐसा ही अवसर गांव डिंग की कमलेश को मिला। इसके बाद कमलेश ने अपनी जूतियों को देशभर में पहुंचा दिया।

हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन से महज एक लाख लोन लेकर शुरू किए व्यवसाय से वह अब लाखों रुपये कमा रही है। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय गीता जयंती महोत्सव में एक से डेढ़ लाख रुपये की कमाई जूतियां बेचकर की। इसके अलावा कुरुक्षेत्र के गीता जयंती महोत्सव में ढाई लाख रुपये की कमाई की।
विज्ञापन


कमलेश के जुनून को देखकर गांव की चार और महिलाएं उसके साथ जुड़ गईं। अब पांचों महिलाएं मिलकर डिंग मंडी के आसपास क्षेत्र में जूतियां सप्लाई करती हैं। इतना ही नहीं, गांव डिंग की कमलेश ग्रुप की बनाईं जूतियां देश में हैदराबाद, भोपाल, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान तक जा रही हैं। यहां तक कि हैदराबाद, भोपाल, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में लगने वाले मेलों में विशेष रूप से डिंग की जूतियों की स्टॉल लगाई जाती है। कमलेश ने बताया कि इस काम में उसके साथ गांव की सुमन रानी, दर्शना, गोवंती, सुनीता भी जुड़ गईं। अब देश में लगने वाले सांस्कृतिक मेलों में जूतियां की स्टॉल लगाती है और अच्छी कमाई हो रही है। घर पर भी ऑर्डर आस-पास के शहरों से आते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


ऋण लेने के बाद धीरे-धीरे व्यवसाय को आगे बढ़ाया

कमलेश ने बताया कि उसका मायका गंगानगर में है। पिता व भाई जूतियां बनाने का काम करते हैं। वह भी घर पर उनका जूतियां बनाने में सहयोग करती थी। इसके बाद डिंग में पूनम चंद के साथ उसकी शादी हुई। पूनम चंद का पैतृक काम भी जूतियां बनाना है। कमलेश ने बताया कि 2019 में गांव में बनाए गए स्वयं सहायता समूह से वह जुड़ी। समूह में जुड़ने के बाद ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे में जानकारी मिली। उसने अपने पैतृक काम को आगे बढ़ाने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन से एक लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण लेने के बाद धीरे-धीरे व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज जूतियां की मांग देशभर में बढ़ रही है। अब उसने जूतियां बनाने के लिए दो आधुनिक मशीनें स्थापित की हैं।

इस प्रकार की बनाती हैं जूती



- काले चमड़े की पंजाबी जूती,

- जलसा जूती,



- एथनिक जूती,

- मोजरी जूती,



- लेदर जूती,

- पंजाबी खुसा,



- राजस्थान जूती

- नगीने वाली जूती



- कोहलापुरी चप्पल

दुकान से हर महीने 50 से 60 हजार रुपये की कर लेती हैं कमाई

कमलेश रानी व साथी महिलाएं मेलों में अपनी जूतियों का स्टाॅल लगाती है। कमलेश ने बताया कि प्रत्येक मेले से 2 से 3 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। एक जूती 200 रुपये में तैयार होती और दोगुने दाम में बिक जाती है। हर महीने दुकानों पर बिकने वाली जूतियों से महिलाएं 50 से 60 हजार रुपये की कमाई कर लेती हैं। सभी महिलाएं एक दिन में 20-25 जोड़ी जूतियां बनाती हैं। इसमें हाथ व मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।

2019 में ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़ी थी। उस समय में विभाग ने बताया कि महिलाएं ग्रुप के साथ जुड़कर अपना रोजगार भी खोल सकती है। इसके बाद विभाग से एक लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण से जूतियां बनाने का काम शुरू किया। धीरे- धीरे मेरे साथ 4 महिलाएं ओर साथ में जुड़ गईं। - कमलेश रानी।

गांव में कमलेश रानी को देखकर बहुत प्रेरणा मिली। इस प्रेरणा को पाकर खुद के मन में आया कि हमें भी कुछ करना चाहिए। इसलिए कमलेश के पास जाकर उनसे जूतियां बनाने का काम सिखाने के बारे में कहा। उन्होंने हां कर दी तो अब उनके साथ मिलकर काम सीख रही हूं और उनके साथ मेलों में भी जाती हूं।


-सुमन रानी।

हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से महिलाओं को रोजगार खोलने के लिए ऋण दिया जाता है। गांव डिंग की महिला कमलेश को विभाग की तरफ से 1 लाख रुपये का ऋण दिया गया है। महिला ने अपनी मेहनत से आपने काम में तरक्की और बैंक की मदद कारगर साबित हुई। महिलाओं की आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में बैंक हमेशा अग्रणी रहता है।

- दयानंद जांगड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण आजीविका मिशन सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed