फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   The minimum temperature of Sirsa district is less than 5 degrees

Sirsa News: ठंड से जनजीवन प्रभावित, छह दिनों से सिरसा जिले का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से कम

Sun, 22 Dec 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 22 Dec 2024 12:55 AM IST
विज्ञापन
The minimum temperature of Sirsa district is less than 5 degrees
सिरसा। कड़ाके की ठंड से क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पिछले छह दिनों से जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है। शनिवार सुबह धुंध छाई रही। इस दौरान 50 मीटर से भी कम दृश्यता रही। जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री और अधिकतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

सुबह चालकों को वाहनों की हेडलाइट जलाकर गुजरना पड़ा। सुबह 10:30 बजे के बाद ही सूर्य के दर्शन हो सके। धूप खिलने के कारण लोग पार्काें और घरों की छत पर घूमते नजर आए। धुंध के कारण कई रेलगाड़ियां एक से आधे घंटे तक की देरी से पहुंच सकीं। ऐसे में गंगानगर-दिल्ली वाया रेवाड़ी ट्रेन सुबह 35 मिनट देरी से, फाजिल्का-रेवाड़ी ट्रेन 40 मिनट और दिल्ली-बठिंडा किसान एक्सप्रेस ट्रेन 30 मिनट देरी से रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
विज्ञापन

एचएयू हिसार के मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदन लाल खिचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से रविवार से हवाओं में बदलाव आएगा। इससे उत्तर पूर्वी हवाएं चलने की संभावना है। इससे राज्य में रविवार रात से सोमवार तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस कारण सोमवार को क्षेत्र में कुछ एक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। 24 से 26 दिसंबर तक मौसम खुश्क रहने, उत्तरी और उत्तर पश्चिमी दिशा में ठंडी हवाएं चलने से रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान राज्य के कुछ एक क्षेत्रों में अलसुबह धुंध या स्मॉग रहने की संभावना है। 26 दिसंबर रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के मौसम में फिर से बदलाव संभावित है।





गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है कोहरा

घना कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अभी गेहूं की फसल में पानी की जरूरत है। धुंध पड़ने से गेहूं की फसल में पानी जरूरत भी कम होगी। इससे किसानों को पानी के खर्च की बचत होगी है। फसल में खाद भी कम डालनी पड़ेगी। कोहरे के दौरान गिरने वाली ओस से गेहूं और सब्जियों की फसलों की वृद्धि दर बढ़ेगी। ऐसे में होने वाली बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed