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Sirsa News: पवन हत्याकांड में जीत राम को उम्रकैद
Sat, 26 Sep 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:10 AM IST
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सिरसा। पवन हत्याकांड मामले में दोषी जीत राम को जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी को 25 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
इस मामले में सदर डबवाली थाना पुलिस ने 10 मार्च 2020 को हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में गांव चौटाला निवासी संदीप कुमार ने बताया था कि उसके छोटे भाई पवन का गांव के ही जीत राम की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग था।
दोनों शादी करना चाहते थे। इसी बात को लेकर जीत राम पवन से रंजिश रखने लगा था। संदीप के अनुसार 10 मार्च 2020 की शाम करीब पांच बजे वह अपने भाई पवन के साथ गांव के मुख्य बाजार से घर लौट रहा था। रास्ते में जीत राम व उसके दो साथियों ने उनका का रास्ता रोक लिया।
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इसी दौरान जीत राम ने पवन के सीने में चाकू घोंप दिया। इसके बाद जीत राम अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल पवन को उपचार के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदीप के बयान दर्ज कर जीत राम सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस जांच के दौरान जीत राम के दोनों अन्य साथियों को बेकसूर पाया गया, जबकि जीत राम को गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक पलविंद्र सिंह ने न्यायालय से दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने जीत राम को उम्रकैद की सजा सुना दी।
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इस मामले में सदर डबवाली थाना पुलिस ने 10 मार्च 2020 को हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में गांव चौटाला निवासी संदीप कुमार ने बताया था कि उसके छोटे भाई पवन का गांव के ही जीत राम की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग था।
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दोनों शादी करना चाहते थे। इसी बात को लेकर जीत राम पवन से रंजिश रखने लगा था। संदीप के अनुसार 10 मार्च 2020 की शाम करीब पांच बजे वह अपने भाई पवन के साथ गांव के मुख्य बाजार से घर लौट रहा था। रास्ते में जीत राम व उसके दो साथियों ने उनका का रास्ता रोक लिया।
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इसी दौरान जीत राम ने पवन के सीने में चाकू घोंप दिया। इसके बाद जीत राम अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल पवन को उपचार के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदीप के बयान दर्ज कर जीत राम सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस जांच के दौरान जीत राम के दोनों अन्य साथियों को बेकसूर पाया गया, जबकि जीत राम को गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक पलविंद्र सिंह ने न्यायालय से दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने जीत राम को उम्रकैद की सजा सुना दी।