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Sirsa News: महिला पार्षद खुद रात को उतरीं फील्ड में, पकड़वाए पशु
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पार्षद चंचल रानी पशु पकड़वाते हुए
सिरसा। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद सिरसा में पशु पकड़ो अभियान शुरू हो गया है। बुधवार रात को स्लम एरिया में आने वाले वार्ड दो में पशु पकडो अभियान विशेष रूप से चलाया गया। इस अभियान को कामयाब करने के लिए महिला पार्षद एडवोकेट चंचल रानी स्वयं रात को फील्ड में उतरी। उन्होंने पशु पकड़ने वाली टीम का हौसला बढ़ाया और पशु पकड़ने में टीम की मदद की।
रात को चार गाड़ियों में 33 पशुओं को पकड़वाया गया। इन पशुओं को शहर के अलग-अलग गोशालाओं में छोड़ा गया। पार्षद एडवोकेट चंचल रानी ने पशुओं को पकड़वाने के साथ-साथ अपना एक वीडियो शेयर किया। वीडियो के माध्यम से उन्होंने वार्ड के लोगों को जागरूक किया। उन्होंने अपील की है कि पशुपालक अपने पशुओं को खुला न छोड़े, घरों में बांधकर रखें।
यदि कोई खुला छोड़ेगा तो पशुओं को नगर परिषद की टीम उठाकर ले जाएगी। जुर्माना राशि जमा करवाने के बाद ही पशुओं को वापस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं के कारण हादसे होते है। वार्ड दो में बड़े स्तर पर बेसहारा व दुधारू पशु घूम रहे हैं। इनको पकड़वाना बेहद जरूरी है, अन्यथा यह हादसों को कारण बनते हैं।
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जिले भर की गोशालाओं का मिलेगा सहयोग
अधिकारियों के अनुसार गोशालाओं व नंदीशाला ने बेसहारा पशुओं के लिए अपनी स्वीकृति दी है। डिंग से लेकर अन्य आसपास की गोशालाओं व नंदीशालाओं में पशुओं को पहुंचाया जा रहा है। गोशालाओं ने सरकार का सहयोग करते हुए अपनी क्षमता के अनुसार पशु रखने की संख्या भेजी है।
व्यवस्था में किया सुधार
पशु पकड़ने के लिए गोरक्ष दल या अन्य संस्थाएं विरोध न जताएं और अभियान निरंतर जारी रह सके, इसके लिए पशु पकड़ने की व्यवस्था में सुधार किया गया है। पहले दो छोटी गाड़ियों में पशुओं को ठूंसा जाता था। अब दो से तीन पशुओं को गाड़ी की क्षमता अनुसार लोड किया जाता है। 10 के आसपास किलोमीटर या उससे ज्यादा की पशु को दूरी तय करनी पड़ती है, इसलिए चार गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टीम लगा दी गई है। जिन एरिया में सबसे ज्यादा दिक्कत है, पहले उन एरिया में पशुओं को पकड़कर गोशाला व नंदीशाला पहुंचाया जा रहा है।
- जयवीर सिंह, सीएसआई , नगर परिषद
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रात को चार गाड़ियों में 33 पशुओं को पकड़वाया गया। इन पशुओं को शहर के अलग-अलग गोशालाओं में छोड़ा गया। पार्षद एडवोकेट चंचल रानी ने पशुओं को पकड़वाने के साथ-साथ अपना एक वीडियो शेयर किया। वीडियो के माध्यम से उन्होंने वार्ड के लोगों को जागरूक किया। उन्होंने अपील की है कि पशुपालक अपने पशुओं को खुला न छोड़े, घरों में बांधकर रखें।
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यदि कोई खुला छोड़ेगा तो पशुओं को नगर परिषद की टीम उठाकर ले जाएगी। जुर्माना राशि जमा करवाने के बाद ही पशुओं को वापस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं के कारण हादसे होते है। वार्ड दो में बड़े स्तर पर बेसहारा व दुधारू पशु घूम रहे हैं। इनको पकड़वाना बेहद जरूरी है, अन्यथा यह हादसों को कारण बनते हैं।
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जिले भर की गोशालाओं का मिलेगा सहयोग
अधिकारियों के अनुसार गोशालाओं व नंदीशाला ने बेसहारा पशुओं के लिए अपनी स्वीकृति दी है। डिंग से लेकर अन्य आसपास की गोशालाओं व नंदीशालाओं में पशुओं को पहुंचाया जा रहा है। गोशालाओं ने सरकार का सहयोग करते हुए अपनी क्षमता के अनुसार पशु रखने की संख्या भेजी है।
व्यवस्था में किया सुधार
पशु पकड़ने के लिए गोरक्ष दल या अन्य संस्थाएं विरोध न जताएं और अभियान निरंतर जारी रह सके, इसके लिए पशु पकड़ने की व्यवस्था में सुधार किया गया है। पहले दो छोटी गाड़ियों में पशुओं को ठूंसा जाता था। अब दो से तीन पशुओं को गाड़ी की क्षमता अनुसार लोड किया जाता है। 10 के आसपास किलोमीटर या उससे ज्यादा की पशु को दूरी तय करनी पड़ती है, इसलिए चार गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।
- जयवीर सिंह, सीएसआई , नगर परिषद