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यहां का पानी पीते ही लोग हुए बेहोश
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Thu, 16 Oct 2014 11:57 PM IST
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क्षेत्र में जहरीले पानी के सेवन से एक मजदूर परिवार के आठ लोग बेहोश हो गए। इनमें से तीन की हालात गंभीर बनी हुई है।
सभी आठ पीड़ितों को बृहस्पतिवार सुबह दस बजे प्राथमिक उपचार के बाद सामान्य अस्पताल सिरसा के लिए रेफर कर दिया गया। जहां तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार शहर की हनुमानगढ़ रोड स्थित संत कबीर वृद्धाश्रम के नजदीक ढाणी कुलवंत सिंह में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला के घड़साना निवासी धर्म सिंह पुत्र सबेग सिंह अपने परिवार के सात अन्य सदस्यों के साथ मुजारे के तौर पर पिछले तीन-चार सालों से यहां खेती कार्य में लगा हुआ है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे धर्मसिंह ने खेत में पड़े एक खाली मटके को नलकूप की डिग्गी से पानी भर लिया। इसी पानी से घर में चाय बनाई गई।
चाय पीने के बाद परिवार के आठों सदस्यों धर्म सिंह, सबेग सिंह, अमरजीत कौर, हाकी, सिप्पु, संदीप, ममता व जीतू की हालत बिगड़ गई। एक-एक करके सभी बेहोश होने लगे।
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इसकी सूचना खेत मालिक कुलवंत सिंह को मिली तो वे अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। कुलवंत ने सभी को अन्य लोगों की मदद से ऐलनाबाद के सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा स्थित सामान्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डा. प्रमोद शर्मां ने बताया कि 55 वर्षीय धर्मं सिंह, 75 वर्षीय सबेग सिंह व 22 वर्षीय ममता (गर्भवती) की हालात गंभीर है।
कीटनाशक के प्रभाव की आशंका
ऐसा माना जा रहा है कि मजदूर परिवार ने खेत में पहले से पड़े जिस मटके का पानी के लिए उपयोग किया, उसमें फसलों पर छिड़कने के लिए कीटनाशक का घोल तैयार किया गया था।
मटके में कीटनाशक का प्रभाव था जो उसमें भरे पानी में मिल गया। इसी पानी की चाय पीकर परिवार के लोग बेहोश हुए।
सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. सुभाषिनी का कहना है कि तीन गंभीर मरीजों कोे आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य की हालात खतरे से बाहर है।
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सभी आठ पीड़ितों को बृहस्पतिवार सुबह दस बजे प्राथमिक उपचार के बाद सामान्य अस्पताल सिरसा के लिए रेफर कर दिया गया। जहां तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार शहर की हनुमानगढ़ रोड स्थित संत कबीर वृद्धाश्रम के नजदीक ढाणी कुलवंत सिंह में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला के घड़साना निवासी धर्म सिंह पुत्र सबेग सिंह अपने परिवार के सात अन्य सदस्यों के साथ मुजारे के तौर पर पिछले तीन-चार सालों से यहां खेती कार्य में लगा हुआ है।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे धर्मसिंह ने खेत में पड़े एक खाली मटके को नलकूप की डिग्गी से पानी भर लिया। इसी पानी से घर में चाय बनाई गई।
चाय पीने के बाद परिवार के आठों सदस्यों धर्म सिंह, सबेग सिंह, अमरजीत कौर, हाकी, सिप्पु, संदीप, ममता व जीतू की हालत बिगड़ गई। एक-एक करके सभी बेहोश होने लगे।
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इसकी सूचना खेत मालिक कुलवंत सिंह को मिली तो वे अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। कुलवंत ने सभी को अन्य लोगों की मदद से ऐलनाबाद के सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा स्थित सामान्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डा. प्रमोद शर्मां ने बताया कि 55 वर्षीय धर्मं सिंह, 75 वर्षीय सबेग सिंह व 22 वर्षीय ममता (गर्भवती) की हालात गंभीर है।
कीटनाशक के प्रभाव की आशंका
ऐसा माना जा रहा है कि मजदूर परिवार ने खेत में पहले से पड़े जिस मटके का पानी के लिए उपयोग किया, उसमें फसलों पर छिड़कने के लिए कीटनाशक का घोल तैयार किया गया था।
मटके में कीटनाशक का प्रभाव था जो उसमें भरे पानी में मिल गया। इसी पानी की चाय पीकर परिवार के लोग बेहोश हुए।
सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. सुभाषिनी का कहना है कि तीन गंभीर मरीजों कोे आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य की हालात खतरे से बाहर है।