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Sirsa News: नशे की तोड़ीं बेड़ियां, उपचार बना उम्मीद का सहारा, डबवाली के नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति कैंप में 225 लोगों का स्वास्थ्य जांचा
Tue, 06 Oct 2026 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:41 PM IST
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डबवाली। नशे की बेड़ियां तोड़कर जिंदगी की ओर लौटने की उम्मीद के बीच नागरिक अस्पताल डबवाली में लगे नशा मुक्ति कैंप में करीब 225 लोगों की चिकित्सकीय जांच हुई। जांच के बाद अधिक निगरानी और उपचार की जरूरत वाले दो लोगों को नशा मुक्ति वार्ड में भर्ती किया गया। मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाइयां भी दी गईं।
अस्पताल के एएसएमओ डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि हर मंगलवार और शुक्रवार को नशा मुक्ति कैंप लगाया जाता है। यहां मरीजों की जांच के साथ काउंसिलिंग भी होती है। पुलिस की नशा मुक्ति टीम भी सहयोग कर रही है।
उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी में हर सप्ताह 200 से अधिक लोग उपचार और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। जांच के दौरान प्रत्येक सप्ताह करीब एक-दो एचआईवी के मामले भी सामने आ रहे हैं। इनमें एक-दूसरे की इस्तेमाल की हुई सिरिंज लगाने से संक्रमण फैलने की बात सामने आ रही है।
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युवाओं से जानी नशे की जकड़न
कैंप में डॉ. हरसिमरन सिंह ने युवाओं से व्यक्तिगत बातचीत की। उन्होंने नशे की शुरुआत, मौजूदा परेशानियों और सामान्य जीवन में लौटने की इच्छा के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि नशे का असर व्यक्ति के साथ परिवार और समाज पर भी पड़ता है। इससे बाहर निकलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ परिवार का सहयोग जरूरी है। उन्होंने नशे से प्रभावित लोगों और परिजनों से समय रहते अस्पताल पहुंचने की अपील की। नियमित उपचार, काउंसिलिंग और सहयोग से सामान्य जीवन की ओर लौटना संभव है।
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अस्पताल के एएसएमओ डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि हर मंगलवार और शुक्रवार को नशा मुक्ति कैंप लगाया जाता है। यहां मरीजों की जांच के साथ काउंसिलिंग भी होती है। पुलिस की नशा मुक्ति टीम भी सहयोग कर रही है।
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उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी में हर सप्ताह 200 से अधिक लोग उपचार और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। जांच के दौरान प्रत्येक सप्ताह करीब एक-दो एचआईवी के मामले भी सामने आ रहे हैं। इनमें एक-दूसरे की इस्तेमाल की हुई सिरिंज लगाने से संक्रमण फैलने की बात सामने आ रही है।
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युवाओं से जानी नशे की जकड़न
कैंप में डॉ. हरसिमरन सिंह ने युवाओं से व्यक्तिगत बातचीत की। उन्होंने नशे की शुरुआत, मौजूदा परेशानियों और सामान्य जीवन में लौटने की इच्छा के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि नशे का असर व्यक्ति के साथ परिवार और समाज पर भी पड़ता है। इससे बाहर निकलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ परिवार का सहयोग जरूरी है। उन्होंने नशे से प्रभावित लोगों और परिजनों से समय रहते अस्पताल पहुंचने की अपील की। नियमित उपचार, काउंसिलिंग और सहयोग से सामान्य जीवन की ओर लौटना संभव है।