{"_id":"5dac615f8ebc3e93a629bb65","slug":"the-bull-eat-gold-sirsa-news-rtk5240432126","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला ने भूल से कचरे के साथ गली में फेंका सोना, सांड ने निगला, जानिए क्या हुआ आगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला ने भूल से कचरे के साथ गली में फेंका सोना, सांड ने निगला, जानिए क्या हुआ आगे
विज्ञापन
सांड को चारा खिलाते हुए।
- फोटो : Sirsa
शहर के वार्ड नंबर 6 में स्थित गली खेत्रपालवाली में एक बेहद ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। एक महिला ने भूल से सब्जियों के साथ सोना घर से बाहर फेंक दिया। गली में घूम रहे सांड ने सब्जियों के साथ चार तोले सोना निगल लिया। पारिवारिक सदस्यों ने सोने के आभूषणों की तलाश की तो सीसीटीवी कैमरे जांच करने के बाद पता चला कि वह सोना आवारा सांड ने सब्जियों के साथ निगल लिया है। परिवारजनों ने गलियों में घंटों घूमकर उस आवारा सांड की पहचान कर कड़ी मशक्कत से पकड़कर घर के पास खुली जगह पर बांध लिया और अब परिजनों की ओर से सांड को हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकलवाने के लिए काफी खातिरदारी कर रहे हैं।
जनकराज निवासी वार्ड नंबर 6 कालांवाली ने बताया कि बीती शुक्रवार को उसका परिवार किसी समारोह में शिरकत करके आया था। जिसके बाद उसकी पत्नी और पुत्रवधू सोने के ज्वैलरी उतारकर रसोई में कटोरी में रखकर सो गए। इस दौरान रसोई में सब्जी काटने पर छिलकों के नीचे सोने के ज्वैलरी वाली कटोरी छिप गई। जिसे उसकी बुजुर्ग मां ने उस सब्जी के छिलकों व अन्य बची सब्जियों व फल को गली में पशुओं के लिए बनाई जगह पर डाल दिया। जिसके कुछ मिनट बाद फिर जब उसकी बुजुर्ग मां गली में खड़ी थी तो उसकी नजर सोने के चमकते टप्स पर पड़ी तो उन्होंने वहां से टप्स को उठाकर परिवारजनों को दिखाया तो उन्हें पता चला कि रसोई में तो उन्होंने सोने के ज्वैलरी रखी थी। लेकिन रसोई में जाकर देखा तो वहां पर ज्वैलरी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि सोने की ज्वैलरी सब्जियों के कचरे के साथ बाहर फैंक दी गई है और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में एक आधी पूंछ कटे सांड ने निगला हैं। इसके बाद परिजनों ने आधी पूंछ कटे होने की निशानी पर कई गलियों में सांड की तीन घंटे तलाश की। शनिवार साढ़े तीन बजे आवारा सांड किसी गली में खुली जगह पर बैठा हुआ पाया गया। जिसके बाद आवारा सांड को इंजेक्शन लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद घर के पास खाली प्लाट में लाकर बांधा गया और चिकित्सक के अनुसार सांड को हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकलवाने के लिए काफी खातिरदारी की गई। लेकिन अभी तक सफलता न मिलने पर प्रयास जारी है।
पशु चिकित्सक ने बताये दो विकल्प
पशु चिकित्सक फतेहचंद ने बताया कि पशु के मुंह से होते हुए खाना तीन जगह पर जाता है। जिस दौरान पहले उसके मुंह से गले में और फिर गले से पेट में और पेट से पशु फिर उगाला करके मुंह में खाना लाने के बाद गोबर के रास्ते से बाहर आता है। पहले विकल्प के तौर पर पशु को हरा-चारा आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकाला जा सकता है। दूसरे विकल्प के तौर पर हिसार के पशु अस्पताल में जाकर पहले उसके पेट का एक्स-रे आदि करवाकर जांच करवा लो कि क्या उसके पेट में सोना है। यदि है तो ऑपरेशन के माध्यम से उसके पेट से सोना निकाला जा सकता है। लेकिन ऑपरेशन के बाद पशु की जान जाने का भी खतरा रहता है। जिस पर परिजनों ने बताया कि वह पहले विकल्प से ही सोने निकालने का प्रयास करेंगे। यदि फिर भी सोना नहीं निकलता तो वे दूसरे विकल्प का सहारा नहीं लेगेें। क्योंकि वह नहीं चाहते कि सोने के लिए किसी पशु की जान जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनकराज निवासी वार्ड नंबर 6 कालांवाली ने बताया कि बीती शुक्रवार को उसका परिवार किसी समारोह में शिरकत करके आया था। जिसके बाद उसकी पत्नी और पुत्रवधू सोने के ज्वैलरी उतारकर रसोई में कटोरी में रखकर सो गए। इस दौरान रसोई में सब्जी काटने पर छिलकों के नीचे सोने के ज्वैलरी वाली कटोरी छिप गई। जिसे उसकी बुजुर्ग मां ने उस सब्जी के छिलकों व अन्य बची सब्जियों व फल को गली में पशुओं के लिए बनाई जगह पर डाल दिया। जिसके कुछ मिनट बाद फिर जब उसकी बुजुर्ग मां गली में खड़ी थी तो उसकी नजर सोने के चमकते टप्स पर पड़ी तो उन्होंने वहां से टप्स को उठाकर परिवारजनों को दिखाया तो उन्हें पता चला कि रसोई में तो उन्होंने सोने के ज्वैलरी रखी थी। लेकिन रसोई में जाकर देखा तो वहां पर ज्वैलरी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि सोने की ज्वैलरी सब्जियों के कचरे के साथ बाहर फैंक दी गई है और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में एक आधी पूंछ कटे सांड ने निगला हैं। इसके बाद परिजनों ने आधी पूंछ कटे होने की निशानी पर कई गलियों में सांड की तीन घंटे तलाश की। शनिवार साढ़े तीन बजे आवारा सांड किसी गली में खुली जगह पर बैठा हुआ पाया गया। जिसके बाद आवारा सांड को इंजेक्शन लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद घर के पास खाली प्लाट में लाकर बांधा गया और चिकित्सक के अनुसार सांड को हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकलवाने के लिए काफी खातिरदारी की गई। लेकिन अभी तक सफलता न मिलने पर प्रयास जारी है।
विज्ञापन
पशु चिकित्सक ने बताये दो विकल्प
पशु चिकित्सक फतेहचंद ने बताया कि पशु के मुंह से होते हुए खाना तीन जगह पर जाता है। जिस दौरान पहले उसके मुंह से गले में और फिर गले से पेट में और पेट से पशु फिर उगाला करके मुंह में खाना लाने के बाद गोबर के रास्ते से बाहर आता है। पहले विकल्प के तौर पर पशु को हरा-चारा आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकाला जा सकता है। दूसरे विकल्प के तौर पर हिसार के पशु अस्पताल में जाकर पहले उसके पेट का एक्स-रे आदि करवाकर जांच करवा लो कि क्या उसके पेट में सोना है। यदि है तो ऑपरेशन के माध्यम से उसके पेट से सोना निकाला जा सकता है। लेकिन ऑपरेशन के बाद पशु की जान जाने का भी खतरा रहता है। जिस पर परिजनों ने बताया कि वह पहले विकल्प से ही सोने निकालने का प्रयास करेंगे। यदि फिर भी सोना नहीं निकलता तो वे दूसरे विकल्प का सहारा नहीं लेगेें। क्योंकि वह नहीं चाहते कि सोने के लिए किसी पशु की जान जाए।
विज्ञापन