फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   teachers training in atal tinkering lab

Sirsa News: अटल टिंकरिंग लैब के उद्देश्य, उपयोग नवाचार गतिविधियों की दी गई जानकारी

Sat, 16 May 2026 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 16 May 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
teachers training in atal tinkering lab
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप​स्थित विद्यालयों के ​शिक्षक।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। जिले में 12 से 15 मई तक उन 26 विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के लिए अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन दो केंद्रों राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा एवं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली में किया गया। दोनों केंद्रों पर 13-13 विद्यालयों से प्रत्येक विद्यालय के दो शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने भाग लिया।
विज्ञापन

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों एवं प्राचार्यों को अटल टिंकरिंग लैब के उद्देश्य, उपयोग, नवाचार आधारित गतिविधियों, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा स्टेम शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों एवं विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली में आयोजित अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत की। उनके साथ खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र जाखड़ एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों एवं प्राचार्यों से संवाद कर प्रशिक्षण संबंधी अनुभव एवं फीडबैक प्राप्त किया। अपने संबोधन में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि शिक्षक यहां से जो भी ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उसे विद्यालय स्तर पर अवश्य लागू करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल एवं इनोवेटिव दृष्टिकोण विकसित किया जाए ताकि वे नई-नई स्किल सीखकर भविष्य में आत्मनिर्भर एवं सफल बन सकें।

इस अवसर पर सभी शिक्षकों का आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें तथा उन्हें भविष्य का इनोवेटर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed