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सिरसा में 4 साल के मासूम की मौत: शिक्षक प्राचार्य के साथ बैठक में था व्यवस्थ, क्लास रूम में जमीन पर पड़ा मिला

Wed, 02 Jul 2025 11:45 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 02 Jul 2025 11:45 AM IST
सार

ऐलनाबाद में चलने वाले एक बड़े स्कूल ने गांव ममेरा खेड़ा में अपनी ब्रांच खोल रखी है। उस स्कूल में गांव मौजूखेड़ा के अरमान पुत्र सुखदेव सिंह चार वर्षीय व उसकी बड़ी बहन का दाखिला करवाया हुआ था।

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teachers busy in meeting with principal, a four year old child died due to negligence In Sirsa
मृतक - फोटो : संवाद

विस्तार

ऐलनाबाद में चार साल के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। पहले दिन स्कूल में गए बच्चे को लेकर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। क्योंकि आधे घंटे तक बच्चा स्कूल में बेहोश रहा है और किसी ने संभाला तक नहीं । पहला दिन होने के कारण प्राचार्य स्कूल में शिक्षकों की बैठक लेने में लगे रहे। बैठक खत्म होने के बाद बच्चे को संभाला गया और उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया।

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जहां से उसे सिरसा नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। सिरसा पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई थी। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए है। वहीं, चिकित्सकों की टीम आज बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करेगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।
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बता दें कि ऐलनाबाद में चलने वाले एक बड़े स्कूल ने गांव ममेरा खेड़ा में अपनी ब्रांच खोल रखी है। उस स्कूल में गांव मौजूखेड़ा के अरमान पुत्र सुखदेव सिंह चार वर्षीय व उसकी बड़ी बहन का दाखिला करवाया हुआ था। परिजनों के अनुसार अरमान घर से कुछ खाकर नहीं गया था। स्कूल में जाने के बाद वह क्लॉस में बेंच पर सो गया। शिक्षक प्राचार्य के बैठक लेने पर उसके कक्ष में चले गए। जहां से वापस आने पर बच्चा जमीन पर गिरा हुआ था। ऐसे में प्राचार्य को जैसे ही जानकारी मिली।
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वह स्वयं बच्चे को लेकर ऐलनाबाद के निजी अस्पताल पहुंचे। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां पर चिकित्सकों ने बच्चा की हालत देखकर उसे सीधे नागरिक अस्पताल सिरसा रेफर कर दिया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच की तो तब तक बच्चे की मौत हो गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में पुलिस को सूचित किया। जिसे बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम घर में रखवा दिया। 


यह उठते है सवाल
चार साल के बच्चे को पढ़ाने के लिए विशेष क्लॉस बनाई जाती है। इस दौरान एक केयर टेकर और शिक्षक दोनों तैनात होते है। बच्चा थोड़ा भी सुस्त पाया जाता है या एक्टिव नहीं होता है तो तुरंत परिजनों को फोन करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद भी अरमान के मामले में लापरवाही स्कूल प्रबंधन ने बरती। शिक्षक भले ही बैठक में थे, लेकिन केयर टेकर भी क्लॉस की निगरानी में नहीं थी। इसी से पता चलता है निजी स्कूलों में नियमों की कैसे पालना नहीं होती है।

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