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स्वर्णकारों ने पीड़ित परिवार के लिए मांगा एक करोड़ का मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:50 AM IST
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स्वर्णकारों ने पीड़ित परिवार के लिए मांगा एक करोड़ का मुआवजा
- फोटो : bureau
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ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में जान देने वाले डबवाली के स्वर्णकार जगदीश सोनी मामले में हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के स्वर्णकारों के गुस्से ने सियासत का पारा चढ़ा दिया है। शुक्रवार को सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने आए स्वर्णकारों ने पीएम मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सांत्वना देने आए एक भाजपा नेता को खूब खरी-खोटी सुनाई। स्वर्णकारों ने सरकार से मृतक को शहीद का दर्जा देने, पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी की मांग की है। कांग्रेस, इनेलो ने सरकार की तीखी आलोचना करते हुए उपरोक्त मांग का समर्थन किया है।
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भाजपा नेताओं को खरी खोटी सुनाई
स्वर्णकार जगदीश सोनी का पोस्टमार्टम करवाने के लिए हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के स्वर्णकार शुक्रवार सुबह से ही सिविल अस्पताल में जुटना शुरू हो गए थे। स्वर्णकारों को सांत्वना देने के लिए भाजपा नेता देवकुमार शर्मा अपने साथियों सहित मौके पर पहुंचे। स्वर्णकारों ने गुस्सा उपरोक्त नेता पर उतार दिया।
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नेता जी जैसे ही ढांढस बंधाने लगे तो स्वर्णकारों ने भाजपा नेता से पूछा कि हम एक माह से धरने पर बैठे हैं? आप एक दिन भी नहीं आए। विधानसभा चुनाव से पूर्व हमारी वोट हथियाने के लिए कितने चक्कर काटते थे। भाजपा नेता ने मामला केंद्रीय स्तर का होने की बात कहकर पिंड छुड़ाने का प्रयास किया।
स्वर्णकारों ने कहा कि हम तो डबवाली के हैं, वे स्थानीय स्तर पर उनकी मदद के लिए आगे आ सकते थे। आखिरकार भाजपा नेता ने हाथ जोड़कर अपनी भूल स्वीकार करते हुए सभी से माफी मांगी। स्वर्णकारों ने अस्पताल के भीतर ही नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रखा। पोस्टमार्टम होने के बावजूद शव नहीं उठाया।
स्वर्णकार शहर के गोल चौक पर शव रखकर जाम लगाने की योजना बना रहे थे। इस बीच गुप्तचर विभाग और इंटेलीजेंस सक्रिय हो गई। गुप्तचर विभाग ने स्वर्णकारों के मौजिज लोगों के साथ उच्च अधिकारियों की वार्ता करवाई। पूरी स्थिति पर डीआई यादविंद्र सिंह नजर बनाए हुए थे। पुलिस ने साफ कर दिया कि वे उनका दर्द समझ सकती है, लेकिन लॉ एंड ऑर्डर को बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगी। नेशनल हाईवे जाम करने पर वे मुजरिम बन जाएंगे, जिसके बाद स्वर्णकारों ने अपने कदम पीछे खींच लिए।
प्रशासन कहां है
स्वर्णकार द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण थी, लेकिन प्रशासन कहीं नजर नहीं आ रहा था। स्वर्णकारों ने भाजपा नेता से जवाबतलबी की। नेताजी के फोन करने के बाद तहसीलदार नौरंग दास और नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौके पर पहुंचे। स्वर्णकारों ने मांगें रखीं तो लिखकर देने के लिए कहा। दोपहर करीब 12.30 बजे पहुंचे दोनों अधिकारी ढांढस बंधाकर चलते बने।
गांधी चौक पर रखा शव
शवयात्रा निकालते हुए स्वर्णकार धरनास्थल गांधी चौक पर पहुंचे। चौक के बीचों-बीच शव को करीब आधा घंटा रोककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्वर्णकारों ने तहसीलदार नौरंग दास को मौके पर बुलाया। उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। स्वर्णकारों ने शव वाहन पर शहीद जगदीश सोनी अमर रहे, के पोस्टर चस्पा रखे थे। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों की मार्फत सीएम तक भेजा जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद शाम को डबवाली के रामबाग में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
हमने सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा राशि, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जगदीश सोनी को शहीद का दर्जा देने के साथ एक्साइज ड्यूटी समाप्त किए जाने की मांग की है। ये मांग श्रद्धांजलि समारोह तक पूरी हो जानी चाहिए, अन्यथा जो भी होगा, उसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी। -निर्मल सिंह कंडा, प्रधान स्वर्णकार संघ, डबवाली
केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे अपना निर्णय नहीं बदलेंगे। एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके बाद स्थिति काफी खराब हुई है। इसी का परिणाम है कि डबवाली के स्वर्णकार जगदीश सोनी को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। यह देश का पहला मामला है, जब किसी स्वर्णकार ने जान दी है।
सरकार की खराब नीतियों का प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्वर्णकार जगदीश सोनी ने शहादत दी है। इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। कांग्रेस स्वर्णकारों के साथ है। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा राशि, सरकारी नौकरी की मांग जायज है। हम समर्थन करते हैं। सरकार को तत्परता से यह काम करना चाहिए। -अशोक तंवर, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस
सरकार में संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है। गलत नीतियों के कारण किसान के बाद स्वर्णकार आत्महत्या को मजबूर हैं। हमारी सरकार के समय भी एक्साइज ड्यूटी लगी थी। हमने विरोध किया। सरकार ने जनभावनाओं की कद्र करते हुए अपना निर्णय वापस ले लिया, लेकिन भाजपा सरकार है कि मानने को तैयार नहीं। लोकतांत्रिक तरीके से स्वर्णकार अपनी मांग एक माह से रख रहे हैं, लेकिन सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुई है। पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि और नौकरी मिलनी चाहिए। उनकी अन्य मांगें भी पूरी होनी चाहिए, अन्यथा हम आंदोलन करेंगे। -डॉ. केवी सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
एक्साइज ड्यूटी की वजह से डबवाली में जगदीश सोनी ने आत्महत्या कर ली है। इसकी जानकारी सरकार तक पहुंचा दी गई है। स्वर्णकारों ने नौकरी, मुआवजा राशि और अन्य मांगें रखी हैं। इसे सीएम के समक्ष रखा जाएगा। पीड़ित परिवार की जितनी मदद हो सकी की जाएगी। -देवकुमार शर्मा, भाजपा नेता
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में मजबूर होकर आत्महत्या होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है। इनेलो पहले दिन से इस मामले में सरकार का विरोध कर रही है। -रणवीर राणा, वरिष्ठ नेता, इनेलो
डबवाली के स्वर्णकार को पड़ा दौरा
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जान देने वाले जगदीश सोनी के मामले की स्याही अभी सूखी भी नहीं है कि शुक्रवार को एक ओर स्वर्णकार को दौरा पड़ गया, जिसे उपचार के लिए डबवाली से रेफर किया गया। स्वर्णकार संघ डबवाली के महासचिव जगदीप सूर्या के अनुसार स्वर्णकार स्वरूप बांडी भी जगदीश सोनी की तरह लगातार परेशान थे।
अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए आए थे। जैसे ही वापस घर गए तो उन्हें दौरा पड़ गया। सरकार की गलत नीतियों से स्वर्णकारों के जीवन पर ग्रहण लग गया है।