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Sirsa News: नरमे का कम हुआ उत्पादन, बीते वर्ष से चार लाख 37 हजार क्विंटल घटी मंडी में आवक
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अनाज मंडी में नरमा लेकर पहुंचा किसान ।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। बारिश और बीमारी के कारण इस वर्ष नरमे का उत्पादन बेहद ही कम हुआ है। जिससे किसानों के साथ-साथ राजस्व को काफी नुकसान पहुंचा है। जिले में इस वर्ष मंडी में अब तक दो लाख 92 हजार क्विंटल की आवक हुई है। जबकि बीते वर्ष अब तक सात लाख 30 हजार क्विंटल की आवक हुई। मंडी में इस वर्ष चार लाख 37 हजार क्विंटल की आवक कम हुई है।
जिले में इस वर्ष बारिश अधिक होने के कारण किसानों के नरमे को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश अधिक होने से कई किसानों को तो नरमे की खेत में ही जुताई करने के बाद अन्य किसी फसल की बिजाई करनी पड़ी थी। जबकि कई किसानों ने तो शुरुआत में ही नरमे को खेत में जोत दिया था। जिसके कारण जिले में नरमे का उत्पादन भी बेहद कम हुआ। जिले में इस वर्ष एक हजार 92 हेक्टेयर में नरमे की बिजाई की गई थी। जबकि 92 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई। लेकिन बीमारी और बारिश अधिक होने से नरमे की पैदावार बीते वर्ष से बेहद कम हुई है। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है।
एक वर्ष में घटी चार लाख 37 हजार क्विंटल की आवक
उत्पादन कम होने के साथ ही नरमे की बिजाई करने वाले किसानों को इस वर्ष मंडी में इसका भाव भी कुछ खास नहीं मिल पाया है। नरमा उत्पादन करने वाले किसानों को इस वर्ष मंडी 8600 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार भाव मिल रहा है। हालांकि बीते वर्ष 12 से 13 हजार रुपये प्रति क्विंटल किसानों को मिला था। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी काफी लाभ मिला था। लेकिन इस वर्ष नरमे का भाव भी किसानों को कुछ खास नहीं मिल पाया है। इस वर्ष चार लाख 37 हजार क्विंटल धान की आवक मंडी में कम हुई है।
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किसान बोले: पहले कम हुई पैदावार, ऊपर से भाव भी बेहद कम
डिंग क्षेत्र के किसान किशन चंद, राम लाल, जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी तरफ से तीन तीन एकड़ नरमे की बिजाई की गई थी। बारिश अधिक होने के कारण कुछ नरमे के पौधे तो पहले ही सूख गए और बाद में बीमारी होने के कारण उत्पादन भी कम हुआ है। अब मंडी में भाव भी नाम मात्र ही नहीं मिल पाया है। जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
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जिले में इस वर्ष बारिश अधिक होने के कारण किसानों के नरमे को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश अधिक होने से कई किसानों को तो नरमे की खेत में ही जुताई करने के बाद अन्य किसी फसल की बिजाई करनी पड़ी थी। जबकि कई किसानों ने तो शुरुआत में ही नरमे को खेत में जोत दिया था। जिसके कारण जिले में नरमे का उत्पादन भी बेहद कम हुआ। जिले में इस वर्ष एक हजार 92 हेक्टेयर में नरमे की बिजाई की गई थी। जबकि 92 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई। लेकिन बीमारी और बारिश अधिक होने से नरमे की पैदावार बीते वर्ष से बेहद कम हुई है। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है।
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एक वर्ष में घटी चार लाख 37 हजार क्विंटल की आवक
उत्पादन कम होने के साथ ही नरमे की बिजाई करने वाले किसानों को इस वर्ष मंडी में इसका भाव भी कुछ खास नहीं मिल पाया है। नरमा उत्पादन करने वाले किसानों को इस वर्ष मंडी 8600 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार भाव मिल रहा है। हालांकि बीते वर्ष 12 से 13 हजार रुपये प्रति क्विंटल किसानों को मिला था। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी काफी लाभ मिला था। लेकिन इस वर्ष नरमे का भाव भी किसानों को कुछ खास नहीं मिल पाया है। इस वर्ष चार लाख 37 हजार क्विंटल धान की आवक मंडी में कम हुई है।
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किसान बोले: पहले कम हुई पैदावार, ऊपर से भाव भी बेहद कम
डिंग क्षेत्र के किसान किशन चंद, राम लाल, जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी तरफ से तीन तीन एकड़ नरमे की बिजाई की गई थी। बारिश अधिक होने के कारण कुछ नरमे के पौधे तो पहले ही सूख गए और बाद में बीमारी होने के कारण उत्पादन भी कम हुआ है। अब मंडी में भाव भी नाम मात्र ही नहीं मिल पाया है। जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ा है।